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जफरुल इस्‍लाम जैसे मुसलमानो ! आज भी तुम्‍हें दोयम दर्जे का ही मानते हैं अरबी मुसलमान

  • अरबी लोग तुम जैसे नामरदूद, कायर , जाहिल और मक्‍कार लोगों के कहने पर भारत के हिन्‍दू समाज के लोगों को बाहर नहीं निकाल देंगे
  • भारत के मुसलमानों के साथ नहीं रखते हैं बेटी रोटी का रिश्‍ता, अरबी महिलाओं की तरफ देखने की हिम्‍मत नहीं भारतीय मुसलमानों की

लखनऊ, न्‍यूज केबीएन ।

दिल्‍ली अल्‍पसंख्‍यक आयोग का मक्‍कार, मुनाफिद, नामरदूद और कायर अध्‍यक्ष जफरुल इस्‍लाम कहता है कि ‘अगर भारत के मुसलमान अरब देशों से अपनी शिकायत कर देंगे तो भारत में जलजला आ जाएगा’। इसके साथ ही तमाम मुसलमान जो रहते भारत में और अरब को अपना खलीफा समझते हैं वे इसी तरह की बात कर रहे हैं और फेसबुक पर पोस्‍ट डाल रहे हैं कि ‘भारत में मुसलमानों के साथ कथित तौर पर अत्‍याचार हुआ तो खाड़ी देशों में रहने वाले हिन्‍दुओं पर आफत आ जाएगी।‘ समझ में नहीं आता है कि इस मक्‍कार आदमी ने इस तरह की टिप्‍पडी करने से पहले अपनी औकात क्‍यों नहीं देखी। भारत के मुसलमानों की औकात अरब में क्‍यों नहीं देखी, जहां आज भी मुसलमानों को दोयम दर्जे का नागरिक माना जाता है। उनसे अरबी मुसलमान पैखाना साफ करवाने, भोजन बनवाने के साथ ही बकरी और उंट चरवाने का काम करते हैं। ऐसे मक्‍कार भारत की शिकायत अरब देशों से करेंगे और उनके कहने पर अरब भारत के हिन्‍दुओं को अपने देश से निकाल देंगे।

जफरुल इस्‍लाम , अध्‍यक्ष दिल्‍ली अल्‍पसंख्‍यक आयोग

उत्‍तर प्रदेश के लखनऊ की जनसंख्‍या के बराबर इजराइल ने 12 अरब देशों की सेनाओं को 6 दिन में ही धूल चटा दी थी। यही नहीं उनकी हजारो वर्ग किलोमीटर जमीन कब्‍जा भी कर ली थी। यहां पर बैठकर खुद को मुसलमान कहने वाले  मियां जफरुल एक बार जरा उन देशों से पूछ तो लो उन देशों में तुम्हारी क्या स्थिति है ? एक बार जरा गूगल पर सर्च तो कर  लो कि अरबी लोग भारतीय उपमहाद्वीप के मुसलमानों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं और उन्हें क्या समझते हैं । भारत से जाने वाले हिन्‍दुओं को वहां पर कितना सम्‍मान दिया जाता है। नामरदूद आदमी भारत के लोग अमेरिका कनाडा यूरोप इत्यादि देशों में है वहां के परिवारों के साथ कई वैवाहिक संबंध भी स्थापित हुए हैं। लेकिन क्या तुम कोई ऐसा उदाहरण दे सकते हो समस्त भारतीय उपमहाद्वीप के किसी व्यक्ति से व्यक्ति को किसी अरबी ने अपनी बेटी दी है ? बल्कि वह अरबी तो हैदराबाद में तुम्हारी बेटियां खरीदने आते हैं और तुम खुशी खुशी चंद सिक्कों की लालच में अपनी बेटियों को उन्हें बेच देते हो । आज भी अरबी लोग कोरोना से लड़ने के लिए भारत से डाक्‍टर और नर्सों की मांग कर रहे हैं। और तुम जैसे जफरुल्‍ली इस तरह की बात कर रहे हैं।

हकीकत क्‍या है वह पढ़ लो और समझ लो जफरुल इस्‍लाम …….

हिन्‍दुओं को आज भी आदरभाव से देखते हैं अरबी लोग

भारत से अरब देशों में काम करने के लिए गए हिन्‍दुओं को आज भी अरबी लोग आदर के भाव से देखते हैं। भारतीय व पाकिस्‍तानी मुसलमानों को वहां पर अरबियों के लैट्रिन साफ करने से लेकर उंट और बकरी चराने तक का काम लिया जाता है। लेकिन भारत से जाने वाले हिन्‍दुओं से ऐसा कोई काम नहीं लिया जाता है ।

….और भारतीय मुसलमान का कलम कर दिया गया सर

जो भारतीय मुसलमान यहां दिखाते हैं कि अरब देश वाले उनके भाई हैं। वे भी मुसलमान हैं, आज भी अरब देशों में उनकी औकात नहीं है कि किसी महिला से शादी कर लें। 80 के दशक  में एक भारतीय मुसलमान ने एक अरबी मुसलमान की बेटी से निकाह कर लिया था। उस भारतीय मुसलमान का सर वहीं सरेआम चौराहे पर कलम कर दिया गया था। आज भी यहां के मुसलमानों के साथ रोटी और बेटी का रिश्‍ता अरबी नहीं रखते हैं। समस्त भारतीय उपमहाद्वीप के किसी व्यक्ति को आज तक किसी अरबी ने अपनी बेटी नहीं दी है। बल्कि वह अरबी तो हैदराबाद और अन्‍य स्‍थानों पर मुसलमानों की बेटियों को खरीदने आते हैं और चन्‍द सिक्‍कों की लालच में उन्‍हें यहां के मुसलमान अपनी बेटियां दे देते हैं।

भारतीय व पाकिस्‍तानियों की हज में लगती है अलग लाइन

भारत और पाकिस्‍तान से हज करने के लिए जाने वाले मुसलमानों के लिए खाने काबा में घुसने के लिए अलग लाइन लगाई जाती है। क्यों सऊदी अरब के काबा में मक्का और मदीना में अरबी फर्स्ट वाली नीति लागू है क्यों अरबों के लिए अलग लाइन होती है और दूसरे देश के लोगों के लिए अलग लाइन होती है ?

12 अरब देशों की संयुक्‍त सेनाओं को 6 दिन में घुटने पर ला दिया इजराइल ने

अरब देशों से हिन्‍दुओं को निकलवाने का सपना देखने वालों तुमकों अभी अपनी औकात नहीं पता है। केवल लखनऊ शहर जितनी जनसंख्‍या है इजराइल की। ऐसे देश ने मात्र 6 दिनों में 12 अरब देशों की सेनाओं को एक साथ ही घुटने पर खड़ा कर दिया। जो इसराइल एकदम छोटा सा देश था उसकी सेनाओं ने सीरिया, लेबनान, इजिप्ट, जॉर्डन, फिली‍स्‍तीन जैसे देशों के बड़े इलाकों पर कब्जा कर लिया और उसने उस जमीन को यह कह कर वापस नहीं किया युद्ध में जीती गई जमीन जीते गए  देश की होती है । ये सभी अरब देश मिलकर इजराइल से अपनी 1 इंच जमीन नहीं ले सके।

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