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अन्‍तर्राष्‍ट्रीय अदालत के हस्‍तक्षेप के बाद पाकिस्‍तान ने बदला पैतरा, भारत पर लगाए ये आरोप

इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने आज आरोप लगाया कि भारत अपने नागरिक कुलभूषण जाधव को सुनाई गई मौत की सजा का इस्तेमाल देश में अपने ‘‘राज्य प्रायोजित’’आतंकवाद से ध्यान ‘‘हटाने’’ के लिए कर रहा है।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ का भारत के खिलाफ यह आरोप अंतर्राष्ट्रीय न्याय अदालत के फैसले के एक दिन बाद आया जिसमें उसने ‘‘जासूसी’’ के आरोपों पर पाकिस्तान की सैन्य अदालत से मौत की सजा पाने वाले 46 वर्षीय जाधव की फांसी पर रोक लगा दी है । आसिफ ने ट्वीट कर कहा,‘‘आईसीजे में भारत की अपील पाकिस्तान में उसके राज्य प्रायोजित आंतकवाद से ध्यान हटाने की कोशिश है । कुलभूषण को राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ अपराधों में दोषी ठहराया गया।’’वहीं, हमारे सहयोगी चैनल टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान आईसीजे के इस कदम से भड़का हुआ है। उसने कहा है कि अंतराष्ट्रीय अदालत ने अपनी ‘सीमाओं का उल्लंघन’ किया है। बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय अदालत ने मंगलवार को पाकिस्तान की सैन्य अदालत द्वारा कुलभूषण यादव को पिछले महीने सुनाई गई मौत की सजा पर रोक लगा दी थी। इसके बाद, भारत ने कई बार जाधव तक डिप्लोमैटिक पहुंच देने की दरख्वास्त की, लेकिन पाकिस्तान नहीं माना। पाक के इस अड़ियल रवैए के बाद भारत ने इंटरनैशनल कोर्ट का रुख किया।
जाधव(46)को गत महीने मौत की सजा सुनाई गई थी। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ आईसीजे का रूख करते हुए आरोप लगाया था कि पाकिस्तान ने जाधव मामले में विएना संधि का उल्लंघन किया है। भारत ने आईसीजे में अपनी अपील में आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने राजनयिक संबंधों पर विएना संधि का ‘‘घोर’’ उल्लंघन किया है और उसने कहा कि जाधव का ईरान से अपहरण किया गया था जहां वह भारतीय नौसेना से सेवानिवृत होने के बाद व्यापार कर रहा था लेकिन पाकिस्तान ने उसे 3 मार्च 2016 को बलूचिस्तान से गिरफ्तार करने का दावा किया।

जाधव की सजा पर भारत में तीखी प्रतिक्रिया दी गई। भारत ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि अगर ‘‘पहले से नियोजित हत्या’’ की गई तो द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान होगा और उसके परिणाम भुगतने होंगे। अपनी अर्जी में भारत ने आईसीजे को यह भी बताया कि उसे एक प्रेस विज्ञप्ति से जाधव की मौत की सजा के बारे में पता चला। जाधव को ‘‘जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों’’ के लिए मौत की सजा सुनाई गई। भारत ने यह स्वीकार किया है कि जाधव नौसेना अधिकारी है लेकिन सरकार के साथ उसके किसी भी तरह के संबंध को खारिज कर दिया। भारत ने कहा कि जाधव का ईरान से अपहरण किया गया। भारत ने जाधव की मां की अपील भी पाकिस्तान को सौंपी है जिसमें उसकी सजा को पलटने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा गया है। भारत की मांग पर आईसीजे ने जो ‘अल्पकालिक कदम’ उठाने के आदेश दिए हैं, उसमें जाधव की फांसी पर रोक भी शामिल है। पाकिस्तान 19 मई से पहले जाधव को फांसी नहीं दे सकता। मौत की सजा को वापस लिया नहीं जा सकता, लेकिन आईसीजे का यह फैसला जाधव और भारत को राहत की कुछ सांसें जरूर दे सकता है।

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