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मोदी जी ! समझाइये अपने इन बेअंदाज विधायकों को

– सपाइयों के डर से बिल में घुसे रहने वाले विधायक हो गए हैं शेर

– ईमानदार सीओ को हड़काया भारतीय जनता पार्टी के नए विधायक ने

अरुण सिंह। केबीएन न्‍यूज

श्रीरामचरित मानस के बाल काण्‍ड में एक चौपाई आती है.

.. नहिं कोउ अस जनमा जग माहीं।

प्रभुता पाई जाहि मद नाहीं ।।

संसार में ऐसा कोई नहीं है जिसको प्रभुता पाकर घमंड न हुआ हो । उत्‍तर प्रदेश में राम राज्‍य की स्‍थापना को लेकर लोगों ने एक नई सरकार को बहुमत दिया। इसमें तमाम लहरिया विधायक चुने गए। अब प्रभुता मिली तो मद का होना स्‍वाभाविक ही है। ऐसे लहरिया विधायकों के अन्‍दर इस समय मद का ऐसा संचार हुआ है कि वे गलत सही का भेद भी नहीं जानते हैं।

जो विधायक सपाइयों के भय से बिलों में दुबके नजर आते थे। वे अचानक ही शेर बन गए हैं। स्थिति तो यह है कि वे विधायक जो मोदी की लहर के सहारे विधायक बन गए हैं वे इस समय टेढ़े होकर चल रहे हैं। ठीक उसी तरह से जैसे फरदी से राजा भयो, टेढ़ो, टेढ़ो जाहि। उन्‍हें इस बात से कोई मतलब ही नहीं रह गया है कि भाजपा को किस तरह से सत्‍ता मिली है। ऐसे लोगों पर पार्टी के जिम्‍मेदारों को नकेल भी कसनी होगी। ताकि ला एण्‍ड आर्डर को मुद्दा बनाकर सत्‍ता में आई भाजपा के विधायक खुद ही ला एण्‍ड आर्डर के लिए समस्‍या न बन जाएं। समय चिन्‍तन का है। चिन्‍तन नहीं किया तो बहुत देर हो जाएगी।

सपा और भाजपा के शासन में अन्‍तर आखिर कैसा

जिस तरह की गतिविधियां इस समय भारतीय जनता पार्टी के लहरिया विधायकों के अन्‍दर दिख रही है। वह पार्टी की नीतियों को पल भर में धराशायी करने के लिए पर्याप्‍त हैं। स्थिति यह है कि अभी तक सरकार ने कार्यभार भी नहीं संभाला है। ये बेअन्‍दाजी की इन्‍तहां कर रहे हैं। ऐसा तो शायद समाजवादी पार्टी के विधायक भी नहीं किए होंगे जो भारतीय जनता पार्टी के ये लहरिया विधायक कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश में कानून व्‍यवस्‍था का हवाला देकर ही यह चुनाव जीता था। लेकिन अब यह क्‍या हो रहा है यह खुद ही समझा जा सकता है।

 

देखिए : किस तरह से हड़काया नव निर्वाचित विधायक ने सीओ को

की सवायजपुर सीट के नवनिर्वाचित विधायक ने उसी जिले के शाहाबाद सर्किल के सीओ अरविन्‍द कुमार वर्मा को जमकर हड़काया। 3 मिनट 19 सेकेण्‍ड की इस वायरल आडियो में विधायक अपने लड़खड़ाते हुए शब्‍दों में सीओ को बुरा भला कहते हैं। दूसरी तरफ से सीओ भी अपनी बातों को कहते हैं। लेकिन विधायक जी समझते ही नहीं है।

 

देखिए क्‍या हुई विधायक और सीओ के बीच वार्ता

विधायक का सहयोगी: हां सीओ शाहाबाद

सीओ अरविन्‍द वर्मा : हां सीओ शाहाबाद बोल रहा हूं

विधायक का सहयोगी: विधायक जी बात करना चाहते हैं आपसे

विधायक जी : हां रानू बोल रहा हूं सवायजपुर से

सीओ अरविन्‍द वर्मा : हां विधायक जी नमस्‍कार

विधायक जी : एक प्रकरण था कम्‍हरिया गांव का.. उसमें एक हरिजन लड़का था। उसको कुछ यादव लोगों ने मारा पीटा था। तो 100 नम्‍बर पर फोन करा होगा उसने। तो 100 नम्‍बर वाले उसे भी पकड़ ले गए।

सीओ अरविन्‍द वर्मा : हां तो 100 नम्‍बर हमारे कण्‍ट्रोल में नहीं है। वह लखनऊ से कण्‍ट्रोल होती है। कोई भी लड़ाई झगड़ा होता है तो सीधे वह उठा ले जाती है। इसके बाद थाने पर कार्रवाई होती है।

विधायक जी : तो आप आप आपका क्‍या उद्देश्‍य है जो बैठे हुए हैं यहां पर…फिर

सीओ अरविन्‍द वर्मा : 100 नम्‍बर पर हमारा जोर नहीं है। वह सीधे लखनऊ से डील होती है।

विधायक जी : ऐसा है मानसिकता बदलिए मिस्‍टर साहबान…( लड़खड़ाते हुए शब्‍दों में )

सीओ अरविन्‍द वर्मा : मानसिकता पूरी तरह से सही है

विधायक जी : आपको यह पता नहीं है, अब भाजपा की सरकार हो चुकी है… दिमाग सही रखिए

सीओ अरविन्‍द वर्मा : किसी की भी सरकार हो जो सही होगा वही होगा।

विधायक जी : सरकार नहीं होगी

सीओ अरविन्‍द वर्मा : हम सरकार से नहीं चलते

विधायक जी : पीडि़त को पकड़वाकर बन्‍द करवाओगे… पीडि़त को पकड़वाकर बन्‍द कराओगे

सीओ अरविन्‍द वर्मा : पीडि़त नहीं जो भी हो….

विधायक जी : (बात काटते हुए)मुकदमा दर्ज करवाएंगे तुम्‍हारे खिलाफ एससी एसटी एक्‍ट, तुम्‍हारा दिमाग खराब हो गया है।

सीओ अरविन्‍द वर्मा : अपना दिमाग सही रखिए विधायक जी

विधायक जी : तुम्‍हें पता नहीं है सरकार बदल गई है।

सीओ अरविन्‍द वर्मा : हमें सब पता है सरकार बदल गई है, तो हम कोई गलत थोड़े ही करवाएंगे

विधायक जी : तुम पीडि़त को बन्‍द करवाओगे

सीओ अरविन्‍द वर्मा : जो भी गलत करेगा, बन्‍द होगा विधायक जी

विधायक जी : मानसिकता बदल लीजिए, होश में आ जाइये

सीओ अरविन्‍द वर्मा : हमारी मानसिकता एकदम सही है।

विधायक जी : तुमने जो बदतमीजियां की है, सपा के शासन में लूटा है, तुम दलाली करवा रहे हो, सट्टेबाजी करवा रहे हो, शराब बनवा रहे हो

सीओ अरविन्‍द वर्मा : ये आप लोग करवाते हैं, मुझसे कोई मतलब नहीं है

विधायक जी : मैं पकड़वाऊंगा और तुम्‍हारे खिलाफ भी मुकदमा लिखवाऊंगा।

सीओ अरविन्‍द वर्मा : ठीक है

विधायक जी : तुम्‍हारे होश ठिकाने नहीं है

सीओ अरविन्‍द वर्मा : आपके होश ठिकाने हैं। ये जो आप कह रहे हैं, एक चीज जान लीजिए, जो आप कह रहे हैं वह रिकार्ड…

विधायक जी : तुम्‍हारे सर्किल में पीडि़त पकड़ा जा रहा है, तुम कह रहे हो कि तुम्‍हारे अण्‍डर में नहीं है।

सीओ अरविन्‍द वर्मा : पहले आप अपनी जानकारी बढ़ाइये विधायक जी, आपको अगर जानकारी नहीं है तो डायल 100 लखनऊ से कण्‍ट्रोल होता है।

विधायक जी : उसे आप तुरन्‍त फोन करके पूछिए और तुरन्‍त बताइये और जवाब दीजिए फिर

सीओ अरविन्‍द वर्मा : 100 नम्‍बर हमारे से कोई मतलब ही नहीं है, जिले से उसका कोई मतलब नहीं है

विधायक जी : कैसे मतलब नहीं है, पीडि़त पकड़ा गया है, जाइये और मुकदमा लिखवाइये, नहीं तो देखिए उसके बाद

सीओ अरविन्‍द वर्मा : वो आप दिखा दीजिएगा, कुछ नहीं होगा, उससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है

विधायक जी : सीमा तोड़ दी तुमने मर्यादा की

सीओ अरविन्‍द वर्मा : आप जिस तरह से बात कर रहे हैं वह एक विधायक को कतई शोभा नहीं देता है, मोबाइल में सारी चीजें टेप होती हैं

विधायक जी : मुझे सिखाएंगे कि आपके सर्किल में कैसे काम होगा

सीओ अरविन्‍द वर्मा : चाहे आप हों, या कोई भी हो, जो सही होगा , वही होगा ठीक है

विधायक जी : क्‍या यह सही नहीं है कि जो पीडि़त है उसे बन्‍द किया गया है

सीओ अरविन्‍द वर्मा : देखिए आप विवेचना अधिकारी नहीं हैं, जो विवेचना अधिकारी है वह देखेगा सारी चीजें कि क्‍या सही है, क्‍या गलत है

विधायक जी : ठीक है मैं देखता हूं, तुम्‍हारे खिलाफ मुकदमे लिखाता हू, तुमने जितना लूटा है। सारा यहीं पर वसूल कराता हूं। तुमको अभी मेरे नेचर और मेरी असलियत का नहीं पता है कि मैं किस स्‍तर का आदमी हूं

सीओ अरविन्‍द वर्मा : ठीक है, जो करना होगा वह कर लीजिएगा, लेकिन जो सही होगा, वही होगा।

( यह वार्तालाप यहीं समाप्‍त हो जाता है। लेकिन प्रश्‍न यह उठता है कि क्‍या भाजपा अपने इन्‍हीं विधायकों के बूते रामराज्‍य लाने की बात कर रही है। पाठक इस पर खुद विचार करें। )

 

क्‍या र्इमानदारों की कहीं कोई पूछ नहीं है

सीओ अरविन्‍द कुमार वर्मा के बारे में कहा जाता है कि वे शुरु से ही काफी ईमानदार रहे हैं। वर्ष 2011 बैच के पीपीएस अधिकारी अरविन्‍द कुमार वर्मा ने समाजवादी पार्टी की सरकार में भी कभी किसी के आगे नहीं झुके। संतकबीरनगर जनपद में अपनी तैनाती के दौरान उन्‍होने शराब माफिया की लाखों की नकली शराब से भरी गाडि़यों को पकड़ा था। सपा के नेताओं ने बहुत ही दबाव डाला था। लेकिन सीओ अरविन्‍द कुमार वर्मा अपने कर्तव्‍यों से पीछे नहीं हटे। वे शराब की गाडि़यों को सीज करने जा रहे थे। ईमानदार एसपी रोहन पी कनय ने उन्‍हें पूरी छूट दे दी थी। अन्‍तत: समाजवादी पार्टी की सरकार ने उनका तुरन्‍त ही स्‍थानान्‍तरण कर दिया। संतकबीरनगर से वे एक विजेता की तरह से गए। शराब माफिया उनके उपर भारी पड़े। प्रश्‍न यह उठता है कि ऐसे ईमानदार अधिकारियों की क्‍या रामराज्‍य में भी ऐसी ही दुर्गति लिखी है।

 

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