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मौत तो सहजनवा से ही पीछा कर रही थी बस में सवार लोगों का

– सहजनवा में सुबह 6.50 बजे एक बार भिड़ने से बची थी बस

–   सहजनवा में भी बस को दूसरी लेन में लेकर चला गया ड्राइवर

संतकबीरनगर। अरुण कुमार सिंह

बस और ट्रक की भिड़न्‍त के प्रत्‍यक्षदर्शी सत्‍येन्‍द्र मौर्या जो बस में सवार थे घटना में घायल हो गए हैं। वे बताते हैं कि बस तो सुबह 6.50 बजे सहजनवा में भी भिड़ने से बच गई थी जब ड्राइवर उसे दूसरी लेन में लेकर चला गया था। बाद में जब लोग चिल्‍लाए तो वह फिर बस को अपनी लेन में लेकर आया था। मौत के साक्षात दर्शन तो लोगों ने सहजनवां में ही कर लिए थे। हलांकि उस समय सामने से आई ट्रक बचकर निकल गई थी।

मौके पर पहुंचे हुए एसपी लोगों से बात करते हुए

सत्‍येन्‍द्र बताते हैं कि सुबह ड्राइवर बस को लेकर घर से चला तो उस समय बस में महिलाएं गीत गाते हुए खुशनुमा माहौल में चल रही थीं। बस जब सहजनवा में पहुंची थी तो ड्राइवर उसे लेकर गलत लेन में चला गया। उस समय मेरे पिता रामचन्‍दर मौर्या और अन्‍य लोगों ने उसे डाटा तो वह बस को सही लेन में लेकर आया। इस दौरान एक ट्रक भी सामने से आ गई थी। लेकिन वह ट्रक वाला बचकर निकल गया। बाद में लोगों ने उसे हिदायत दी कि वह बस को सही से लेकर चले। कोहरा होने की वजह से बस तकरीबन 8 बजे के करीब कांटे के पास पहुंची ही थी कि अचानक फिर वह उसे दूसरी लेन में लेकर चला गया। अभी लोग कुछ कहते तभी अचानक सामने से आ रही ट्रक से उसकी भिड़न्‍त हो गई। यह सब इतनी जल्‍दी हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला था।

 

मौके पर पहुंची हुई राजमार्ग प्राधिकरण की टीम

बस मालिक ने भेज दी थी छोटी बस

सत्‍येन्‍द्र मौर्या बताते हैं कि उन लोगों ने गोरखपुर की एक ट्रेवल एजेन्‍सी से बस बुक कराया था। लेकिन वह बस कहीं पकड़ गई। बस के पकड़े जाने के बाद बस के मालिक ने दूसरी मिनी बस भेज दी। उसी बस में सवार होकर गांव के लोग अयोध्‍या जा रहे थे।

 

डीएम के आदेश पर तुरन्‍त शुरु हुआ पोस्‍टमार्टम

घटनास्‍थल पर पहुंचे जिलाधिकारी रमाकान्‍त पाण्डेय ने जब वहां की स्थितियां देखीं तो तुरन्‍त ही उन्‍होने सीएमओ डॉ आनन्‍द प्रकाश श्रीवास्‍तव को आदेश दिया कि शवों का तुरन्‍त ही पोस्‍टमार्टम किया जाए।  इसके बाद चिकित्‍सकों और अन्‍य स्‍टाफ को पोस्‍टमार्टम हाउस भेजकर आनन फानन में शवों का पोस्‍टमार्टम कराया गया।

 

सांसद ने जिला अस्‍पताल पर पहुंचकर लिया जायजा

जो लोग घटना में घायल हुए थे या फिर मरे थे वे सांसद शरद त्रिपाठी के गांव के बगल के ही थे। इसलिए घटना की जानकारी होने के बाद वे तुरन्‍त ही घटनास्‍थल व जिला अस्‍पताल पहुंचे। वहां पर जाकर उन्‍होने घायलों का जायजा लिया। साथ ही राहत कार्य के लिए आवश्‍यक दिशा निर्देश दिए।

बस में सवार थे 45 लोग

इस बस में कुल 45 लोग सवार थे। जिनमें 10 बच्‍चे थे और बाकी 35 लोग बड़े थे। जिसमें पूर्व प्रधान के घर के कुल 12 सदस्‍य थे। इसके साथ ही उनके गांव के भी लोग थे।

 

एसपी कार्यालय में हुई शोकसभा

इस घटना में लोगों की मौत को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक शोकसभा का आयोजन एसपी हीरालाल की अध्‍यक्षता में हुआ। इसमें सभी पुलिसकर्मियों ने मृतकों के लिए दो मिनट का मौन रखा तथा उनकी आत्‍मा की शान्ति की कामना की।

 

डीएम की अगुवाई में जिला अस्‍पताल में भी शोकसभा

जिलाधिकारी रमाकान्‍त पाण्‍डेय की अगुवाई में जिला अस्‍पताल में भी एक शोकसभा का आयोजन किया गया। वहां पर एसपी हीरालाल, सीएमओ डॉ आनन्‍द प्रकाश श्रीवास्‍तव, सांसद शरद त्रिपाठी व अन्‍य लोगों ने मृतकों के लिए शोक संवेदना व्‍यक्‍त की।

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