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किन्‍नर आगे आए गोरखपुर के बाढ़ पीडि़तों की सहायता के लिए

  • किन्‍नर गुरु किरन के नेतृत्‍व में गांवों में जाकर बांटा राहत का सामान
  • मोटरबोट पर बैठकर चारो तरफ से घिरे गांवों में भी गया किन्‍नरों का जत्‍था

गोरखपुर, न्‍यूज केबीएन ।

एक तरफ जहां गोरखपुर जिले में बाढ़ आई हुई है, वहीं दूसरी तरफ बाढ़ पीडि़तों की सहायता के लिए चारो तरफ से हाथ आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे में गोरखपुर के किन्‍नरों ने जो कर दिखाया है, वह शायद ही कोई किया हो। वे लगातार विभिन्‍न गांवों में जाकर राहत व बचाव कार्य में लगे हुए हैं। वे किसी से चन्‍दा भी नहीं मांग रहे हैं। बल्कि वे अपनी खुद की कमाई से कुछ हिस्‍सा निकालकर लोगों की सेवा में खच्र कर रहे हैं।

एनडीआरएफ टीम के साथ नावों में सवार होकर सहायता देने के लिए गांव में जा रहे किन्‍नर

हलांकि किन्‍नरों की संख्‍या बहुत कम होती है। लोग उन्‍हें हेय दृष्टि से देखते हैं। लेकिन गोरखपुर की बाढ़ में इन किन्‍नरों ने जो मानवता दिखाई है। वह शायद ही कोई नर दिखा सके। फिलहाल गोरखपुर के किन्‍नर अपने गुरु के निर्देशन में लगातार बाढ़ पीडि़तों की सहायता में जुटे हुए हैं। बधाई बजाने का काम छोड़कर लोगों की सेवा में जुटे इन किन्‍नरों के समर्पण व सेवा भाव को देखकर वास्‍तव में लोग द्रवित हो जा रहे हैं। किन्‍नर गुरु किरन और उसकी सहयोगी किन्‍नर छोटकी तथा अन्‍य किन्‍नर बाढ़ पीडि़तों की सहायता के लिए विविध प्रकार के यत्‍न कर रहे हैं।

बाढ़ पीडि़त महिला को सहायता के रुप में भोजन व अन्‍य चीजें देती हुई किन्‍नर गुरु किरन

इन किन्‍नरों ने जहां बाढ़ पीडि़तों की सहायता के लिए उनके वस्‍त्र, भोजन और नाश्‍ते का इन्‍तजाम किया है। वहीं दूसरी ओर व ग्रामीणों को नकदी भी देते नजर आ रहे हैं। किन्‍नरों की टीम ने दर्जनों मैरुण्‍ड गांवों का दौरा भी कर लिया है। वे एनडीआरएफ की टीम की नौकाओं के साथ ही स्‍थानीय नाविकों की नावों में बैठकर तथा राहत का सामान लेकर गांवों में जा रहे हैं। साथ ही साथ उनको वितरित कर रहे हैं। बाढ़ पीडि़तों की इस निस्‍वार्थ सेवा के किन्‍नरों के भाव को देखकर हर व्‍यक्ति हैरान है।

टीम भावना से सहायता में जुटे हैं किन्‍नर

किन्‍नरों की पूरी टीम अपने आवास पर जहां बाढ़ पीडि़तों के लिए लंच पैकेट तैयार कर रही है। वहीं एक दूसरी टीम बाजार से खरीदारी करके आने वाले सामानों की पैकिंग में लगी है। महिलाओं के लिए साड़ी, बच्‍चों के लिए छोटे कपड़े, पुरुषों के लिए धोती, लुंगी और गमछा लिया जा रहा है। साथ ही उनके उपयोग में आने के लिए मोमबत्‍ती, माचिस, प्‍लास्टिक, तिरपाल, नमक, दाल, आलू, प्‍याज के पैकेट बनाकर गत्‍तों में रखे जा रहे हैं। वहीं एक टीम भूजा और चना इत्‍यादि को पैक करने में लगी हुई है। कुल मिलाकर यह टीम युद्ध स्‍तर पर अपने काम में लगी हुई है।

अपने भगवान रुपी यजमानों की करेंगे निस्‍वार्थ सेवा : किरन

किन्‍नर गुरु किरन का कहना है कि सभी लोग उनके यजमान हैं। ये यजमान हमारे लिए किसी भी तरह से भगवान से कम नहीं हैं। उनको अगर किसी प्रकार का दुख होता है तो वह हमको भी होता है। हमसे जो भी सेवा बन पड़ेगी वह निरन्‍तर करते रहेंगे। बाढ़ की आपदा से प्रभावित लोगों के लिए हम निरन्‍तर काम करते रहेंगे। इस समय हम चाहते तो जाकर गांवों में बधाइयां गाकर पैसे बटोरते। लेकिन जब मेरा यजमान डूब रहा है तो हम लोग चुप नहीं बैठ सकते हैं।

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