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प्रेमिका के हत्‍यारे के घर की खुदाई में मिले मां बाप के कंकाल

रायपुर. भोपाल में गर्लफ्रेंड की हत्या कर मकान में दफन करने वाले उदयन दास के रायपुर वाले मकान में रविवार को खुदाई के दौरान हड्डियां और एक खोपड़ी मिली। एक गोल्ड चेन भी बरामद की गई। शक है कि चेन और खोपड़ी उदयन की मां की खोपड़ी हो सकती है। आरोपी ने कबूल किया था कि वो अपने माता-पिता को भी मारकर रायपुर वाले मकान में दफन कर चुका है। पुलिस उसे लेकर रायपुर पहुंची थी। उसकी निशानदेही पर ही यहां खुदाई की गई। अब पुलिस का कहना है कि हड्डियों को डीएनए टेस्ट के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद ही तय होगा कि ये उदयन के पैरेंट्स की हैं।
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आकांक्षा की फाइल फोटो और ममी की तरह पड़ा उसका शव

और क्या मिला खुदाई में…

खुदाई के दौरान एक बोरी मिली है, जिसमें कुछ कपड़े और हाथ के पंजे की हड्डियां मिली। कुछ औजार मिले हैं। माना जा रहा है कि इनका इस्तेमाल उदयन ने गड्ढा खोदने में किया होगा। बताया जा रहा है कि उदयन ने मां-बाप की हत्या सिर्फ इसलिए की, क्योंकि वे उसे नशा और फिजूल खर्च करने से रोकते थे। उधर, बंगाल पुलिस ने मीडिया के सामने दावा किया है कि उदयन साइको नहीं है।
पड़ोसी बोले- हमें मौत की वजह बीमारी बताई थी
रायपुर में उदयन के बेचे गए मकान के आसपास रहने वालों ने बताया कि उदयन रायपुर में मां इंद्राणी और पिता वीके दास के साथ रहता था।उदयन और उसकी फैमिली पड़ोसियों से ज्यादा घुलती-मिलती नहीं थी। इसलिए लोग ज्यादा कुछ नहीं बता पाए। हालांकि, उन्होंने यह जरूर बताया कि उन्हें इंद्राणी और उनके पति की मौत की वजह बीमारी बताई गई थी।
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आरोपी उदयन के घर की खुदाई करती पुलिस टीमें

क्या है मामला?
पश्चिम बंगाल के बांकुरा में रहने वाले देवेंद्र कुमार शर्मा की बेटी आकांक्षा उर्फ श्वेता (28) की 2007 में उदयन नाम के लड़के से ऑरकुट पर दाेस्ती हुई थी। जून 2016 में घर से नौकरी करने की बात कहकर अाकांक्षा भोपाल आ गई। यहां वह उदयन के साथ साकेत नगर में रहने लगी। उसने परिवारवालों को बताया कि मैं अमेरिका में नौकरी कर रही हूं। जुलाई 2016 के बाद आकांक्षा के परिवारवालों से बात होनी बंद हो गई। भाई ने नंबर ट्रेस कराया तो लोकेशन भोपाल की निकली। परिवार के लोगों को शक था कि आकांक्षा उदयन के साथ रह रही है। दिसंबर 2016 में आकांक्षा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई। एक महीने की जांच के बाद पुलिस उसके ब्वॉयफ्रेंड उदयन के घर पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने आकांक्षा की हत्या की बात कबूली। बाद में अपने माता-पिता की हत्या की बात भी बताई।

उदयन ने आकांक्षा की हत्या क्यों की थी?
आकांक्षा अपने एक दोस्त से फोन पर अक्सर बात करती थी। यह बात उदयन को नागवार गुजरती थी। 14 जुलाई 2016 की रात आकांक्षा और उदयन के बीच जमकर बहस हुई थी। आकांक्षा सो गई, लेकिन उदयन रातभर जागता रहा। मारने की प्लानिंग करता रहा। 15 जुलाई की सुबह वह आकांक्षा के सीने पर बैठ गया और तकिए से उसका तब तक मुंह दबाता रहा, जब तक कि उसकी सांसें नहीं थम गईं। इसके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ। उसने हाथ से उसका गला घोंट दिया। बाद में उसने बॉडी को एक बॉक्स में बंद किया, फिर उसे मकान के कैम्पस में दफनाकर उस पर सीमेंट का चूबतरा बना दिया।
कौन है उदयन?
उदयन के पिता वीके दास भेल में फोरमैन थे। उदयन की मां विध्यांचल भवन में एनालिस्ट की पोस्ट से रिटायर हुई थीं।  मां की पेंशन लगभग 30 हजार रुपए आती है। फेडरल बैंक एमपी नगर शाखा में पिता के साथ उदयन का ज्वाइंट अकाउंट है। इन्हीें पैसों से उदयन और आकांक्षा का खर्च चलता था।

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