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डॉ धर्मदेव सिंह को एचआरपीजी का प्राचार्य बनाने के लिए प्रबन्‍धक को पत्र जारी

– क्षेत्रीय उच्‍च शिक्षा अधिकारी ने अबिलम्‍ब पदभार ग्रहण कराने का भेजा पत्र

– आदेश के अनुपालन के साथ ही डीएम व खुद को कार्रवाई से अवगत कराने को कहा

संतकबीरनगर। न्‍यूज केबीएन

एचआरपीजी कालेज में कार्यवाहक प्राचार्य के पद को लेकर चल रहे विवाद के बीच क्षेत्रीय उच्‍च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजीव पाण्‍डेय ने प्रबन्‍धक को इस आशय का पत्र प्रेषित किया है कि वे कालेज में वरिष्‍ठतम एसोसिएट प्रोफेसर डॉ धर्मदेव सिंह को कार्यवाहक प्राचार्य का पदभार ग्रहण कराएं। साथ ही साथ प्राचार्य पद का पदभार ग्रहण कराने के पश्‍चात जिलाधिकारी संतकबीरनगर और उन्‍हें खुद इस कार्रवाई से अवगत कराएं।

डॉ धर्मदेव सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, वाणिज्‍य विभाग, एचआरपीजी कालेज

एचआरपीजी कालेज खलीलाबाद में चल रहे कालेज के प्राचार्य पद के विवाद में जिलाधिकारी मार्कण्‍डेय शाही ने हस्‍तक्षेप करते हुए क्षेत्रीय उच्‍च शिक्षा अधिकारी को यह पत्र लिखा कि वे कालेज में यूनिवर्सिटी के आदेशों का पालन अबिलम्‍ब कराते हुए कार्यवाहक प्राचार्य के पद पर डॉ धर्मदेव सिंह को पदभार ग्रहण कराएं। साथ ही साथ कृत कार्रवाई से उन्‍हें अवगत कराएं। जिलाधिकारी के इस आदेश के बाद क्षेत्रीय उच्‍च शिक्षाधिकारी ने एचआरपीजी कालेज के सचिव विनोद कुमार रुंगटा को पत्र लिखकर माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के आदेशों का अनुपालन करते हुए डॉ धर्मदेव सिंह को कार्यवाहक प्राचार्य का पदभार ग्रहण करने का निर्देश दिया है। साथ ही साथ इसकी प्रतिलिपि शिक्षा निदेशक उच्‍च शिक्षा, कुलपति सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी, जिलाधिकारी संतकबीरनगर व अन्‍य सम्‍बन्‍धित लोगों को भेजा है।

 

क्‍या है सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी के कुलपति का निर्णय

 

सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी, कपिलवस्‍तु सिद्धार्थनगर के कुलपति प्रो. रजनीकान्‍त पाण्‍डेय ने अपने निर्णय में लिखा है कि – पत्रावली में उपलब्‍ध अभिलेखों तथा डॉ रामाश्रय सिंह, डॉ अजय कुमार पाण्‍डेय तथा डॉ धर्मदेव सिंह द्वारा प्रस्‍तुत लिखित अभिकथनों, अर्हता सम्‍बन्‍धी अभिलेखों, साक्ष्‍यों, विधिक व्‍यवस्‍थाओं, विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग विनियमन 2010 तथा दीन दयाल उपाध्‍याय गोरखपुर विश्‍वविद्यालय गोरखपुर के परिनियमो ( जो सिद्धार्थ विश्‍वविद्यालय, कपिलवस्‍तु, सिद्धार्थनगर पर भी प्रभावी है ) में दी गई व्‍यवस्‍था के अनुसार डॉ धर्मदेव सिंह तथा डॉ अजय कुमार पाण्‍डेय दोनों प्राचार्य पद की निर्धारित अर्हता रखते हैं। परन्‍तु महाविद्यालय की वरिष्‍ठता सूची में डॉ धर्मदेव सिंह तीसरे स्‍थान पर होने के कारण डॉ अजय कुमार पाण्‍डेय से वरिष्‍ठ हैं। अत: प्राचार्य पद हेतु अर्हताधारी शिक्षकों में वरिष्‍ठतम डॉ धर्मदेव सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर वाणिज्‍य कार्यवाहक प्राचार्य हेतु अर्ह हैं। तद्नुसार प्रकण निस्‍तारित किया जाता है।

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