Breaking News

मत कहो आकाश में कोहरा घना है …… दुष्‍यन्‍त कुमार की गजल

मत कहो आकाश में कोहरा घना है,
यह किसी की व्यक्तिगत आलोचना है।

mat, kaho, aakash, me, kohra, ghna, , dusyant kumar

सूर्य हमने भी नहीं देखा सुबह का,
क्या कारोगे सूर्य का क्या देखना है।

हो गयी हर घाट पर पूरी व्यवस्था,
शौक से डूबे जिसे भी डूबना है।

दोस्तों अब मंच पर सुविधा नहीं है,
आजकल नेपथ्य में सम्भावना है.

-----
लिंक शेयर करें