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संतकबीरनगर के भाजपा नेताओं पर भारी पड़ा पीडब्‍लूडी का अधिशाषी अभियन्‍ता

–  6 दिन पहले हुए अपने स्‍थानान्‍तरण को रोकवाया, कार्यालय में बंटी मिठाइयां

–  भाजपाइयों ने लगाया पैसा खर्च करके स्‍थानान्‍तरण रोकवाने का आरोप

संतकबीरनगर। न्‍यूज केबीएन

संतकबीरनगर के भाजपा नेताओं के उपर जिले के पीडब्‍ल्‍यूडी का एक अधिशाषी अभियन्‍ता भारी पड़ गया। जिले के भाजपाइयों ने प्रभारी मन्‍त्री को ज्ञापन देकर और व्‍यक्तिगत बात करके उक्‍त अधिशाषी अभियन्‍ता का स्‍थानान्‍तरण करवाया। लेकिन उसके बाद उसने लखनऊ में जाकर अपना स्‍थानान्‍तरण रोकवा लिया। आलम यह है कि स्‍थानान्‍तरण रुकने  के बाद मिठाइयां भी जमकर बांटी गई। इसको लेकर जिले के भाजपाइयों में रोष व्‍याप्‍त है।

अनिल कुमार दूबे,अधिशाषी अभियन्‍ता

जिले के लोक निर्माण विभाग प्रान्‍तीय खण्‍ड के अधिशाषी अभियन्‍ता अनिल कुमार दूबे से  जिले के भाजपा नेता खुश नहीं थे । भाजपा कार्यकर्ताओं का आराेप यह है कि वे समाजवादी पार्टी के एजेण्‍ट के रुप में काम कर रहे हैं। यही नहीं कारण यह है कि जिले में सड़कों के गड्ढा मुक्ति अभियान जो मुख्‍यमन्‍त्री की शीर्ष प्राथमिकता में था उसको कराने में उनके द्वारा जमकर शिथिलता बरती गई। यही नहीं कार्य भी रोक दिया गया। इससे पूर्व सांसद शरद त्रिपाठी के साथ ही साथ भाजपा जिलाध्‍यक्ष भी उनकी शिकायत कर चुके थे। लेकिन उनके उपर कोई असर नहीं पड़ा। गत 28 जून को जब जिले के प्रभारी मन्‍त्री आशुतोष टण्‍डन जिले में आए हुए थे तो भाजपाइयों ने उन्‍हें ज्ञापन दिया। इसके बाद उन्‍होने आश्‍वासन भी दिया कि वे ऐसे अधिकारियों को कतई नहीं रहने देंगे जो जनहित में काम न करे। गत 14 जुलाई को उक्‍त अधिकारी का स्‍थानान्‍तरण अस्‍थाई एनएचआई सुल्‍तानपुर के लिए कर दिया गया। लेकिन स्‍थानान्‍तरण के बाद से ही उक्‍त अधिकारी यहां के भाजपाइयों से यह कहकर गया कि देखता हूं कि मेरा स्‍थानान्‍तरण कैसे हो जाएगा। मैं अपना स्‍थानान्‍तरण रुकवाकर ही लौटूंगा, हुआ भी यही। उक्‍त अधिकारी का स्‍थानान्‍तरण रुक गया।

अब स्‍थानान्‍तरण तो रुक गया। लेकिन सत्‍ताधारी पार्टी के नेताओं की कही गई बातों पर उक्‍त अधिकारी कितना अमल करेगा यह तो स्‍थानान्‍तरण रोकवाने वाला भाजपाई विभीषण ही बताएगा।

डिप्‍टी सीएम को किया गया फैक्‍स भी नहीं आया काम

जब जिले के भाजपा नेताओं ने सुना कि वह चैलेन्‍ज देकर गया है कि अपना स्‍थानान्‍तरण रुकवाकर लौटेगा तो डिप्‍टी सीएम तथा लोक निर्माण विभाग के मन्‍त्री केशव प्रसाद मौर्या को दो फैक्‍स गत 17 जुलाई को भेजे गए। उन्‍हें अवगत भी कराया गया। लेकिन उसके बावजूद भी उक्‍त अधिकारी ने अपना स्‍थानान्‍तरण रोकवा लिया।

 

सपा सरकार में भी दो बार रुकवाया था स्‍थानान्‍तरण

लोगों का कहना है कि समाजवादी पार्टी की सरकार में भी उसने अपना स्‍थानान्‍तरण दो बार रुकवाया था। उक्‍त अधिकारी के द्वारा सीधे यह कहा जाता है कि वह पैसा फेंककर काम करता है। उसे कोई हिला नहीं सकता है। अब जब स्थिति यह है तो आखिर साफ सुथरी सरकार की उम्‍मीद आखिर कैसे की जा सकती है। समाजवादी पार्टी में अगर ट्रांसफर पोस्टिंग का धधा चलाने का आरोप भाजपाई लगाते थे, तो इस समय आखिर क्‍या हो रहा है।

एक विधायक के उपर लग रहा स्‍थानान्‍तरण रोकवाने का आरोप

जिले के भाजपाई बताते हैं कि एक विधायक के इशारे पर उक्‍त अधिकारी का स्‍थानान्‍तरण रोका गया है। आरोप यह है कि उक्‍त नेता ने जाकर पैरवी की, जिसके चलते उसका स्‍थानान्‍तरण रुका है। उक्‍त विधायक  के करीबियों को उक्‍त अभियन्‍ता के द्वारा मैनेज किया जाता है। वहीं कुछ भाजपार्इ बताते हैं कि उक्‍त अभियन्‍ता ने सीधे लखनऊ में जाकर एक बड़े भाजपाई सूरमा से मिला और उनको मैनेज किया। नतीजा यह हुआ कि उसका काम हो गया।

प्रभारी मन्‍त्री से की गई शिकायत पर हुआ था स्‍थानान्‍तरण

प्रभारी मन्‍त्री आशुतोष टण्‍डन को 28 जून को दिया गया शिकायती पत्र

बताया जाता है कि गत दिनो जिले के प्रभारी मन्‍त्री आशुतोष टण्‍डन आए थे तो जिले के भाजपा महामन्‍त्री जगदम्‍बा प्रसाद श्रीवास्‍तव व अन्‍य भाजपाइयों ने उन्‍हें ज्ञापन दिया। ज्ञापन मिलने के बाद उन्‍होने तुरन्‍त ही कार्रवाई करते हुए सम्‍बन्धित विभाग को उक्‍त अधिकारी के स्‍थानान्‍तरण के लिए पत्र भी लिख दिया। इसके बाद गत 14 जुलाई को उक्‍त अधिकारी का स्‍थानान्‍तरण यहां से सुलतानपुर के लिए हो गया। लेकिन स्‍थानान्‍तरण होने के बाद से ही वह जिला मुख्‍यालय से गायब हो गया। स्‍थानान्‍तरण निरस्‍त करवाने के बाद वापस लौट आया।

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