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ठंड भरी अंधेरी रातों में उन गरीबों को कंबल की छांव देने शहर और गली में निकल पड़े समाजसेवी वैभव चतुर्वेदी

समाजसेवी वैभव चतुर्वेदी को लोगों ने दिया धन्यबाद, जो इतनी रात को गरीब,असहायों को ठंड से बचाने के लिए कंबल की छांव लेकर पंहुच गए।

संतकबीरनगर, न्यूज़ केबीएन :
वैसे तो बहुत लोग गरीबों में कंबल वितरण करते है मगर सामाजिक कार्यो व अपने कार्यशैली को लेकर लगातार चर्चा में बने रहने वाले ऐसे भी चेहरे है जो वाकई लोगों के लिए मसीहा बन जाते है। ऐसे समाजसेवी वैभव चतुर्वेदी ने अचानक अपने साथियों को बुलाया और गाड़ी में कंबल भरवाया फिर शहर के कस्बे में निकल पड़े। उन्होंने उन मजलूमों और बेसहारा को दूंढ रहे थे जो इस कड़ाके की ठण्ड में बुरी तरह सड़क और रेलवे स्टेशन पर जाड़े से जूझ रहे थे।

रेलवे स्टेशन पर गरीबों में कंबल बांटते समानसेवी वैभव चतुर्वेदी

वैभव चतुर्वेदी जी कस्बे के हर गली चौराहे व रेलवे स्टेशन पर जाकर गरीब ,असहाय लोंगो को ठंड से बचाने के लिए कम्बल वितरित किए। उन्होंने कस्बे में देर रात तक घूम घूम कर ऐसे बेसहारा और गरीब लोगों को कम्बल वितरित किये जो सच में उसके मोहताज दिखाई दे रहे थे। समाजसेवी वैभव चतुर्वेदी उनके लिए मसीहा बने जो इस कड़ाके की ठण्ड में एक अदद कम्बल के लिए मोहताज थे। बेसहारा और निर्धन लोगों को जैसे ही कम्बल मिले उनकी आँखों से जहाँ आंसू फूट पड़े तो वहीँ उनके मुहं से बेहिसाब दुआएं भी निकली। हम जहाँ सुकून से अपने घरों में बिस्तर और रजाई में रात गुजार रहे होते है उस समय न जाने कितने लोग इस सुख से दूर रह कर कड़ाके की ठण्ड में फुटपाथ और सड़कों पर या फिर अपने टूटे-फूटे घर में कठिनाई से रात गुजारते है। ऐसे लोगों का दर्द महसूस यहाँ वैभव चतुर्वेदी ने किया और अपना एक ऐसा चेहरा समाज के सामने दिखाया है जिससे सभी को सीख लेने की जरुरत है। इस मौके पर विकास सिंह,रितेश त्रिपाठी, गोलू सिंह समेत अनेक लोग मौजूद रहे।

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