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62 वें रेल सप्‍ताह पर बोले रेलवे महाप्रबन्‍धक : पूर्वोत्‍तर रेलवे को दिलाएंगे नई उचाइयां

– रेल को बनाएंगे सुरक्षित, आरामदायक, संरक्षित व स्‍मरणीय

– सामूहिक प्रयासों से ही मिलेगी हमें यह नई म‍ंजिल

गोरखपुर, केबीएन न्‍यूज ।

62वें रेल सप्ताह समारोह के अवसर पर 19 अप्रैल, 2017 को सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम, गोरखपुर में आयोजित रेल सप्ताह पुरस्कार वितरण समारोह में पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबन्धक सत्‍य प्रकाश त्रिवेदी ने रेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि गत वर्ष पूर्वोत्‍तर रेलवे के लिए विशेष उपलब्धियों का वर्ष रहा है। आप सभी के सामूहिक प्रयास से हमने अनेक उपलब्धियाँ हासिल की है। सुरक्षा, संरक्षा, गाड़ियों का समय पालन, साफ-सफाई तथा परियोजनाओं को समय से पूरा करने में हमें आशातीत सफलता मिली है। इसके लिये मैं पूर्वोत्तर रेलवे के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देता हूं ।

62 वें रेल संरक्षा सप्‍ताह के पुरस्‍कार वितरण समारोह को सम्‍बोधित करते हुए सत्‍य प्रकाश त्रिवेदी, महाप्रबन्‍धक, पूर्वोत्‍तर रेलवे, गोरखपुर

उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्ष के दौरान आधारभूत ढाँचे को विकसित एवं मजबूत करने के लिये रेल पथ के विद्युतीकरण, दोहरीकरण, नई रेल लाइन, आमान परिवर्तन, तीसरी लाइनों का निर्माण तथा डेमू शेड, ए.सी.लोकोशेड, टर्मिनल स्टेशन , स्टेशनों पर द्वितीय प्रवेश द्वार, कोच मेन्टीनेन्‍स काम्प्लेक्स, वाशिंग पिट, प्रशिक्षण संस्थान तथा आर.ओ.बी./आर.यू.बी./एल.एच.एस. आदि का प्रावधान बड़े पैमाने पर तीव्र गति से हुआ।

महाप्रबन्धक ने कहा कि रेल पथ का विद्युतीकरण वृहद रूप से किया गया तथा विद्युत कर्षण के साथ अनेक गाड़ियों का संचलन प्रारम्भ हुआ। महाप्रबन्धक श्री त्रिवेदी ने कहा कि आधारभूत ढ़ाॅचे को निरन्तर विकसित एवं मजबूत करने के साथ ही पूर्वोत्तर रेलवे यात्री सुविधाओं में भी उत्तरोतर विकास कर रेल यात्रा को सुरक्षित, संरक्षित, आरामदायक एवं स्मरणीय बनाने का प्रयास एक सत्त प्रक्रिया के रूप में कर रही है, जिससे हम अपने सम्मानित यात्रियों को उनके अपेक्षा के अनुरूप उन्नत यात्रा सुविधा मुहैया करा सके। महाप्रबन्धक श्री त्रिवेदी ने कहा कि ये सभी उपलब्धियां आप सभी के दिन-रात के परिश्रम एवं सामूहिक प्रयासों का फल है। हमें पूर्वोत्तर रेलवे को नई ऊँचाई पर ले जाना है।

रेल दुर्घटना में आई 67 प्रतिशत की कमी

श्री त्रिवेदी ने कहा कि यात्रियों की संरक्षा एवं सुरक्षा के लिये हम कटिबद्ध है। संरक्षा की दृष्टि से गत वर्ष पूर्वोत्तर रेलवे के लिये काफी बेहतर रहा। परिणामी रेल दुर्घटनाओं में 67 प्रतिषत की कमी आयी है। रेलवे पर संरक्षा के लिये किये गये हमारे प्रयासों को अखिल भारतीय रेलवे पर सराहना मिली। इस वर्ष की राष्ट्रीय स्तर की संरक्षा शील्ड पूर्वोत्तर रेलवे को प्रदान की गई है। पूर्वोत्तर रेलवे पर संरक्षा का रिकार्ड बेहतर करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

रेलवे की आय में हुई है वृद्धि

महाप्रबन्धक ने कहा कि इस रेलवे की आय में वृद्धि तथा गैर संरक्षा मदों के खर्च में कमी हेतु किये गये प्रयासों के फलस्वरूप आय-व्यय के संतुलन में काफी सुधार हुआ हैै। वित्त वर्ष 2016-17 में कुल रू. 1770.18 करोड़ की आरम्भिक आय हुई, जो पिछले वर्ष की आय रू. 1740.38 करोड़ की तुलना में 1.7 प्रतिषत अधिक है।

कर्मचारियों की सुविधा के लिए किए ये प्रबन्‍ध

महाप्रबन्धक ने कहा कि अनुकम्पा के आधार पर नियुक्तियां, इलेक्ट्रॅानिक ग्रीवान्स रिड्रेसल सिस्टम की स्थापना, खुली अदालतों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेलकर्मियों एवं उनके परिवारजनों को कैंसर से पीड़ित होने पर रेडियोथेरपी उपचार हेतु एपेक्स इन्स्टीच्यूट, वाराणसी से बिल आधार पर तथा गंभीर रूप से बीमार रोगियों के उपचार हेतु एस.जी.पी.जी.आई., लखनऊ में कैस लेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। रेल कर्मचारियों के बेहतर इलाज हेतु ललित नारायण मिश्र रेलवे चिकित्सालय, गोरखपुर द्वारा 02 प्राइवेट चिकित्सालयों तथा उप मंडल चिकित्सालय, गोण्डा द्वारा एक प्राइवेट चिकित्सालय से अनुबध किया गया है।

25 नई गाडि़यों का सफल संचलन

महाप्रबन्धक ने कहा कि यात्री प्रधान पूर्वोत्तर रेलवे पर गत वर्ष 25 नई गाड़ियों का संचलन आरम्भ किया गया जिसमें भारतीय रेल की प्रथम ‘हमसफर एक्सप्रेस‘ भी सम्मिलित हैं। उन्होंने कहा कि रेल परिसर एवं गाड़ियों की साफ-सफाई हेतु अनेक प्रभावी कदम उठाये गये हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम परिलक्षित हो रहे हैं। महाप्रबन्धक ने कहा कि वर्ष 2016-17 में भोजीपुरा-पीलीभीत-मझोला पकड़िया एवं छपरा-थावे  खण्ड के आमान परिवर्तन का कार्य पूरा किया गया। औड़िहार-सारनाथ खण्ड का दोहरीकरण एवं सीतापुर-बुढ़वल खण्ड विद्युतीकरण का कार्य पूरा किया गया । पूर्वोत्तर रेलवे पर चल रही आमान परिवर्तन, दोहरीकरण, तीसरी लाइन, नई लाइन निर्माण, विद्युतीकरण, डेमू शेड, विद्युत लोको शेड एवं प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना के साथ ही उन्नत यात्री सुविधाओं के कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय में पूरा कराना हम सभी के लिये एक चुनौती है, जिसे हम आप सभी के समेकित प्रयासों से पूरा करने में सक्षम होंगे।

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