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1971 की जनगणना के आधार पर ही होते हैं राष्‍ट्रपति के चुनाव

– वर्ष 2026 तक 1971 की जनगणना के आधार पर ही होंगे राष्‍ट्रपति चुनाव

नई दिल्‍ली। देश में राष्‍ट्रपति के चुनाव वर्ष 1971 की जनगणना के अनुसार ही होते हैं। आगे वर्ष 2026 तक राष्‍ट्रपति के चुनाव वर्ष 1971 की जनगणना के आधार पर ही होंगे।

  

 

कैसे तय होती है वोटों की कीमत

आंध्र प्रदेश की कुल जनसंख्या (1971 की जनगणना पर आधारित) – 4,35,02,708
वहां एक विधायक के वोट की कीमत निकालने के लिए आंध्र प्रदेश विधानसभा की जनसंख्या को डिवाइड करेंगे कुल विधायकों की संख्या (294) से और इसे 1000 से डिवाइड करेंगे। इसका नतीजा निकलेगा 148।

एक एमपी के वोट की कीमत
एक एमपी के वोट की कीमत निकालने के लिए सभी राज्यों के विधायकों के वोट को जोड़कर उसे लोकसभा के निर्वाचित 543 और राज्यसभा के निर्वाचित 233 सदस्यों से डिवाइड किया जाता है।संविधान के अनुच्‍छेद 55 (3) में प्रावधान है कि चुनाव एकल हस्‍तांतरणीय वोट के द्वारा समानुपातिक प्रतिनिधित्‍व की प्रणाली के अनुरूप किया जाएगा और ऐसा  चुनाव गुप्‍त मतदान के जरिये संचालित किया जाएगा। इस प्रणाली में, निर्वाचक उम्‍मीदवार के नाम के आगे वरीयता चिन्हित करेंगे। चुनाव में मार्किंग के लिए चुनाव आयोग विशिष्‍ट पेन का उपयोग करेगा। चुनाव आयोग केंद्र सरकार के परामर्श से निर्वाचन अधिकारी के रूप में बारी बारी से लोक सभा एवं राज्‍य सभा के महासचिव की नियुक्ति करता है। इसी के अनुरूप, वर्तमान चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी के रूप में लोकसभा के महासचिव की नियुक्ति की जाएगी। चुनाव के लिए मतदान संसद भवन में तथा राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली एवं केंद्र शासित प्रदेश पुद्दुचेरी समेत राज्‍यों की विधान सभाओं के परिसरों में आयोजित किया जाएगा।

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