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प्रभा ग्रुप की सराहनीय पहल : पीड़ित के घर डुहियां पहुंचे समाजसेवी वैभव चतुर्वेदी, आर्थिक सहयोग करते हुए बेटी की शादी में दिया हर संभव मदद करने का आश्वासन (विजय गुप्ता की रिपोर्ट)

प्रभा ग्रुप की सराहनीय पहल : पीड़ित के घर डुहियां पहुंचे समाजसेवी वैभव चतुर्वेदी, आर्थिक सहयोग करते हुए बेटी की शादी में दिया हर संभव मदद करने का आश्वासन

– आर्थिक तंगी के कारण घर का इकलौता चिराग संजय ने बहन के हाथ पीला करने से पहले फांसी लगाकर दे दी जान

– गरीब, असहायों की मदद करना मेरे जीवन का लक्ष्य है : वैभव चतुर्वेदी

न्यूज़ केबीएन, संतकबीरनगर : कहते है कि जब कोई गरीब, असहायों की मदद करता है तो वह धन्य कहलाता है। इसको साकार करते हुए प्रभा ग्रुप के डायरेक्टर व समाजसेवी वैभव चतुर्वेदी ने एक ऐसे गरीब परिवार की मदद के लिए अपना हाथ बढ़ाया है जिसने आर्थिक तंगी के कारण बहन की शादी का बोझ न उठा पाने से खुद को अलविदा कहते हुए फांसी लगाकर आत्म हत्या कर लिया अपने पीछे दो बहन और विधवा मां के आंगन से इकलौता चिराग बुझा गया। इसकी गाथा सुनकर हर किसी के आंखों में आंसू आ जाएगा। इसकी खबर मिलते ही प्रभा ग्रुप के डायरेक्टर वैभव चतुर्वेदी ने पीड़ित के घर पहुंचकर तत्कालिक आर्थिक सहायता किया। उन्होंने परिवार का ढांढस बढ़ाते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में हम आपके साथ हैं। मृतक के बहन की शादी में हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यह घटना दिल को झकझोर कर रख दिया है। मैं निशब्द हूं कि जिस स्थिति में आर्थिक तंगी के कारण होनहार संजय दुनिया छोड़कर चला गया बहुत दुख की बात है।
आपको बता दें कि धनघटा क्षेत्र के ग्राम डुहियां में एक गरीब परिवार था जिसके परिवार में मां और 2 बहन के साथ इकलौते बेटे सहित कुल 4 सदस्य थे। आठ साल पहले पिता के मौत के बाद से 18 वर्षीय इकलौते पुत्र संजय मिश्र के ऊपर पढ़ाई के साथ ही घर की पूरी जिम्मेदारी सर पर चढ़ता जा रहा था, नवबंर माह में बहन की शादी भी होनी थी, लेकिन घर की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर थी वह किसी तरह खेती करके परिवार का भरण-पोषण करता था। जब उससे शादी का इंतजाम संभला नही तो खुद को दुनिया छोड़ने का फैसला कर लिया। संजय ने बड़ी बहन का हाथ पीला करने के पहले बंद कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। इसकी खबर फैलते ही आसपास इलाकों में सभी के दिलों को झकझोर कर रख दिया है। इस स्थिति में परिवार का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है। दोनो बहन और माँ का आंसू थमने का नाम नही ले रहा है। समाजसेवी वैभव चतुर्वेदी के साथ विकास सिंह, शक्ति प्रताप यादव, टिंकू तिवारी, रितेश त्रिपाठी, गोलू सिंह उर्फ हनुमान, सतीश, मोनू वर्मा, डबलू खान समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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