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‘गुरमेहर’ बनाम ‘राम सुब्रह्मण्‍यम्’ का मार्केट गेम…

अरुण सिंह

अरुण सिंह

असहिष्‍णुता और लेफ्ट के द्वारा गढ़े और परिभाषित किए गए तमाम कथित शब्‍दों  के बीच की गुरमेहर कौर इस समय फुटबाल बन चुकी है। आलम यह है कि गुरमेहर कौर के रुप में जहां लेफ्ट को अपनी नई पटकथा का नया किरदार मिल चुका है। वहीं दूसरी तरफ उन्‍होने मार्केट में ले जाकर इस कथा को खूब भुनाने के साथ ही पैसे कमाने का साधन भी बना लिया है।

हम इस पूरे कथानक को गौर से देखें तो हम पाते हैं कि इस पटकथा का लेखक राम सुब्रहमण्‍यम् है। उसने यू. ट्यूब पर वायस आफ राम नाम से एक चैनल बनाया है। उस चैनल में तकरीबन दर्जन भर से अधिक वीडियोज हैं। इस यू ट्यूब चैनल की शुरुआत उसने 28 अप्रैल 2016 को की है। उस चैनल के किसी भी विवर की संख्‍या 6 हजार से अधिक नहीं है। इस चैनल में मौजूद सभी वीडियो के विवर की संख्‍या 10 महीने में 50 हजार से अधिक नहीं पहुंच सकी। लेकिन जबसे यह विवाद शुरु हुआ उसके चैनल के विवर की संख्‍या एकाएक बढ़ गई। केवल गुरमेहर के ही वीडियो के विवर की संख्‍या 1 लाख से अधिक हो गई। इसके बाद राम सुब्रह्मण्‍यम् ने तो उसके वीडियोज पर विज्ञापन भी लेने शुरु कर दिए हैं। जिन वीडियोज को कोई नहीं पूछता था। उन वीडियोज के विवर एकाएक बढ़ गए। कुल मिलाकर यह एक मार्केट गेम के सिवाय कुछ भी नहीं है।

इस मार्केट गेम में सबसे बड़ी बात यह है कि लेफ्ट के साथ ही साथ अन्‍य राजनैतिक दलों को तमाम राजनैतिक फायदे मिल रहे हैं। राम सुब्रह्मण्‍यम् का यू ट्यूब चैनल लोकप्रिय हो रहा है। साथ ही साथ चन्‍दे का जुगाड़ भी…. यह पटकथा आगे क्‍या करती है यह तो आने वाला समय ही बताएगा। बस तेल की धार को देखते रहिए….।

नीचे देखिए राम सुब्रहमणयम के यू ट्यूब चैनल का वह वीडियो जो 10 महीने पहले यू ट्यूब पर अपलोड किया गया था। 4 दिन पहले जिसके विवर की संख्‍या 6 हजार से कम थी। इसके विवर की संख्‍या अब 1 लाख से उपर पहुंच चुकी है। वीडियो के उपर अब विज्ञापन भी आने लगे हैं। इसके विवर की संख्‍या और गूगल के द्वारा इसे दिए जाने वाले विज्ञापनों को भी इस वीडियों में देखें जा सकते हैं।

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