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जीएसटी के बाद भी नहीं बढ़ेगी सामनों की कीमतें

नई दिल्लीः सरकार ऐसे फॉर्मूले पर काम कर रही है, जिसके तहत सामान और सेवाओं पर टैक्स मौजूदा स्तर पर ही बना रहेगा। वित्त मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक जीएसटी के तहत टैक्स की दरें तय करते वक्त इस बात का ख्याल रखा जाएगा कि जिन सामान और सेवाओं पर जो टैक्स लगता है कमोबेस वही लगे। इसके लिए सर्विस टैक्स में अबेटमेंट की भी व्यवस्था लागू करने पर विचार हो रहा है। यानि सर्विस टैक्स की मौजूदा दर और जीएसटी की दर में जो अंतर होगा उसके बराबर की टैक्स छूट दे दी जाएगी। ताकि सर्विस टैक्स की प्रभावी दर में कोई बड़ा बदलाव न हो।

सूत्रों के मुताबिक जीएसटी के तहत न सिर्फ सर्विस टैक्स कम रखने की कोशिश होगी बल्कि इस बात का भी खास ख्याल रखा जाएगा कि उन सामान की कीमतें भी ज्यादा ना बढ़े जिन पर अभी एक्साइज ड्यूटी लगती है। दरअसल जीएसटी के तहत 4 अलग अलग टैक्स की दरें रखी जाएंगी जो 5, 12, 18 और 28 फीसदी होगी।

सूत्रों के मुताबिक किस प्रोडक्ट पर कितना टैक्स लगेगा ये तय करते वक्त देखा जाएगा कि अभी प्रोडक्ट पर कितना टैक्स लग रहा है और फिर उसी के नजदीक वाले टैक्स ब्रैकेट में उस प्रोडक्ट को रखा जाएगा। मान लीजिए कि किसी प्रोडक्ट पर अभी 11 फीसदी या 13 फीसदी टैक्स लग रहा है तो जीएसटी के तहत उसे 12 फीसदी वाले ब्रैकेट में रखा जा सकता है। हालांकि किन-किन सेवाओं और सामान पर कितनी ड्यूटी लगेगी ये तय करने का अंतिम अधिकार जीएसटी काउंसिल के पास है। फिलहाल काउंसिल ने इस पर विचार शुरू नहीं किया है।

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