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मेडिकल कालेज में बोले योगी : संवेदना के मुद्दे पर सियासत करने से बाज आएं, दोषी नहीं बचेंगे

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज में हुई बच्चों की मौतों पर कांग्रेस पर सियासत करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सियासत का नहीं बल्कि संवेदना का मामला है। योगी ने सवाददाता सम्मेलन में कहा कि केन्द्र में स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए गुलाम नबी आजाद जब गोरखपुर के दौरे पर आए थे तो उन्होंने गोरखपुर तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में इंसेफलाइटिस, एक्यूट इंसेफलाइटिस, जापानी मस्तिष्क ज्वर तथा अन्य बीमारियों के बारे में मामला उठाया था लेकिन उन्होने इसे राज्य का मामला बताकर पल्ला झाड लिया था और अब वही बच्चों की मौतों पर सियासत कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेज में हुई बच्चों की मौतों के लिए दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की जांच के लिए प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है जो अॉक्सीजन की कमी से लेकर अन्य सभी तथ्यों पर जांच कर शीघ्र ही रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी।

योगी ने कहा कि मेडिकल कालेज में बच्चों की स्वाभाविक मौतें हुई है। कोई नरसंहार नहीं हुआ। कुछ लोग इसमें अपनी राजनीतिक रोटिया सेंक रहे है। बच्चों की मौतें एक हृदयविदारक घटना है। शोक संतृप्त परिवारों के प्रति सरकार की पूरी संवेदना है। इस घटना ने देश को अन्दर से झकझोर दिया है। योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस घटना से दुखी है और पूरी मदद करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा को जानकारी लेने के लिए यहां भेजा है। केन्द्र सरकार ने इस घटना की जांच एवं उपाय करने के लिए चिकित्सकों की एक टीम भेजी है।

उन्होंने केन्द्र सरकार से पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफलाइटिस की जांच एवं वैक्सीन तैयार करने के लिए एक सेन्टर खोलने की मांग की है जिससे इस रोग से यहां के बच्चों को निजात मिल सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश से इंसेफलाइटिस रोग को जड से उखाड़ फेंकने के लिए सड़क से संसद तक 1996 से लड़ाई उन्होंने लडी है जो अभी भी जारी है। इस रोग से निजात दिलाने की हर मुमकिन कोशिश की जा रही है। केन्द्र सरकार पूरी तरह मदद कर रहा है। उन्होंने मीडिया से सही तथ्यों को सामने लाने की अपील करते हुए कहा कि निरीक्षण के लिए पत्रकार वार्ड में जा सकते है। केवल अनुमान से भ्रम न फैलाएं। सही तथ्यों को लोगों के सामने रखें जिससे समस्याओं के समाधान में सरकार को मदद मिले।

उन्होंने सरकारी डाक्टरों के प्राईवेट प्रेक्टिस पर पाबंदी लगाने की घोषणा की। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा ने कहा कि केन्द्र सरकार इस पर पूरी नजर रखे है। इस मामले में राज्य सरकार की हर संभव मदद की जाएगी। चिकित्सकों का एक दल इसकी जांच के लिए यहां आया है जो सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। इससे पहले योगी और नड्डा ने मेडिकल कालेज का दौरा किया और वार्ड में गए। मरीजों और उनके तीमारदारों से मुलाकात की और उन्हे हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

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