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…..इन नन्ही बच्चियों से समाजसेवी डा. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने बंधवाई राखी बदले में उन्हें उपहार देकर किया प्रसन्न, नन्हीं बहनों ने बोला थैंक्यू (रिपोर्ट- देवीलाल गुप्त)

….इन नन्ही बच्चियों से समाजसेवी डा. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने बंधवाई राखी बदले में उन्हें उपहार देकर किया प्रसन्न, नन्हीं बहनों ने बोला थैंक्यू

– डा.उदय प्रताप चतुर्वेदी ने कहा कि राखी का धागा भाइयों और बहनों के बीच प्यार और विश्वास का अटूट बंधन है।

संतकबीरनगर : खलीलाबाद स्थित स्कूल परिसर में सूर्या एकेडमी के प्रबंधक डा. उदय प्रताप चतुर्वेदी को बैठे देख सूर्या सदन कैम्पस की इन नन्हीं बच्चियों ने हाथ में राखी लेकर बांधने पहुंच गई। इसके बाद वो खुद इन नन्हीं बच्चियों से राखी बंधवाने से रोक नही पाएं। इस साल कोविड-19 की वजह से भाई-बहन का यह पवित्र त्योहार सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए कुुुछ यूं मनाया गया रक्षाबन्धन का त्योहार।

सोमवार को सूर्या सेवा सदन की नन्ही बच्चियों ने समाजसेवी व प्रबंधक डा. उदय प्रताप चतुर्वेदी के कलाई पर राखी बांधी तो उन्होंने इन बहनों को तोहफे दिया तो सभी ने खुश होकर बोला थैंक्यू और उन्होंने सभी को उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए जीवन भर रक्षा का वचन दिया। उन्होंने सभी को आशीर्वाद देते हुए बड़ी प्रसन्नता से इस पर्व को मनाया। समाजसेवी डा. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने कहा कि भारत की सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकता का प्रतीक यह पर्व भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और भारतीय संस्कृति में बेटियों के महत्व को दर्शाता है। कलाई पर बंधा रक्षासूत्र हमें सदैव बेटियों एवं बहनों के सम्मान, सुरक्षा के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन भाई-बहन के अनन्य प्रेम का त्योहार है। राखी पर्व, भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को मजबूत तो करता है।

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