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गुजरात राज्‍यसभा चुनाव : कांग्रेस के दो विधायकों के वोट रद्द, देर रात तक जारी रही मतगणना

नई दिल्ली: गुजरात की तीन राज्यसभा सीटों के चुनाव की रुकी हुई मतगणना पर कांग्रेस और बीजेपी की दलीलें सुनने के बाद चुनाव आयोग ने अपना फैसला सुनाया है। कांग्रेस को बड़ी राहत देते हुए चुनाव आयोग ने गुजरात राज्यसभा चुनाव में उसके दो विधायकों के डाले गये वोटों को ‘मतपत्रों की गोपनीयता’ का उल्लंघन करने के मामले में आज रात खारिज कर दिया। आयोग ने निर्वाचन अधिकारी से कांग्रेस विधायक भोलाभाई गोहिल और राघवजी भाई पटेल के मतपत्रों को अलग करके मतगणना करने को कहा। आयोग के आदेश के अनुसार मतदान प्रक्रिया का वीडियो फुटेज देखने के बाद पता चला कि दोनों विधायकों ने मतपत्रों की गोपनीयता का उल्लंघन किया था। वहीं चुनाव आयोग ने छह घंटे से अधिक की देरी के बाद वोटों की काउंटिंग शुरू कर दी है। बता दें कि कांग्रेस ने अपने दो विधायक भोला भाई गोहिल और राघव भाई पटेल का वोट कैंसिल करने की मांग इस आधार पर की है कि दोनों ने अनाधिकृत रूप से राज्यसभा चुनाव के कैंडिडेट व बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और निर्दलीय बलवंत सिंह राजपूत को दिखाकर वोट डाले।

EC को वीडियो फुटेज दिखाने पहुंचे कांग्रेसी

इसी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए मंगलवार शाम को कांग्रेस ने सीडब्ल्यूसी की मीटिंग आयोजित की। बैठक के दोबार चुनाव आयोग के पास जाने का फैसला लिया गया। हालांकि मीटिंग से पहले कांग्रेसी नेता एक बार चुनाव आयोग तक अपनी गुहार लेकर पहुंच चुके थे। दूसरी बार चुनाव आयोग से शिकायत करने के बाद कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि हरियाणा में भी ऐसा ही हुआ था, वहां वोट रद्द किया गया था। उन्होंने कहा कि हमारे पास सबूत के तौर पर वीडियो है। बीजेपी को बैलेट पेपर दिखाने पर वोट रद्द होना चाहिए। उन्होंने दोनों वोट रद्द होने के बाद काउंटिंग होने की मांग की। इस दौरान रणदीप सुरजेवाला ने बीजेपी पर ताकत का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।

 

‘कांग्रेस में हार से हताशा’

वहीं कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल से पहले बीजेपी डेलीगेशन ने चुनाव आयोग से मुलाकात की. मुलाकात के बाद बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने बताया कि कांग्रेस पार्टी सुबह से बेबुनियाद आरोप लगा रही है। कांग्रेस हार की खबर से बौखला गई है, इसलिए उन्होंने आपत्ति जताई है। चुनाव आयोग से अपील की है कि इस आरोप पर कोई मौका नहीं दिया जाना चाहिए। रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस को कोर्ट जाकर मामले को चुनौती देने की चेतावनी दी।

बीजेपी डेलीगेशन के चुनाव आयोग जाने के बाद अब एक बार फिर कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधिमंडल आयोग जा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, पी. चिदंबरम, आनंद शर्मा, रणदीप सुरजेवाला, राज बब्बर, अशोक गहलौत और आरपीएन सिंह चुनाव आयोग पहुंचे। इससे पहले रणदीप सुरजेवाला और आरपीएन सिंह ने चुनाव आयोग जाकर कांग्रेस के दो विधायकों के वोट रद्द करने की अपील की और वो वीडियो फुटेज भी दिखाया।

कांग्रेस का दावा
कांग्रेस का दावा है कि शंकर सिंह वाघेला गुट के दो विधायक -राघवजी पटेल और भोला गोहिल ने अपने मतपत्र कांग्रेस एजेंट शक्ति सिंह गहलोत और भाजपा एजेंट को दिखाए और इस तरह उनके वोट अमान्य हो गए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा, ‘‘उन्होंने भाजपा को वोट दिया है। मतपत्र मुझे दिखाने के बाद उन्होंने अमित शाह की तरफ भी मतपत्र लहराए और इसका वीडियो भी मौजूद है।’’ साथ ही उन्होंने कहा, ‘‘…पीठासीन अधिकारी डी एम पटेल दबाव में हैं। हम वीडियो की आधिकारिक प्रति की मांग करेंगे और अगर वीडियो से छेड़छाड़ होती है तो हम उच्चतम न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाएंगे।’’

भाजपा ने किया पलटवार
गोहिल के आरोपों पर राज्य भाजपा अध्यक्ष जीतू वाघानी ने कहा कि इस तरह की मांग विपक्षी दल की हताशा को दर्शाता है क्योंकि कांग्रेस जानती है कि उसकी हार हो रही है। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस की अंदरूनी कलह सतह पर आ गई है और इस तरह की मांग उनकी हताशा को दर्शाता है। वे वोटों की गिनती का विरोध कर रहे हैं क्योंकि वे हारने वाले हैं।’’  कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार अहमद पटेल के लिए यह काफी कठिन चुनाव है क्योंकि उन्हें जीतने के लिए 45 वोटों की जरूरत है जहां उनकी पार्टी के कई सदस्य या तो सत्तारूढ़ भाजपा में चले गए हैं या उन्होंने भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया है।  पटेल का मुकाबला बलवंत सिंह राजपूत से है जो भाजपा में शामिल होने से पहले विधानसभा में कांग्रेस के ‘मुख्य सचेतक’ थे।

 

कांग्रेस विधायक ने की क्रॉस वोटिंग
कांग्रेस के 44 विधायकों में से एक करम सिंह मकवाड़ा ने क्रॉस वोटिंग की है। मकवाड़ा साणंद से विधायक हैं। वे उन 44 विधायकों में शामिल हैं जिन्हें कांग्रेस ने दलबदल से रोकने के लिए बेंगलुरु के रिजॉर्ट में रखा था। वहीं कांग्रेस से बगावत कर चुके नेता शंकर सिंह वाघेला ने कहा कि उन्होंने भाजपा के समर्थन में वोट डाला है। उन्होंने कहा कि मैंने अहमद को वोट नहीं डाला जिसका दुख है लेेकिन पटेल ने धोखा किया है। दूसरी ओर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बागी वाघेला को याद दिलाया कि कांग्रेस ने उनके लिए क्या-क्या किया है।

भाजपा ने रुकवाया मतदान
जबकि एक-एक मत के महत्व वाले इस चुनाव में कांग्रेस के जीत के लिए जरूरी आंकड़े के नजदीक पहुंचता देख कर कथित तौर पर भाजपा ने कुछ समय के लिए अपने विधायकों का मतदान रोक दिया। यह भी बताया जा रहा है कि खुले बैलेट के जरिए होने वाले इस मतदान में अगर कांग्रेस के अहमद पटेल को पहले ही जीत के लिए जरूरी 45 अथवा अधिक प्रथम वरीयता के वोट मिल जाते हैं तो भाजपा के कुछ विधायकों को अब इस्तीफा दिलाना भी पड़ सकता है ताकि इसके तीन में से दो प्रमुख प्रत्याशियों अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति की जीत हर हाल में सुनिश्चित की जा सके।

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