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34 वर्ष से लापता व्यक्ति पहुचा घर, परिवार में खुशी का महौल

धनघटा थाना क्षेत्र के रजनौली गांव निवासी सोमनाथ बीते वर्ष 1984 में घर से हुआ था लापता
धनघटा। बलवन्त कुमार पाण्डेय
धनघटा थाना क्षेत्र के रजनौली गांव का रहने वाला एक व्यक्ति लापता होने के 34 वर्ष बाद शनिवार को अपने घर पहुंचा है। परिवार के लोग उसे अपने बीच पाकर खुशी से झूम रहे है। पूरे परिवार में खुशी का महौल बन गया है।

34 साल बाद परिवार में पहुंचा बुजुर्ग

जानकारी के अनुसार रजनौली गांव निवासी सोमनाथ साहनी पुत्र स्वर्गीय परदेशी साहनी वर्ष 1984 में घर से दिल्ली कमाने के लिए गया हुआ था। उसके बाद लापता हो गया। सोमनाथ के लापता होने की जानकारी होने पर परिवार के लोग सभी सम्भावित ठिकानों पर सोमनाथ की वर्षो तक खोजबीन करते रहे लेकिन कोई जानकारी हासिल न होने पर पूरा परिवार शान्त होकर घर बैठ गया। शनिवार को सोमनाथ अचानक अपने घर पहुंच गया। सोमनाथ को अचानक अपने सामने देखकर उसकी पत्नी फूला देवी आश्चर्यचकित हो गई। पत्नी फूला देवी को अचानक पति सोमनाथ के सामने मौजूद होने का विश्वास ही नहीं हो रहा है। सोमनाथ के तीन बेटे भी क्रमशः परमानन्द, राजू व संजय है जो बीते 34 वर्ष से जिन्दा रहने के बावजूद बगैर पिता के जीवनयापन कर रहे थे। शनिवार को इतने लम्बे अंतराल के बाद अपने पिता को पाकर तीनों बेटे खुशी से झूम रहे थे। सोमनाथ के तीनों बेटों की शादी भी हो चुकी है और उनके भी बच्चें पैदा हो चुके है। 34 वर्ष तक लापता रहने के बारे में सोमनाथ वैसे खुलकर बात करने से कतरा रहा है लेकिन उसने इतना जरूर बताया कि वर्ष 1984 में दिल्ली जाने के बाद वह वहां एक वर्ष तक रहा उसके बाद वह अजमेर चला गया जहां जलनिगम विभाग में उसे नौकरी मिल गई जहां से रिटायर होने के बाद वह घर वापस लौटा है। इससे आगे वह बार बार कुरेदने पर भी कुछ बताने से पूरी तरह से इनकार कर रहा है। लगातार 34 वर्ष तक घर परिवार से दूर रहने का कारण कुछ भी रहा हो लेकिन इतने भारी समय के अंतराल पर घर पहुंचने के बाद पूरे परिवार में दुबारा से खुशियां जरूर वापस आ गई है। सोमनाथ को पाकर उसकी पत्नी और तीनों बेटों के अलावा उसकी बहुए तथा पोते और पोतियां खुशी से फूले नहीं समां रहे है।

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