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हर साल बरसात में डूबना ही नियति हो गई है मोतीनगर मुहल्‍ले के लोगों की ( देवीलाल गुप्‍त की रिपोर्ट )

– तीन महीने तक जलमग्‍न रहती हैं मोती नगर मुहल्‍ले की सड़कें
– न तो नगरपालिका ध्‍यान देती है न ही स्‍थानीय जनप्रतिनिधि
संतकबीरनगर, न्‍यूज केबीएन ।
गजलकार दुष्‍यन्‍त कुमार लिखते हैं कि …..
कहां तो तय था चरांगा, हरेक घर के लिए ।
कहां चराग मयस्‍सर नहीं शहर के लिए ।।
संतकबीरनगर के जिला मुख्‍यालय खलीलाबाद तथा नगर पा‍लिका परिषद खलीलाबाद के कार्यालय से मात्र 400 मीटर की दूरी पर स्थित मोतीनगर मुहल्‍ले की व्‍यवस्‍था दुष्‍यन्‍त कुमार की इन लाइनों में खूब दिखाई देती है। हर साल डूबना इस मुहल्‍ले के लोगों की नियति हो गई है। लेकिन नगर पालिका परिषद क्‍या, किसी जिम्‍मेदार जनप्रतिनिधि ने भी कभी इस मुहल्‍ले की खबर नहीं ली।

कुछ इसी तरह से डूबी रहती हैं मोतीनगर मुहल्‍ले की सड़कें

नगर पालिका परिषद खलीलाबाद के कार्यालय से महज 400 मीटर की ही दूरी है खलीलाबाद के इस मुहल्‍ले में जहां जल जमाव की स्थिति है वहां की। वैसे तो यह खलीलाबाद नगरपालिका के कार्यालय से सटे ही स्थित है। लेकिन मुहल्‍ले की स्थिति यह है कि यहां की सड़क पर हर साल तीन महीने तक केवल पानी के ही दर्शन होते हैं। मुहल्‍ले के लोगों को घुटने भर पानी में घुसकर अपने घर में जाना पड़ता है। यही नहीं लोगों के घरों में जलीय जानवरों के साथ ही सांप भी घुसने लगते हैं। लेकिन लोगों की इस दुर्दशा पर किसी की भी नजर नहीं पड़ी । मोती नगर मोहल्ले की ऐसी खस्ता हालत देख कर सच मे तरस आता है, यहाँ के चेयरमेन ,और अधिशासी अधिकारी को जल्द से जल्द कुछ  करना चाहिए की यहाँ के लोग इस जलजमाव से निजात मिले  इस रोड पर 3 महीनो तक 2-3 फुट तक पानी लगा रहता है और इस जगह के लिए । कोई इस सड़क की इस दुर्दशा के लिए आवाज तक नहीं उठाता है। कारण है कि आवाज उठाने पर भी कभी किसी ने ध्‍यान ही नहीं दिया।नतीजन यहां के लोगों ने डूबना ही अपनी नियति मान लिया है।

डूबा हुआ है सरस्‍वती विद्या मन्दिर जाने वाला रास्‍ता

मुस्‍कुराइये की आप मोतीनगर मुहल्‍ले के निवासी हैं, बिजली के गिरे हुए पोल में आप कभी भी टकरा सकते हैं और कभी भी यहां बड़ी दुर्घटना हो सकती है

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