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पीठासीन अधिकारी कर सकते हैं गड़बड़, हर बूथ पर नजर रखें पोलिंग एजेण्‍ट

लखनऊ। केबीएन न्‍यूज

पिछले चरणों में हो चुके चुनावों के दौरान कई जगह से पीठासीन अधिकारियों के द्वारा गड़बड़ी की शिकायतें भी सामने आई। लेकिन पुलिस और फोर्स के भय से लोग कुछ नहीं बोले। कई जगह छोटा मोटा हंगामा भी हुआ। लेकिन बात वहीं की वहीं रह गई।

ऐसा इसलिए हुआ कि प्रत्‍याशी भी 4 से 5 वोटों को लेकर कोई हंगामा करना या शिकायत करना उचित नहीं समझे। लेकिन एक एक वोट महत्‍वपूर्ण होता है। अगर 100 मतदेय स्‍थलों पर ही ऐसा हो गया तो 400 से 500 वोट बढ़ जाएंगे। यह संख्‍या बहुत ही भारी होगी।

यह गड़बड़ी कर सकते हैं पीठासीन अधिकारी

1- अगर कोई व्‍यक्ति बिना पीठासीन अधिकारी के बटन दबाने से पहले ही बटन दबा देता है तो उसका वोट नहीं पड़ता है।

2- लोग समझते हैं कि बटन दबा दिया और वोट पड़ गया। नतीजा यह होता है कि मशीन में पड़े वोट और हस्‍ताक्षर करने वाली बुक में अलग अलग वोट दिखाई देते हैं।

3- कुछ अधिकारी कुछ देर बाद मशीन को ठीक करने या देखने जाते हैं और धीरे से बटन दबाकर एक वोट डाल देते हैं। इसलिए ह‍स्‍ताक्षर रजिस्‍टर और वोटिंग मशीन में वोटों की गिनती देखते रहें।

4- कभी कभी जब दोनों में अधिक अन्‍तर हो जाता है तो वे धीरे- धीरे करके कई वोट डाल देते हैं।

5- कभी कभी जब अन्‍त में वोटिंग मशीन बन्‍द होने वाली होती है, या फिर लंच हो जाता है। इसी बीच कई नामों पर फर्जी हस्‍ताक्षर बनाकर या अंगूठा लगाकर दो- चार वोटों का मनचाहा बटन दबा देते हैं।

6- कभी कभी ये किसी राजनैतिक दल से प्रभावित हो जाते हैं। उसके एजेण्‍ट को इशारा कर देते हैं कि बाहर रहने वाले लोगों के नाम की वोटर पर्ची लाएं। साथ ही इशारा कर दें। उनकी पर्ची को लेकर उन्‍हें वे सीधे ही मतदान प्रकोष्‍ठ में भेज देते हैं। इसलिए आने वाले व्‍यक्ति को पहचान लें कि अमुक व्‍यक्ति वोटर है या नहीं।

7- मतदान का समय समाप्‍त होने के बाद जब सारा कागज सील होने लगता है। इस बीच एजेण्‍ट लापरवाह हो जाते हैं। उसी बीच वे 8 से 10 वोटों के लिए बटन दबा देते हैं।

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