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चाइनीज पिस्‍टल की तस्‍करी में कैरियर है एसएसबी जवान का भाई ?

  •  थ्री आर डी पु‍ल के पास रोज देर रात करता है तस्‍करों के सरगना से मीटिंग
  • यहीं से चलवाता है बोलेरो गाड़ी, पांचवी फेल कैरियर करता है मैकेनिक का काम

मोहन श्याम गौड़

वाल्मिकीनगर, पश्चिमी चम्पारन, बिहार।

नेपाल-बिहार सीमा से सटे पश्चिमी चम्पारन जनपद के वाल्मिकीनगर नामक टापू पर जो बीते पन्द्रह साल से चाइनीज पिस्टल की तस्करी का खेल खेला जा रहा है। उसे और बेहतर बनाने के लिए पांचवी कक्षा फेल तस्करों का सरगना नित नये-नये हथकण्डे अपनाता है। अपने इस काम में अपना एक मोहरा उसने एसएसबी के जवान के भाई को भी बना लिया है। विश्‍वस्‍त सूत्रों की मानें तो वह असलहा तस्‍करी में कैरियर का काम करता है।

अतिगोपनीय सूत्रों की माने तो वाल्मिकीनगर के गोलचौक के पास टीएफटी कालोनी  के डेरे में रहता है। वह शख्स थ्रीआरडी पुल के पास देर रात तक असलहा तस्कर के साथ मीटिगं करता हुआ देखा जाता है। लोगों की मानें तो उक्‍त शख्स का छोटा भाई एसएसबी का जवान बताया जाता है।  उक्त एसएसबी के जवान के भाई के पास एक बोलेरो है। साथ ही वह मिस्‍त्री का काम भी करता है। इन चीजों से उसकी आमदनी कुछ ज्‍यादा नहीं होती है। सूत्रों की मानें तो उसकी इसी कमजोरी का लाभ उठाते हुए  पॉचवी फेल उक्त असलहा तस्कर अच्छी कमाई का लालच दिखाकर उसे अपना कैरियर बना लिया ।  उक्त एसएसबी के जवान का भाई चारपहिया वाहनों का मकैनिक भी है। किसी गाड़ी में असलहा छिपाना मैकेनिक के लिये काफी आसान होता है । अपनी इस योग्‍यता का परिचय वह असलहा की तस्‍करी में खूब करता है। अपने हुनर के बदले वह अच्‍छी खासी रकम पता है। गौरतलब है कि असलहा तस्कर की तरह ही एसएसबी के जवान का मैकेनिक भाई भी पॉचवी फेल बताया जाता है।सवाल यह उठता है कि अगर सेना जैसे विश्वसनीय नाम से जुड़े लोग व उनके भाई-बन्धु ही सेना का नाम बेचने पर तुल जायेगें तो आम जनमानस में उसका सन्देश क्या जायेगा।

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चाइनीज पिस्‍टल की तस्‍करी : भाग 1 चाइनीज पिस्‍टल की तस्‍करी : भाग 2 चाइनीज पिस्‍टल की तस्‍करी : भाग 3

 

भाई की धौंस दिखाकर चेकिंग में पाता है रियायत

बताया जाता है कि अपने भाई के एसएसबी में होने की वजह से वह बराज चेक पोस्ट पर उसका नाम लेकर चेकिगं में कुछ रियायत पा जाता है। इसके अलावा मदनपुर के रास्ते पनियहवा होते हुये उत्तर प्रदेश में प्रवेश करते समय बिहार व यूपी पुलिस के सामने अपने भाई के पदनाम का घौंस देकर पार हो जाता है। इसके चलते वह कई जगह रियायत पाता है।

शेष अगली किस्‍त मे….. क्रमश:……..

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