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भारतीय सेना का पाक को मुंहतोड़ जवाब, 2 चौकियां की तबाह, 7 सैनिकों को किया ढेर

जम्मू/पुंछ: पाकिस्तान की सेना ने सोमवार को एक बार फिर सीजफायर का उल्लघंन कर कायराना हरकत करते हुए भारतीय क्षेत्रों में भारी गोलाबारी की, जिसमें शहीद हुए भारतीय सेना के नायब सूबेदार परमजीत सिंह एवं सीमा सुरक्षा बल के हवलदार प्रेम सागर के पार्थिव शरीर के साथ बर्बरता (क्षत-विक्षत) कर घृणित कृत्य को भी अंजाम दिया गया। बताया जाता है कि पाक सेना 250 मीटर भारतीय क्षेत्र में घुसी और जवानों के सिर धड़ से अलग कर दिए।

पाक की इस कायराना हरकत का मुंहतोड़ जवाब देते हुए भारतीय सेना ने पाकिस्तान की 2 चौकियों को उड़ा दिया, जिसमें पाक के 7 सैनिक ढेर हो गए। इन चौकियों से ही पाकिस्तानी सेना ने आतंकवादियों को कवरिंग फायर दी थी। वहीं पाक सेना द्वारा रॉकेट लांचर से दागे गए गोलों की चपेट में आकर सीमा सुरक्षा बल का एक अन्य जवान भी घायल हो गया। इस हमले के बाद पूरी नियंत्रण रेखा पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सैन्य सूत्रों के अनुसार सोमवार सुबह करीब 8.25 बजे पाकिस्तान की सेना ने भारत-पाक नियंत्रण रेखा स्थित कृष्णा घाटी सैक्टर में भारतीय सेना की अग्रिम चौकी पर मोर्टार, रॉकेट और यू.बी.जी.एल. के गोलों से निशाना साधा। यही नहीं, पाकिस्तान की सेना ने स्नाइपर से गोलियां चला कर भारतीय सेना के राहत अभियान में भी खलल डालने का प्रयास किया। भारतीय सेना ने भी पाक सेना की गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया।

सूत्रों ने बताया कि उस समय भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल के जवान संयुक्त तौर पर गश्त कर रहे थे। मोर्टार के गोले की चपेट में आकर सेना के नायब सूबेदार परमजीत सिंह एवं सीमा सुरक्षा बल के हवलदार प्रेम सागर गंभीर रूप से घायल हो गए। पाकिस्तान सेना की बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) द्वारा इन जवानों के साथ बर्बरता की गई। भारतीय सेना ने घायल जवानों को निकाल कर बेस अस्पताल पहुंचाया, जहां से 2 घायलों को इलाज के लिए सेना के विशेष विमान से लिफ्ट किया गया, लेकिन दोनों जवान बीच रास्ते में ही शहीद हो गए। शहीद जवानों की पहचान हवलदार प्रेम सागर और सूबेदार परमजीत सिंह के रूप में हुई है। इस गोलाबारी में घायल हुए अन्य जवान राजेंद्र सिंह की हालत अब स्थिर बताई जाती है। उधर पाक सेना ने भारतीय सुरक्षा बलों के शवों को क्षत-विक्षत करने से इंकार किया।

सेना प्रमुख श्रीनगर पहुंचे
पुंछ जिले के मेंढर सैक्टर में पाक द्वारा रॉकेट लांचर दागे जाने से भारत के 2 जवान शहीद हो गए और उसके बाद शाम को कुलगाम में आतंकियों ने एक कैश वैन पर हमले के बीच भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत अपनी 2 दिवसीय यात्रा के लिए श्रीनगर पहुंचे। इसके बाद सेना प्रमुख ने कुपवाड़ा के पंजगाम स्थित सेना के कैम्प का दौरा किया और श्रीनगर के बादामी बाग स्थित सेना के 15 कोर मुख्यालय में सेना प्रमुख ने कश्मीर में मौजूदा सुरक्षा स्थिति का भी जायजा लिया।

हमले को ऐसे दिया अंजाम
पुंछ की कृष्णा घाटी में पाक ने पहले रॉकेट और भारी हथियारों से हमला किया।
इसी दौरान 2 पोस्ट के बीच कुछ सैनिक दूर निकल गए।  वहां छुपकर बैठी बी.ए.टी. और आतंकियों ने सैनिकों को गोली मारी, जिससे जवान शहीद हो गए। भारतीय सैनिकों पर हमले की घटना को पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम (बी.ए.टी.) ने अंजाम दिया है। आमतौर पर बी.ए.टी. तब  ही  एक्शन  में  आती है जब आतंकियों की घुसपैठ करवानी होती है।

एक दिन पहले पाक आर्मी चीफ ने किया था दौरा
हमले के एक दिन पहले यानी रविवार को ही पाकिस्तान के आर्मी चीफ  जनरल कमर जावेद बाजवा एल.ओ.सी. पर गए थे। उन्होंने वहां पाकिस्तानी सैनिकों से मुलाकात की थी। बाजवा रविवार को एल.ओ.सी. के हाजी पीर सैक्टर पहुंचे थे। यहां उन्होंने बॉर्डर के हालात का जायजा लिया था।

कैश वैन पर आतंकी हमला, 5 पुलिस कर्मियों सहित 7 की हत्या
दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिला में सोमवार को आतंकियों ने एक बार फिर बड़े हमले को अंजाम दिया। आतंकियों द्वारा जम्मू-कश्मीर बैंक की कैश वैन पर हमले में 5 पुलिस कर्मी शहीद हो गए। वहीं जे. एंड के. बैंक के 2 कर्मचारियों की मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि आतंकी वैन में मौजूद 50 लाख रुपए के  कैश के साथ-साथ 5 एस.एल.आर. राइफलें भी लूट कर ले गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कुलगाम जिला के पोमबाई इलाके में आतंकियों ने जे.के. बैंक की कैश वैन को रोक लिया और अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। आतंकियों की गोलीबारी में 5 पुलिस कर्मियों और 2 बैंक कर्मचारियों की मौत हो गई। उधर आतंकी संगठन हिजबुल ने कुलगाम जिले में हुए हमले की जिम्मेदारी ले ली है और आगे भी हमले को अंजाम देने की बात कही गई है।

सेना के जवान जहां एक तरफ पाकिस्तान से लड़ रहे थे तो दूसरी ओर वे आतंकियों का भी सामना कर रहे थे। ऐसी कठिन घड़ी में भी सेना ने साहस दिखाया। वहीं इन दोनों हमलों के बाद देश के लोगों में गुस्सा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की जा रही है कि इस हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाए।

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