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रामलला के दर्शन के लिए बाबर के अनुयाइयों से वीजा की जरुरत नहीं : श्रीकान्‍त

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अयोध्या नगर निगम के गठन को मंजूरी दिये जाने के एक दिन बाद राज्य के कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने आज अयोध्या में रामलला के दर्शन किये। शर्मा ने फैजाबाद जिले के अयोध्या में रामलला के दर्शन के बाद कहा कि रामलला के दर्शन के लिए राम भक्तों को बाबर के अनुयायियों से किसी वीजा की आवश्यकता नहीं है।

मंत्री ने कहा, ‘‘लगभग 500 साल पहले आक्रमणकारियों ने हमारी संस्कृति के प्रतीक को ध्वस्त करने का प्रयास किया।’’ उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के सभी धार्मिक स्थलों के चहुंमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। शर्मा ने अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के हल को लेकर उच्चतम न्यायालय की सलाह का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘मैं इस विवाद के अदालत से बाहर निपटारे के उच्चतम न्यायालय के सुझाव का स्वागत करता हूं। समाज के हर वर्ग के लोगों को मिल बैठकर चर्चा करनी चाहिए कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का रास्ता कैसे निकले।’’

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप को समाज के लिए ‘आदर्श’ बताते हुए कल बाबर और औरंगजेब को ‘आक्रमणकारी’ करार दिया था। उन्होंने कहा था कि हम सदैव महाराणा प्रताप के दिखाये रास्ते पर चलेंगे। योगी ने यहां महाराणा प्रताप जयंती के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था, ‘‘जिस कौम के अंदर अपने इतिहास को संजोने की क्षमता नहीं है, वह अपना भूगोल सुरक्षित नहीं रख सकती।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि अकबर, औरंगजेब और बाबर आक्रमणकारी थे। जितनी जल्दी हम इस सच्चाई को स्वीकार कर लें, हमारे देश की सभी समस्याआें का अंत हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘महाराणा प्रताप, गुरु गोविन्द सिंह तथा छत्रपति शिवाजी हमारे आदर्श हैं। हम सदैव उनके दिखाए रास्ते पर चलते रहेंगे … उनके स्वाभिमान और चरित्र की दृढ़ता से सीख लेनी चाहिए।’’

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