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राज्‍यसभा में मोदी ने क्‍या कहा कि भाग खड़े हुए कांग्रेसी सांसद : पूरा धन्यवाद भाषण

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बहस में हिस्सा लिया। नोटबंदी से शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि नोटबंदी कोई राजनीतिक लड़ाई नहीं है, यह किसी राजनीतिक दल को परेशान करने के लिए भी नहीं है। जानिए पीएम मोदी के भाषण दस बड़ी बातें:

नोटबंदी किसी भी राजनीतिक दल को परेशान करने के लिए नहीं
नोटबंदी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि पैरेलल इकोनॉमी के कारण सबसे ज्यादा नुकसान गरीब का हुआ। गरीब का हक छीना जाता है और उसका शोषण होता है। प्रयास पहले भी हुए होंगे। हम कब तक इन समस्याओं को कारपेट के नीचे डालकर गुजारा करते रहेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बात से हम इनकार नहीं कर सकते कि हमारे देश में एक बुराई आई है। इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि इसने हमारी अर्थव्यवस्था में, समाज में जड़ें जमा दी हैं। और इसलिए भ्रष्टाचार-कालेधन के खिलाफ लड़ाई राजनीतिक निर्णय नहीं है।

अर्थशास्त्रियों के पास नहीं है नोटबंदी का लेखाजोखा करने का मापदंड
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया के अर्थशास्त्रियों के पास नोटबंदी का लेखाजोखा करने का मापदंड नहीं है। उन्होंने कहा कि विश्व में नोटबंदी का कोई इतना बड़ा फैसला कभी हुआ ही नहीं। इसलिए दुनिया के अर्थशास्त्रियों के पास, इसका लेखाजोखा करने का कोई मापदंड नहीं है। दुनिया भर की यूनिवर्सिटीज के लिए बहुत बड़ी केस स्टडी बन सकता है।

आतंकवाद-नक्सलवाद को बढ़ावा देने में होता है जाली नोट प्रयोग
जाली नोट के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद-नक्सलवाद को बढ़ावा देने में इसका उपयोग होता है। कुछ लोग उछल-उछलकर कह रहे हैं कि आतंकियों के पास दो हजार रुपए के नए नोट मिले। हमें पता होना चाहिए कि बैंक लूटने का प्रयास और नई नोट ले जाने का प्रयास जम्मू-कश्मीर में हुआ। जाली नोट बंद होने के बाद उनके सामने दिक्कत आई। नोटबंदी के कुछ ही दिन बाद जो आतंकी मारे गए, उनके पास से ये नोट मिले।

नोटबंदी के बाद 700 माओवादियों ने किया सरेंडर
पीएम मोदी ने कहा, आज जाली नोट, हवाला कारोबार, आतंकवाद, ड्रग्स का कारोबार फैल चुका है। पहले ऐसा नहीं था। हमने जब फैसला किया तो जाली नोट तो उसी वक्त न्यूट्रिलाइज हो गए थे। आपने टीवी पर देखा होगा। दूसरे देश में जाली नोट का कारोबार करने वाले को आत्महत्या करनी पड़ी थी। नवंबर-दिसंबर के दौरान 40 दिन में 700 नक्सलियों ने आत्मसमपर्ण किया है। ये नोटबंदी के बाद हुआ। अगर माओवादी सरेंडर करें और उसका संतोष में किसी को ना हो ऐसा हो नहीं सकता। और अगर संतोष नहीं हो रहा है तो मामला कुछ और है।

पीएम ने बताईं सरकार की उपलब्धियां
पीएम मोदी ने राज्यसभा में कहा कि रेलवे में कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर कदम उठाए गए हैं। कई शहरों में बिजली के बिलों जैसी सुविधाओं को ऑनलाइन किया गया है। समाज के छोटे लोगों की इच्छाओं को पूरा करने की दिशा में प्रयास होना चाहिए। डायरेक्ट ट्रांसफर बेनिफिट से 50 हजार करोड़ रुपए की लीकेज रोकी गई है। इससे देश के खजाने की लूट रुकी है। हमें डिजिटल पेमेंट को बढ़ाने की कोशिश जारी रखनी होगी। बहुत तेजी से मोबाइल और पॉश मशीन बढ़ाए जा रहे हैं। आधार बेस्ड पेमेंट को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। करीब 30 फीसदी लोग डिजिटल ट्रांसेक्शन कर रहे हैं।

अपने गिरेबां में झांके उपदेश देने वाले
पीएम मोदी ने कहा कि रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर को लेकर भी बातें हुईं, मैंने उनका विरोध किया। पूर्व गवर्नर सुब्बाराव ने अपनी किताब में लिखा- 2008 में तत्कालीन वित्त सचिव के तहत एक नियुक्ति से मैं नाराज था। चिदंबरम ने रिजर्व बैंक के अधिकार क्षेत्र में ओवरस्टेप किया था। अभी तक किसी ने इस आरोप का जवाब नहीं दिया है। जो आज उपदेश देते हैं वो अपने गिरेबां में झांकें। हमने आरबीआई की ताकत बढ़ाने के लिए कई फैसले किए हैं। आरबीआई एक्ट में संशोधन करके मॉनिटरी पॉलिसी के लिए समिति को पूरी स्वायत्तता दी। इस समिति में केंद्र का एक भी सदस्य नहीं है।

बाथरूम में रेनकोट पहनकर नहाना जानते हैं मनमोहन सिंह
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर टिप्पणी करते हुए मोदी ने कहा कि पिछले सत्र में मनमोहन सिंह जी ने अपने विचार रखे थे। ये बात सही है कि अभी एक किताब निकली है, उसका फोरवर्ड डॉक्टर साहब ने लिखा है। हमें लगा किताब उन्हीं की है। लेकिन किताब किसी और की थी और फोरवर्ड उनका था। उनके भाषण में भी मुझे ऐसा लगा कि शायद…।

विपक्ष ने इस पर हंगामा किया, इस पर मोदी ने कहा- जो मैंने बोला नहीं, उसका अर्थ आप कैसे समझ गए। 35 साल तक इस देश में शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति होगा जिसने आजादी के बाद आधा समय तक देश की अर्थव्यवस्था को देखा हो। लेकिन कितने घोटाले की बातें आईं। खासकर राजनेताओं के पास डॉक्टर साहब से बहुत कुछ सीखने जैसा है। इतना सब हुआ, उन पर एक दाग नहीं लगा। बाथरूम में रेनकोट पहनकर नहाना ये सिर्फ डॉक्टर साहब जानते हैं।

स्वच्छता आंदोलन के लिए मीडिया का शुक्रिया
स्वच्छता आंदोलन को बढ़ावा देने के लिए मीडिया का अभिवादन- ये कार्यक्रम ऐसा अपवाद जिसे नेताओं और सरकार से आगे बढ़कर मीडिया ने बढ़ाया है। आज गांधीजी होते और स्वच्छता की बात करते तो भी क्या हम विपक्ष की भाषा बोलते। मुझे खुशी है कि ग्रामीण क्षेत्र में सेनिटेशन कवरेज 42 फीसदी से बढ़कर 60 फीसदी पहुंचा है।

महिलाओं के लिए टायलेट का ना होना गांव और शहर में दर्द का विषय है। इस पर मजाक नहीं हो सकता। महिलाओं की सुरक्षा के लिए 181 हेल्पलाइन. 18 राज्य और यूटी ने इसे आगे बढ़ाया है। हरियाणा ने महिला पुलिस वालिंटयर्स का नेटवर्क खड़ा किया है।

आरबीआई गवर्नर का बचाव किया
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा मुझ पर हमला होना स्वाभाविक है। लेकिन रिजर्व बैंक को घसीटने और उनके गवर्नर को घसीटने का कोई कारण नहीं है। इनसे पहले भी जो गवर्नर थे, उस वक्त भी आवाजें उठी थीं। मैंने उसका भी विरोध किया था। आरबीआई की बड़ी भूमिका है अर्थव्यवस्था है। जो आरबीआई पर सवाल उठाते हैं और उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं मैं उनसे एक बात कहना चाहता हूं।

आरबीआई के गवर्नर सुब्बाराव ने एक किताब लिखी है। इस किताब में उन्होंने लिखा है कि 2008 में तत्कालीन वित्त सचिव के तहत लिक्विडिटी मैनेजमेंट कमेटी नियुक्त करने से मैं परेशान था। चिदंबरम ने भारतीय बैंक के विषय में ओवरस्टेप किया था। लिक्विडिटी मैनेजमेंट पूरी तरह से आरबीआई का विषय है। उन्होंने न सिर्फ ओवरस्टेप किया, बल्कि मुझे बताया ही नहीं। मुझे नहीं पता था कि यह मेरे और उनके बीच मेरे आखिरी दिनों में संबंध असहज करने की टोन सेट करेगा।

ग्लोबल स्तर पर लाएंगे बैंकिंग
पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने बैंकिंग सिस्टम को ज्यादा पेशेवर बनाने की कोशिश की है। हम देश की बैंकिंग को ग्लोबल स्तर पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी और सरकार पर हमला स्वाभाविक है। रिजर्व बैंक और उसके गवर्नर को विवादों में नहीं घसीटना चाहिए। ऐसे संस्थानों की गरिमा का पालन होना चाहिए। अर्थव्यवस्था चलाने में रिजर्व बैंक की बड़ी भूमिका होती है। उसकी क्रेडिबिलिटी में हम सबका योगदान होना चाहिए।

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