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सुकमा में शहीद जवानों को राजनाथ ने दी श्रद्धान्‍जलि, बोले: व्‍यर्थ नहीं जाने देंगे बलिदान

रायपुर:  छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सोमवार को नक्सलवादियों के हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सी.आर.पी.एफ.) के शहीद हुए 25 जवानों को आज गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनके साथ गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर और मुख्यमंत्री रमन सिंह मौजूद रहे। शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के बाद राजनाथ सिंह ने कहा यह हमला सोची-समझी हत्या है। उन्होंने कहा कि CRPF की चल रही कार्रवाई से वामपंथी उग्रवादियों में बौखलाहट का नतीजा है सुकमा हमला है लेकिन हम जवानों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। बता दें कि अभी भी सीआरपीएफ के कंपनी कमांडर समेत 6 जवान लापता हैं। हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह समेत देश की सभी बड़ी हस्तियों और लोगों ने दुख जताया. मोदी ने ट्वीट कर कहा कि सीआरपीएफ जवानों की बहादुरी पर हमें फख्र है, उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने जवानों के शहीद होने पर शोक व्यक्त किया।


300 नक्सलियों में महिला भी थी शामिल
सुकमा जिले के गांव बुरकापाल के समीप जंगल में घात लगाए बैठे 300 नक्सलियों ने इस हमले को अंजाम दिया जिनमें महिला नक्सली भी शामिल थीं। वे आधुनिक हथियारों से लैस थे। चिंतागुफा थाना क्षेत्र में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 74वीं बटालियन की 2 कम्पनियों को बुरकापाल से चिंतागुफा के मध्य बन रही सड़क की सुरक्षा के लिए रवाना किया गया था। दल में करीब 100 जवान थे। यह दल जब बुरकापाल से लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर था तब नक्सलियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सी.आर.पी.एफ. ने भी फौरन मोर्चा संभालते हुए गोलीबारी की। लगभग 3 घंटे की मुठभेड़ के बाद नक्सली घने जंगल और पहाड़ी की आड़ लेकर भाग गए। बस्तर पुलिस उप-महानिरीक्षक (डी.आई.जी.) पी. सुंदरराज ने बताया कि मुठभेड़ स्थल पर मौजूद परिस्थितिजन्य साक्ष्य, खून के धब्बे एवं घसीटे जाने के निशान से यह साबित होता है कि कम से कम 4-5 नक्सली मारे गए हैं और कई अन्य घायल हुए हैं। हालांकि नक्सली अपने साथियों के शव साथ ले जाने में कामयाब रहे।

जवानों के हथियार ले गए साथ
भागते हुए नक्सली कई जवानों के हथियार अपने साथ ले गए। इस हमले की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस दल रवाना किया गया और घायल जवानों को वहां से निकालने की कार्रवाई की गई।

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