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बिहार में 950 करोड़ के घोटाले के मुख्‍य आरोपी की मौत से हड़कम्‍प

पटना: बिहार के भागलपुर जिला में एक स्वयंसेवी संस्था द्वारा करोडों रुपए की सरकारी राशि के कथित गबन के एक मुख्य आरोपी की बीती रात्रि मौत हो गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कहा कि वर्षों से जारी यह बडा घपला जिसकी जानकारी नहीं हो पाई थी, यह आंख खोलने वाला है और इस मामले में किसी को बक्शा नहीं जाएगा।

भागलपुर से प्राप्त जानकारी के मुताबिक स्वयंसेवी संस्था सृजन महिला सहयोग समिति द्वारा किए गए इस 950 करोड़ रुपए के गबन के मुख्य आरोपियों में से एक और वहां की कैंप जेल में बंद कल्याण विभाग के नाजिर महेश मंडल (57) की जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने महेश की मौत की पुष्टि करते बताया कि वह पूर्व से ही वे रोगग्रस्त थे। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

गत 15 अगस्त को गिरफ्तार मंडल को का किडनी खराब थी और वे डायलिसिस पर थे। बीती रात्रि मंडल की तबियत खराब होने पर उन्हें भागलपुर कैंप जेल से उपचार के लिए जवाहर लाल नेहर मेडिकल कालेज अस्पताल लाया गया था। मंडल के परिजनों ने उनका समय पर डायलिसिस नहीं कराए जाने को एक साजिश बताया है।

घोटाले की सच्चाई दबाने के लिए की गई हत्या: तेजस्वी यादव

बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने मंडल की मौत के मामले को उठाते हुए इसको लेकर राज्य सरकार पर आज हमला करते हुए आरोप लगाया कि उनकी हत्या घोटाले की सच्चाई को दबाने के लिए सरकार में शामिल लोगों द्वारा किया गया। बिहार विधानसभा परिसर में अपने बडे भाई और पूर्व मंत्री तेजप्रताप के साथ पत्रकारों से बातचीत करते हुए तेजस्वी ने इस घोटाले को मध्यप्रदेश के व्यापमं घोटाला से भी बडा बताया।

नीतीश कुमार को घोटाले की पहले से जानकारी थी: राबड़ी देवी

बिहार विधान परिषद सदस्य और तेजस्वी की मां राबडी देवी ने आरोप लगाया कि 2005 से ही नीतीश कुमार मुख्यमंत्री और सुशील कुमार मोदी उपमुख्यमंत्री थे। उन्होंने सृजन घोटाला नीतीश और सुशील की देखरेख में होने तथा इनके द्वारा जानबूझकर कराए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसकी जानकारी इन लोगों को पहले से ही थी।

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