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मोदी सरकार के आधे मन्‍त्री सोशल मीडिया में हुए पूरी तरह से फेल

नर्इ दिल्लीः भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने भले ही फेसबुक पर 1 करोड़ फॉलोअर्स का आंकड़ा पार कर लिया हो लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्रिमंडल के अधिकतर सदस्य पी.एम. की सलाह के बावजूद सोशल मीडिया पर फिसड्डी नजर आ रहे हैं। केंद्रीय कैबिनेट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा 24 कैबिनेट मंत्री, 12 अतिरिक्त प्रभार के मंत्री व 36 राज्यमंत्री हैं। पूरी कैबिनेट में से करीब 40 मंत्री ऐसे हैं, जो प्रधानमंत्री द्वारा तय की गई सोशल मीडिया की कसौटी पर खरे नहीं उतरे हैं। मोदी के कई मंत्री तो सोशल मीडिया पर आधिकारिक तौर पर उपस्थित ही नहीं हैं, यानी इन मंत्रियों का अकाऊंट वैरीफाइड नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल अप्रैल महीने में भाजपा के सांसदों और मंत्रियों को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने की ताकीद की थी लेकिन इस ताकीद का जमीन पर बहुत ज्यादा असर नजर नहीं आ रहा।

टिकट के लिए कमजोर होगी दावेदारी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल अप्रैल में पार्टी के 282 लोकसभा सदस्यों और कैबिनेट के तमाम मंत्रियों को सोशल मीडिया के साथ जुडऩे का आदेश दिया था। मोदी ने साफ किया था कि सारे मंत्री और सांसद अपनी गतिविधियों की सारी जानकारी फोटो समेत सोशल मीडिया के जरिए लोगों के साथ शेयर करें। मोदी ने इस बात पर जोर दिया था कि 2014 के चुनाव में सोशल मीडिया पर पार्टी की भारी मौजूदगी के चलते ही चुनाव में इतनी बड़ी सफलता मिली थी। लिहाजा सोशल मीडिया के महत्व को पार्टी के नेता नकार कर न चलें लेकिन मोदी की इस अपील का ज्यादा असर होता नजर नहीं आ रहा क्योंकि कैबिनेट के अधिकतर सदस्य अभी भी सोशल मीडिया को लेकर पार्टी और प्रधानमंत्री की कसौटी पर खरे नहीं उतर रहे। लिहाजा अगले चुनाव के दौरान इन सारे सांसदों व मंत्रियों की दावेदारी कमजोर होगी जो लोग सोशल मीडिया पर सक्रिय नहीं हैं।

मोदी का मंत्र भूले, फिर भी पार्टी कांग्रेस से मजबूत
भाजपा के सांसदों और मंत्रियों ने भले ही प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया से जुडऩे के मंत्र को नजरअंदाज कर दिया हो लेकिन कांग्रेस की निष्क्रियता के चलते पार्टी अभी भी सोशल मीडिया पर कांग्रेस के मुकाबले काफी आगे है। फेसबुक पर कांग्रेस पार्टी के कुल 44,96,534 लाइक्स हैं जबकि ट्विटर पर 21 लाख लोग कांग्रेस को फॉलो कर रहे हैं लेकिन भाजपा इसके मुकाबले काफी आगे है। भाजपा के फेसबुक पर 1,33,55,719 लाइक्स हैं जबकि ट्विटर पर पार्टी को 57 लाख लोग फॉलो कर रहे हैं। यही हाल पार्टी के शीर्ष नेताओं का भी है। भाजपा का चेहरा व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को फेसबुक पर 4,26,61,744 लाइक्स मिले हैं तथा ट्विटर पर प्रधानमंत्री को 3 करोड़ 22 लाख लोग फॉलो करते हैं जबकि राहुल गांधी ट्विटर पर सिर्फ 26 लाख लोगों की पसंद हैं और उन्हें फेसबुक पर 13,23,617 लाइक्स मिले हैं। भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह भी राहुल गांधी से इस मामले में आगे हैं। उन्हें फेसबुक पर 1,00,42,132 लाइक्स मिले हैं जबकि ट्विटर पर उन्हें 59 लाख लोग फॉलो करते हैं।

कांग्रेस ने बनानी शुरू की नई रणनीति
पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दक्षिण भारत की अभिनेत्री से राजनीति में आई 34 वर्षीय कन्नड़ स्टार राम्या को सोशल मीडिया की जिम्मेदारी दी है। राम्या ने 2012 में पार्टी ज्वाइन की थी और वह मांड्या लोकसभा क्षेत्र से पार्टी की सांसद हैं। राम्या को दीपेन्द्र हुड्डा की जगह मई में यह जिम्मेदारी दी गई और उनके जिम्मेदारी संभालने के बाद कांग्रेस की सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ी है तथा पार्टी आए दिन ट्विटर पर भाजपा की मुहिम का जवाब दे रही है। राम्या के ट्विटर पर 56,349 फॉलोअर्स हैं और वह खुद ट्विटर पर रोजाना सक्रिय रहती हैं। वह पार्टी की गतिविधियों की तमाम फोटो व वीडियो ट्विटर पर शेयर करती हैं।
भाजपा का सोशल मीडिया सैल सक्रिय
गुजरात विधानसभा चुनाव के निकट आते ही भाजपा का सोशल मीडिया सैल एक बार फिर सक्रिय हो गया है। यह सैल पिछले कुछ समय से चुनाव गतिविधियां न होने के कारण निष्क्रिय हो गया था। गुजरात में पार्टी का पक्ष व कार्यक्रम लोगों के सामने रखने से पहले भाजपा के डिजीटल सैल द्वारा बनाए गए अलग-अलग पेजों के जरिए देशभक्ति के गीत व अन्य ऐसी सामग्री शेयर की जा रही है जिससे लोग भावनात्मक रूप से पार्टी से जुड़ें। बताया जा रहा है कि गुजरात व हिमाचल के चुनाव के बाद 2018 के विधानसभा व 19 के लोकसभा चुनाव के लिए भी सोशल मीडिया सैल ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। इसी सैल ने सरकार के 3 साल पूरे होने के बाद सोशल मीडिया में सरकार की उपलब्धियां पहुंचाने का काम शुरू किया था।

क्या कहती है डिजीटल सैल की रिपोर्ट
भाजपा के डिजीटल सैल ने पिछले साल 6 पन्ने की एक रिपोर्ट तैयार की थी जिसमें पार्टी के 282 सांसदों की सोशल मीडिया पर मौजूदगी को लेकर रिपोर्ट दी गई थी। इस रिपोर्ट में लिखा गया था कि उत्तर प्रदेश के 71 में से 43 भाजपा सांसद सोशल मीडिया पर सक्रिय नहीं हैं जबकि राजस्थान के 25 में से 10 सांसदों का ट्विटर अकाऊंट भी नहीं है। इस रिपोर्ट के बाद ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुद सांसदों को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने का मंत्र दिया था लेकिन इस मंत्र के 14 महीने के बाद ही मोदी की कैबिनेट के कई मंत्रियों का ट्विटर अकाऊंट वैरीफाई नहीं हो पाया है और न ही इन अकाऊंट्स में निरंतर गतिविधियां हो रही हैं।

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