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खुशखबरी : पीयर एजूकेटर्स को मिलेगा छाता, बैग और घड़ी ( देवीलाल गुप्‍त की रिपोर्ट )

–    फिजिकल डिस्‍टेंसिंग और कोविड-19 प्रोटोकॉल के अनुसार होगा वितरण
–    राज्‍य मुख्‍यालय से जिले को प्राप्‍त हुए हैं इन सामानों के 1080 सेट

संतकबीरनगर, 28 जुलाई 2020।
किशोरों के स्‍वास्‍थ्‍य की निगरानी करने वाले जिले के 1080 पीयर एजूकेटर्स को विभाग की तरफ से नान मानीटरी इंसेण्टिव के रुप में छाता, बैग, दीवाल घड़ी, टिफिन और पानी की बोतल दी जाएगी। यह सारा सामान जिले को प्राप्‍त हो चुका है। कोविड प्रोटोकॉल और फिजिकल डिस्‍टेंसिंग को ध्‍यान में रखते हुए इन सामानों का वितरण सम्‍बन्धित ब्‍लॉक क्षेत्रों में किया जाएगा।

जिले में किशोर स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी व एसीएमओ आरसीएच डॉ. मोहन झा ने बताया कि जिले में पीयर एजूकेटर्स को देने के लिए छाता, बैग और घड़ी आ गयी है। नान मानीटरी इंसेन्टिव के तहत हर साल पीयर एजूकेटर्स को 600 रुपए के सामान देने का प्रावधान है। कोविड संक्रमण के चलते वर्ष 2019 – 20 का नान मानीटरी इंसेन्टिव के सामान समय पर नहीं आ पाए थे। इन सामनों को राज्‍य मुख्‍यालय द्वारा अब भेजा गया है। शीघ्र ही इनका वितरण पीयर एजूकेटर्स को कर दिया जाएगा। किशोर स्‍वास्‍थ्‍य के जिला कार्यक्रम समन्‍वयक दीनदयाल वर्मा बताते हैं कि  किशोरों के पास ऐसी अनेक समस्‍याएं हैं जिनके बारे में वह न तो अपने किसी परिजन को कुछ बताते हैं, न ही स्‍कूल में शिक्षकों से ही अपनी समस्‍या को साझा करते हैं। इन्‍हीं बातों को ध्‍यान में रखते हुए जिले के चार  ब्‍लॉक क्षेत्रों के 54 स्‍वास्‍थ्‍य उपकेन्‍द्रों में किशोर स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रम चलाया जा रहा है। हर स्‍वास्‍थ्‍य उपकेन्‍द्र क्षेत्र में पीयर एजूकेटर्स की कुल पांच  टीमें बनाई गई हैं। प्रत्येक टीम में दो किशोर व दो‍ किशोरियां हैं। इनमें भी किशोर व किशोरी का एक जोड़ा स्‍कूल जाने वाला है तो किशोर व किशोरी का एक जोड़ा स्‍कूल न जाने वाला है।

पीयर एजूकेटर्स के दायित्‍व

अगर क्षेत्र में किसी युवा को कोई समस्‍या होती है तो वह अपने क्षेत्र के पीयर एजूकेटर से मिलता है। पीयर एजूकेटर उनकी समस्‍या को सुनता है तथा उसकी समस्‍या के हिसाब से उसे आशा, एएनएम, नजदीकी स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र या फिर किेशोर हेल्‍थ सेण्‍टर जाने की सलाह देता है, ताकि उसकी समस्‍या का निराकरण हो सके।

इन समस्‍याओं पर होता है ध्‍यान

पीयर एजूकेटर्स का ध्‍यान किशोरावस्‍था में होने वाली विभिन्‍न समस्‍याओं पर होता है। इनमें मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य, माहवारी प्रबन्‍धन, माहवारी स्‍वच्‍छता, यौन व प्रजनन क्षमता,यौन रोग, नशावृत्ति, लैंगिक हिंसा, किशोर पोषण, किशोर एनीमिया के साथ ही साथ अन्‍य तरह की समस्‍या होने पर पीयर एजूकेटर्स से सम्‍पर्क करके समस्‍या का निदान कराया जा सकता है।

पीयर एजूकेटर्स को जानिये

खलीलाबाद ब्‍लाक के 24 उपकेन्‍द्रों पर कुल 480 पीयर एजूकेटर्स तैनात हैं। वहीं सेमरियांवा के 12 उपकेन्‍दों पर 240 पीयर एजूकेटर्स की तैनाती की गई है। मेंहदावल के 9 उपकेन्‍द्रों पर 180 पीयर एजूकेटर्स हैं तो हैसर बाजार के 9 उपकेन्‍द्रों पर 180 पीयर एजूकेटर्स की तैनाती की गई है। इस प्रकार कुल 54 उपकेन्‍द्रों पर 1080 पीयर एजूकेटर्स की तैनाती की गई है ।

 

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