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कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा पर इण्‍टरनेशनल कोर्ट ने लगाई रोक

– 10अप्रैल को कुलभूषण को फांसी की सजा सुनाई थी पाकिस्‍तान की सैन्‍य कोर्ट ने

नई दिल्ली. पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय अफसर कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक लगा दी गई है। भारत की अपील पर इंटरनेशनल कोर्ट ने इस फांसी पर स्टे लगाया है। बता दें कि पाक ने आरोप लगाया था कि जाधव भारतीय जासूस है। जिसके बाद पाकिस्तान आर्मी एक्ट के तहत जाधव का फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल (FGCM) किया गया और फांसी की सजा सुनाई गई थी।
सुषमा स्वराज ने कुलभूषण की मां से की बात…
 – फांसी पर लगी रोक के बाद सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर कहा कि उन्होंने खुद इंटरनेशनल कोर्ट के फैसले की जानकारी कुलभूषण की मां को दी है।
– इसके साथ एक दूसरे ट्वीट में उन्होंने बताया कि कुलभूषण के केस में भारत की ओर से सीनियर लॉयर हरीश साल्वे इंटरनेशनल कोर्ट में दलील रख रहे हैं।
पाकिस्तान ने जारी किया था जाधव के कबूलनामे का वीडियो
– मार्च, 2016 में पाकिस्तान आर्मी ने जाधव के कथित कबूलनामे का वीडियो जारी किया था। आर्मी ने कहा था- ”कुलभूषण जाधव ने कबूल किया है कि वह रॉ के लिए बलूचिस्तान में काम कर रहा था और टेररिस्ट एक्टिविटीज में शामिल रहा। भारत ने इस वीडियो को खारिज कर सवाल उठाया था। भारत ने शक जताया था कि जाधव को ईरान से किडनैप किया गया है।
– पाकिस्तान ने आरोप लगाया था – “जाधव इंडियन नेवी का सर्विंग अफसर है। उसे सीधे रॉ चीफ हैंडल करते हैं। वो एनएसए के भी टच में है। आपका मंकी (जासूस) हमारे पास है। उसने वो कोड भी बताया है, जिससे वह रॉ से कॉन्टैक्ट करता था। जाधव अब भी इंडियन नेवी का अफसर है। वह 2022 में रिटायर होने वाला है।”
– एक पासपोर्ट (No. L9630722) भी जारी किया गया था। जिसके बारे में कहा गया था कि यह बलूचिस्तान में गिरफ्तार भारतीय शख्स का ही है।
– पासपोर्ट में उसका नाम हुसैन मुबारक पटेल लिखा है। जन्मस्थान महाराष्ट्र का सांगली बताया गया है। पाकिस्तान ने उसके पास ईरान का वैध वीजा होने का भी दावा किया था।
वीडियो में जाधव ने क्या कहा था?
– जाधव के मुताबिक, वे दिसंबर 2001 तक इंडियन नेवी में रहे। पार्लियामेंट अटैक के बाद डोमेस्टिक इंटेलिजेंस जुटाई। 2003 में इंडियन इंटेलिजेंस सर्विस ज्वाइन की।
– अफसर यह भी कहता है कि वह ईरान से बलूचिस्तान में टेररिस्ट एक्टिविटीज को बढ़ावा दे रहा था।
– जाधव के बयान के मुताबिक, वे 2013 में रॉ में आए। ईरान के चाबहार इलाके में 10 साल पहले रॉ का बेस बनाया। कराची और बलूचिस्तान का दौरा किया।
भारत ने खारिज किए थे आरोप
इंडियन फॉरेन मिनिस्ट्री ने कहा था, “वीडियो में यह शख्स (जाधव) जो बातें कह रहा है, उनमें कोई सच्चाई नहीं है। उसने जो भी कहा है, प्रेशर में कहा है।”
– हालांकि, भारत सरकार ने ये माना था कि जाधव भारतीय नागरिक ही है और नेवी में अफसर रह चुका है।
– मिनिस्ट्री ने कहा था, ”जाधव कानूनी तौर पर ईरान में बिजनेस करता था। उसे कस्टडी में हैरेस किया गया है। पाकिस्तान में उसकी मौजूदगी सवाल खड़े करती है। इससे ये शक पैदा होता है कि कहीं उसे ईरान से किडनैप तो नहीं किया गया?”
– भारत ने एम्बेसी के अफसरों की जाधव से मुलाकात कराने की इजाजत मांगी थी। पाकिस्तान ने भारत की मांग को ठुकरा दिया था।

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