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चुनाव आयोग ने दिया दैनिक जागरण पर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने दैनिक जागरण समाचार पत्र को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के पहले चरण के मतदान के बाद सर्वेक्षण की खबर प्रकाशित करने के मामले में संपादक और सर्वेक्षण करने वाली कंपनी के प्रबंध निदेशक के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने का निर्देश दिया है।

जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत किया केस दर्ज
आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी को लिखे पत्र में यह निर्देश दिया है कि आयोग की 27 जनवरी को जारी अधिसूचना और जनप्रतिनिधित्व कानून, 1991 की धारा 126 (ए) के उल्लंघन के मामले में अखबार के संपादक/प्रबंध संपादक/ मुख्य संपादक और मतदान का सर्वेक्षण करने वाली कंपनी रिसोर्स डेवलपमेंट इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।

आयोग ने पत्र में लिखा है कि दैनिक जागरण ने उत्तर प्रदेश राज्य के प्रथम चरण के मतदान के बाद सर्वेक्षण की यह रिपोर्ट अखबार की वेबसाइट इंग्लिशडॉटजागरणडॉटकॉम पर छापी है, जिसमें कहा गया है कि उत्तर प्रदेश राज्य में सरकार बना सकती है।   जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 126 (ए) के तहत कोई भी मतदान के बाद सर्वेक्षण की खबर न तो अखबार में प्रकाशित कर सकता है या इलेक्ट्रानिक मीडिया में दिखा सकता है।
                   
4 फरवरी से 8 मार्च तक लगी है रोक
आयोग ने 27 जनवरी को अधिसूचना जारी करके कहा था कि 4 फरवरी 2017 की सुबह सात बजे से आठ मार्च की शाम साढ़े पांच बजे के बीच भी मतदान के बाद किसी तरह के सर्वेक्षण या परिणाम के बारे में कोई खबर नहीं छापी जा सकती है। जनप्रतिधिनित्व कानून 126 (ए) का उल्लंघन करने पर दो साल की सजा या जुर्माने के साथ या दोनों दंड सुनाया जा सकता है।

आयोग ने कहा है कि रिसोर्स डेवलपमेंट इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड और दैनिक जागरण ने मतदान बाद सर्वेक्षण को प्रकाशित करके जनप्रतिनिधित्व कानून 126 ए और बी के साथ साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 का भी उल्लंघन किया है। आयोग ने प्रथम चरण के दौरान जिन जिलों में मतदान हुआ है, उसके चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अखबार के प्रबंध निदेशक और अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दायर करें।

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