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प्रभा इंस्‍टीच्‍यूट आफ मेडिकल साइन्‍सेज के स्‍टाफ व चिकित्‍सक भी ‘मुन्‍नाभाई’ या ‘अस्तित्‍व विहीन’

– 4 चिकित्‍सकों व 6 पैरामेडिकल स्‍टाफ की वास्‍तविकता आखिर क्‍या
– अगर इन्‍होने सहमति दी है तो इनके उपर भी दर्ज होना चाहिए मुकदमा

संतकबीरनगर , न्‍यूज केबीएन ।

खलीलाबाद में चलने वाला प्रभा इंस्‍टीच्‍यूट आफ मेडिकल साइन्‍सेज नामक अस्‍पताल जिसका खलीलाबाद तो क्‍या पूरी दुनिया में कहीं कोई अस्तित्‍व नहीं है। उस इंस्‍टीच्‍यूट में चिकित्‍सकों के साथ ही पैरामेडिकल स्‍टाफ भी कार्यरत हैं। उन पैरामेडिकल स्‍टाफ की हकीकत क्‍या है यह भी जांच का विषय है।

प्रभा इंस्‍टीच्‍यूट आफ मेडिकल साइंसेज का वह फर्जी प्रमाण पत्र जिसमें चिकित्‍सकों और पैरा मेडिकल स्‍टाफ के नाम अंकित हैं

प्रभा  इंस्‍टीच्‍यूट आफ मेडिकल साइंसेज, विधियानी खलीलाबाद के फर्जी प्रमाण पत्र में यह दिखाया गया है कि उनके यहां 4 एमबीबीएस चिकित्‍सकों के साथ ही 6 पैरामेडिकल स्‍टाफ कार्य करते हैं। चिकित्‍सकों में डॉ सविता तिवारी पुत्री रविन्‍द्र नाथ तिवारी अलीगढ़ मुस्लिम विश्‍वविद्यालय, डॉ रितेश श्रीवास्‍तव पुत्र डीएन श्रीवास्‍तव कानपुर यूनिवर्सिटी, डॉ गरिमा श्रीवास्‍तव पुत्री एसपी श्रीवास्‍तव लखनऊ यूनिवर्सिटी तथा डॉ अवधेश त्रिपाठी पुत्र स्‍व. पीसी त्रिपाठी कानपु यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस हैं। वे इस अस्‍पताल जिसका कहीं कोई अस्तित्‍व ही नहीं है उसमें फुल टाइम सेवाएं दे रहे हैं। उनकी पंजीकरण संख्‍या भी प्रमाण पत्र में लिखी है। वहीं पैरामेडिकल स्‍टाफ के रुप में सविता विश्‍वकर्मा पुत्री रामअवध व बाला पुत्री विनोद अग्रहरि गोरखपुर यूनिवर्सिटी से जीएनएम है। वहीं रेनू त्रिपाठी पुत्री अमित त्रिपाठी लखनऊ यूनिवर्सिटी से जीएनएम व विनोद कश्‍यप पुत्र ध्रुव नारायन इसी यूनिवर्सिटी से डीएम एलटी हैं। हरेन्‍द्र यादव पुत्र रामकृपाल यादव भी लखनऊ यूनिवर्सिटी से डीपीटी हैं, वहीं निर्मला कुशवाहा पुत्री आर एस कुशवाहा गोरखपुर यूनिवर्सिटी से ही एएनएम का कोर्स करके धरती पर कहीं भी मौजूद न रहने वाले प्रभा देवी इंस्‍टीच्‍यूट आफ मेडिकल साइंसेज में निरन्‍तर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन सभी चिकित्‍सकों व पैरामेडिकल स्‍टाफ की पंजीकरण संख्‍या भी इस बिना अस्तित्‍व के अस्‍पताल के प्रमाण पत्र में अंकित हैं। प्रश्‍न तो यह उठता है कि आखिर क्‍या इन चिकित्‍सकों व पैरामेडिकल स्‍टाफ को यह मालूम है कि वे संतकबीरनगर जनपद में स्थित अस्‍पताल में फुल टाइम सेवा दे रहे हैं। क्‍या इनका भी कोई अस्तित्‍व है कि इस अस्‍पताल की तरह ये भी अस्तित्‍व वि‍हीन लोग हैं। अगर ये लोग अस्तित्‍व में है और इन्‍होने अपने प्रमाण पत्र और सहमति पत्र प्रभा इंस्‍टीच्‍यूट आफ मेडिकल साइंसेज को दी हैं तो इन लोगों के उपर भी मुकदमा दर्ज होना ही चाहिए तथा इनकी डिग्री छीन लेनी चाहिए।

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