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जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा संतकबीरनगर : नसबंदी में पुरुषों से आगे हैं महिलाएं ( देवीलाल गुप्‍त की रिपोर्ट )

–    बीते सप्ताह 1 पुरुष और 10 महिलाओं ने अपनाया नसबंदी का साधन

–    कोरोना संक्रमण के बावजूद परिवार नियोजन कार्यक्रम के प्रति समुदाय का मिल रहा है सहयोग

संतकबीरनगर, 19 जुलाई 2020।

जनसख्‍यां स्थि‍रता पखवाड़े के दौरान जिले में पिछले 7 दिनों में 1 पुरुष तथा 10 महिलाओं ने परिवार नियोजन के लिए नसबंदी जैसा स्थायी साधन अपनाया है। साथ ही साथ 89 महिलाओं ने अस्‍थायी साधन गर्भनिरोधक भी अपनाए। कोरोना संक्रमण के बावजूद विभागीय अधिकारी, कर्मचारी, आशा कार्यकर्ताओं और समुदाय के सहयोग से लक्ष्‍य की प्राप्ति की दिशा में बेहतर प्रयास कर रहे हैं।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. मोहन झा ने बताया कि कोविड-19 के संक्रमण काल में एक सक्षम राष्‍ट्र के निर्माण में परिवार नियोजन की भागीदारी को महत्‍वपूर्ण मानते हुए जनसंख्‍या स्थिरता पखवाड़े की सफलता पर जोर है। जिले के बघौली ब्‍लॉक क्षेत्र की बीसीपीएम नन्दिनी राय तथा आशा संगिनी गायत्री सिंह के द्वारा पिछले दिनों एक पुरुष को प्रेरित कर नसबंदी का साधन अपनाने के लिए तैयार किया गया। वहीं जिले में विभिन्‍न आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से कुल 10 महिलाओं ने नसबन्‍दी का साधन अपनाया। जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े में महिलाओं को नसबंदी करवाने के लिए प्रोत्साहित करने में आशा  कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान है। कोराना काल में भी वह घर-घर जाकर दम्पतियों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक कर रही हैं। आशा कार्यकर्ता उन घरों में विशेष रूप से संपर्क करने की कोशिश कर रही हैं, जहां नव-विवाहित दंपति रह रहे हैं। आशा कार्यकर्ता इन लोगों को परिवार नियोजन की महत्ता बताते हुए उनकी पसंद के अनुसार गर्भ निरोधक साधन. जैसे माला.-एन, छाया, सी पिल्स एवं कंडोम अपनाने को राजी करती हैं और यह साधन उपलब्ध भी करा रही हैं। वह गर्भ निरोधक इंजेक्शन अंतरा, पीपीआईयूसीडी, पीएआईयूसीडी अपनाने और नसबंदी की भी सलाह दे रही हैं। इस कार्यक्रम में यूपीटीएसयू ( उत्‍तर प्रदेश तकनीकी सहयोग इकाई ) के द्वारा निरन्‍तर सहयोग दिया जा रहा है। आशा संगिनी सरोज यादव कहती हैं कि बढ़ती जनसंख्‍या सारे संसाधनों पर भारी है, इसलिए विविध तरीकों से महिलाओं को नसबन्‍दी कराने तथा परिवार को छोटा रखने की सलाह दे रहे हैं।

पिछले साल हुई थी 56 नसबन्‍दी

एसीएमओ आरसीएच ने बताया कि वर्ष 2019 में जनसंख्‍या स्थिरता पखवाड़े के दौरान जहां 52 महिलाओं की नसबन्‍दी हुई थी, वहीं 4 पुरुषों ने नसबन्‍दी अपनाया था। 154 पीपीआईयूसीडी लगाए गए थे, जबकि 240 महिलाओं को त्रैमासिक गर्भनिरोधक अन्‍तरा इंजेक्‍शन की पहली डोज दी गई थी।

गृह भ्रमण के दौरान रखना है ध्यान

– आशा कार्यकर्ता मॉस्क जरूर लगाएं।

– हाथों को बार-बार साबुन-पानी से धोएं।

– कम से कम दो गज की दूरी से बात करें।

– घर की कुण्डी या दरवाजा न छुएं और न खटखटाएं।

– आवाज देकर परिवार के सदस्यों को बुलाएं व बात करें।

सोमवार से चलेंगे जागरुकता रथ

परिवार नियोजन के प्रति जागरुक करने के लिए सोमवार से जनपद में जागरुकता रथ चलाए जाएंगे। इन रथों के जरिये परिवार नियोजन के प्रति जागरुक करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा। योग्य लाभार्थियों का पंजीकरण किया जाएगा तथा अस्‍थायी गर्भनिरोधक साधन कंडोम का भी वितरण किया जाएगा।

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