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बुद्ध कबीर यात्रा का संतकबीर की धरती पर ऐतिहासिक स्‍वागत

  • भारी संख्‍या में लोगों ने यात्रा में आए लोगों का किया स्‍वागत
  • यात्रा में शामिल लोगों ने दिया जिले के लोगों को शान्ति का संदेश

संतकबीरनगर। न्‍यूज केबीएन

महात्‍मा बुद्ध की परिनिर्वाण स्‍थली से निकाली गई सैंथवार मल्‍ल राजपूत ट्रस्‍ट की यात्रा बुद्ध से कबीर तक का शुक्रवार को जनपद संतकबीरनगर में आगमन पर ऐतिहासिक स्‍वागत किया गया। इस दौरान भारी संख्‍या में लोगों ने यात्रा में प्रतिभाग किया। जबकि यात्रा में शामिल लोगों ने सभी को शान्ति का संदेश दिया।

कसरवल में स्थित भगत कबीर गुरुद्धारे के सामने पौधरोपड़ करते हुए यात्रा में शामिल लोग

कुशीनगर जनपद से 5 अप्रैल को सैंथवार मल्‍ल राजपूत ट्रस्‍ट के तत्‍वावधन में गुजरात के एडीजीपी विनोद कुमार मल्‍ल तथा ट्रस्‍ट के समन्‍वयक राजेश प्रताप सिंह ने ट्रस्ट की ओर से सबका स्वागत करते हुए कहा कि इस यात्रा की आवश्यकता , महत्व और मर्म समझने के लिये आपको 3 दिनों तक हमारे साथ कुशीनगर से मगहर तक  चलने का यह कार्यक्रम समाज के लोगों को नई दिशा देगा। इस दौरान सुश्री ललिता प्रदीप , संयुक्‍त शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा विभाग , अमिता आर्या , सरदार कुलदीप सिंह, प्रवीण कुमारी सिंह व अन्‍य लोगों ने कसरवल स्थित भगत कबीर गुरुद्धारा पर विश्राम किया तथा वहां पर पौधों का रोपड़ भी किया। इसके पश्‍चात यात्रा में शामिल लोग एचआरपीजी कालेज खलीलाबाद के बाईपास स्थित तिराहे पर पहुंचे। वहां से सभी लोग जुलूस की शक्‍ल में सुगर मिल चौराहा, बैंक चौराहा, मुखलिसपुर चौराहा, बरदहिया चौराहा होते हुए नेशनल हाईवे पर पहुंचे। इस बीच डॉ भीमराव अम्‍बेडकर, जवाहर लाल नेहरु, कबीर दास जी की प्रतिमा पर विनोद कुमार मल्‍ल की अगुवाई में माल्‍यार्पण किया गया।  वहां से आगे बढ़कर यात्रा ने मगहर में प्रवेश किया। मगहर में प्रवेश करने के बाद यात्रा में शामिल लोगों के उपर स्‍थानीय नागरिकों ने पुष्‍प वर्षा करके उनका स्‍वागत किया। कबीर निर्वाण स्‍थली पर डॉ हरिशरण शास्‍त्री के नेतृत्‍व में सभी लोगों का स्‍वागत किया गया। यात्रा में शामिल लोगों ने कबीर की समाधि और मजार पर चादर चढ़ाई तथा वहां से शान्ति का संदेश लिया।

कबीर प्रतिमा पर माल्‍यार्पण करती यात्रा में शामिल महिलाएं

इस अवसर पर उपस्थित लोगों को सम्‍बोधित करते हुए विनोद कुमार मल्ल  ने यात्रा का उद्देश्य बताते हुए कहा कि आज के हालात में, जब समाज को जाति, धर्म के नाम पर बांटा जा रहा है, कबीर और बुद्ध और भी प्रासंगिक हो जाते हैं। उन्होंने ने कहा कि दुनिया को शांति का मार्ग दिखाने वाले भगवान बुद्ध का अंश और कबीर की सामाजिक सद्भाव वाली भावना पूर्वांचल के कण कण में है और इस विरासत पर हम पूर्वाचल वालों को गर्व है।

खलीलाबाद में कबीर प्रतिमा पर माल्‍यार्पण करते हुए पूर्व एडीजी

उन्होंने विश्वास दिलाया यह यात्रा सिर्फ एक अभियान मात्र न रहकर अब प्रति वर्ष होने वाला एक उत्सव होगा, और पूर्वांचल अब देश को आगे की राह दिखायेगा। इस कार्यक्रम में देश भर से आये बुद्धजीवियों, उच्च प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, विचारकों, साहित्यकारों, शिक्षाविदों, कोर्पोरेट जगत की हस्तियों, किसानों, मजदूरों, गृहणियों, नवयुवक विद्यार्थियों, स्कूली बच्चों, समाजसेवियों ने भाग लिया। इस दौरान गुरुदत्‍त सिंह, पीयूष सिंह, शैलेन्‍द्र जी, सर्वेश सिंह, बृजेश प्रताप सिंह, अजीत सिंह के साथ ही साथ अन्‍य लोगों ने भाग लिया। साथ ही सभी ने शान्ति के संदेश को पूरे विश्‍व में फैलाने का संदेश दिया।

कबीर निर्वाण स्‍थली पर यात्रा में शामिल लोगों का स्‍वागत करते हुए कबीरपंथी

 

 

 

 

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