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बीएसए संतकबीरनगर को 20 हजार घूस लेते बिजलेंस टीम ने रंगे हाथ दबोचा

– निलम्बित हुए शिक्षक को बहाल करने के लिए मांग रहे थे रुपए

– बिजलेन्‍स की टीम ने शाम को उनके आवास पर दबोचा था

संतकबीरनगर। न्‍यूज केबीएन टीम

प्रवर्तन विभाग गोरखपुर की टीम ने मंगलवार की शाम को संतकबीरनगर के बीएसए गजराज यादव को 20 हजार रुपए की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। वे एक निलम्बित शिक्षक को बहाल करने के लिए 20 हजार रुपए घूस मांग रहे थे।

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बिजलेंस टीम की पकड़ में आए हुए बीएसए गजराज यादव बीच में

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कोतवाली खलीलाबाद में लिखा पढ़ी करते हुए अधिकारीगण

संतकबीरनगर के बीएसए गजराज यादव ने जनपद के पिछड़े ब्‍लाक सांथा के केचुआखोर स्‍कूल पर तैनात सहायक शिक्षक नवीन त्रिपाठी को तकरीबन 4 माह पहले ही निलम्बित कर दिया था। कारण यह था कि वे स्‍कूल नहीं आते थे। इसके बाद उन्‍होने बीएसए गजराज यादव से यह निवेदन किया कि उन्‍हें बहाल कर दिया जाए। लेकिन बहाल नहीं हुए। बकौल नवीन त्रिपाठी बीएसए ने उनसे 20 हजार रुपए की घूस मांगी। इसके बाद उन्‍होने बिजलेंस की टीम से सम्पर्क किया। इसके बाद गोरखपुर से बिजलेंस की टीम केदार गुप्‍ता के निर्देशन में खलीलाबाद आई। शाम 6 बजे के करीब बीएसए अपने कमरे पर पहुंचे। वहां पर शिक्षक नवीन त्रिपाठी उनके कमरे पर पहुंचे और उनको 20 हजार रुपए दिए जिनके उपर केमिकल लगा हुआ था। इसी दौरान केदार गुप्‍ता के निर्देशन में बिजलेंस टीम वहां पर पहुंच गई। बिजलेंस टीम ने उनको तुरन्‍त ही रंगे हाथों दबोच लिया। उन्‍हे पकड़कर कोतवाली थाने ले जाया गया। कोतवाली में उनके खिलाफ भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम के तहत जेल भेज दिया गया।

 

बीएसए गजराज यादव ने खुद को बताया निर्दोष

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कोतवाली में निलम्बित शिक्षक के उपर आरोप लगाते हुए बीएसए गजराज यादव

बीएसए गजराज यादव ने इस मामले में खुद को निर्दोष बताया है। उनका कहना है कि उक्‍त शिक्षक कभी भी पढ़ाने के लिए नहीं आता था। तीन बार उन्‍होने खुद ही उसके स्‍कूल का निरीक्षण किया गया । तीनों बार उसको गायब पाया गया। इस मामले में एबीएसए की रिपोर्ट पर उसे निलम्बित किया गया था। इसके बाद से ही वह बार बार उनसे बहाल करने की गुहार लगाता रहा। मैने कभी उससे रुपए की मांग ही नहीं की। मंगलवार की शाम को जब मैं बोर्ड परीक्षा की चेकिंग के बाद अपने आवास पर पहुंचा तो शिक्षक ने पहुंचकर जबरदस्‍ती उनके जेब में पैसा रख दिया। इसके बाद बिजलेंस टीम उनके पीछे से पहुंच गई और मुझे कहा कि मैने घूस लिया है और गिरफ्तार कर लिया। मैं पूरी तरह से निर्दोष हूं।

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