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बेटी कुदरत का उपहार, जीने का इसको अधिकार… नारे के साथ निकली जागरुकता रैली ( देवीलाल गुप्‍त की रिपोर्ट )

–    रैली में एएनएम, आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं समेत अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य कर्मी रहे शामिल

–    वितरित किए गए बेटी बचाने के संदेश वाले पम्‍पलेट व अन्‍य सहायक सामग्रियां

संतकबीरनगर, 24 जनवरी 2020,

सीएमओ डॉ हरगोविन्‍द सिंह ने कहा कि समाज में लड़कियों में भेदभाव को खत्म करने के लिए हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। एक उज्ज्वल कल के लिए लड़कियों को सशक्त बनाना है। ताकि वह आगे चलकर चल कर एक बेहतर समाज बनाने में योगदान दे सकते हैं। यह बातें उन्‍होंने राष्‍ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जिला मुख्‍यालय पर सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खलीलाबाद से निकाली गई जागरुकता रैली को सम्‍बोधित करते हुए कहीं। वह उपस्थित आशा कार्यकर्ताओं के साथ ही अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों को सम्‍बोधित कर रहे थे।

राष्‍ट्रीय बालिका शिशु दिवस पर रैली को हरी झण्‍डी दिखाकर रवाना करते हुए सीएमओ डॉ हरगोविन्‍द सिंह

सीएमओ ने आगे कहा कि समाज में आज भी बालक और बालिकाओं में भेद किया जा रहा है। सभी को मिलकर इस कुरीति को मिटाना है। बाल विवाह, भ्रूण हत्या, शिशु मृत्यु दर रोके जाने ,स्तनपान कराने, नियमित टीकाकरण, दहेज प्रथा एवं सामाजिक बाधाओं के विषयों में भी सुधार लाना है। इसके लिए सभी लोगों को आगे आना होगा। सीएमओ व सीएचसी खलीलाबाद के अधीक्षक डॉ वीपी पाण्‍डेय ने हरी झण्‍डी दिखाकर इस रैली को रवाना किया। रैली में शामिल महिलाएं अपने हाथों में बेटी कुदरत का उपहार, इसको जीने का अधिकार, बेटी है तो कल है, जब जब उठती नारी है, सब पर पड़ती भारी है जैसे नारों की तख्तियां हाथों में लेकर जूनियर हाईस्‍कूल, सुगर मिल चौक, बैंक चौराहा, गोलाबाजार, मुखलिसपुर चौक होकर नगर भ्रमण करते हुए सीएचसी खलीलाबाद पहुंची। इस दौरान रास्‍ते में लोगों को भ्रूण हत्‍या तथा अन्‍य बुराइयों को रोकने के लिए पम्‍पलेट भी वितरित किया गया।

स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों को बेटी बचाने की शपथ दिलाते हुए सीएमओ डॉ हरगोविन्‍द सिंह

सीएमओ ने दिलाई सभी को बेटी बचाने की शपथ

कार्यक्रम के दौरान सीएमओ ने सभी को बालिका बचाने की शपथ दिलाई। इस दौरान उन्‍होने उपस्थित सभी चिकित्‍साकर्मियों, चिकित्‍सकों तथा विभिन्‍न प्रभागों के अधिकारियों को यह शपथ दिलाई कि वे बेटियों को सुरक्षित करेंगे, साथ ही साथ अगर कोई भी व्‍यक्ति या संस्‍था गर्भ में बेटियों को मारने के लिए लिंग परीक्षण करती है तो इसकी जानकारी उचित माध्‍यम के जरिए शासन व प्रशासन को देंगे। बेटियों को सुरक्षित करने के साथ ही उनको संरक्षित करने का काम करेंगे। किसी भी दशा में लिंग परीक्षण न तो कराएंगे और न ही इसे प्रोत्‍साहन देंगे। इस दौरान उनके साथ खलीलाबाद सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र के अधीक्षक डॉ वी पी पाण्‍डेय, डॉ विजय गुप्‍ता, स्‍वास्‍थ्‍य शिक्षा अधिकारी वेद प्रकाश यादव, जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह, डॉ अरविन्‍द राय, बीपीएम अभय त्रिपाठी, बीसीपीएम महेन्‍द्र त्रिपाठी, डॉ वी के सोनी, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ एस डी ओझा, मनीष मिश्रा समेत अन्‍य लोग उपस्थित रहे।

25.9 प्रतिशत महिलाएं जूझ रही खून की कमी से

स्‍वास्‍थ्‍य शिक्षा अधिकारी वेद प्रकाश यादव ने बताया कि देशभर में हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरूआत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 2008 में की थी। एनएफएचएस-4 के अनुसार जिले में 15 से 49 वर्ष की महिलाओं की साक्षरता दर 60.5 फीसदी है, जबकि 10 वर्ष से अधिक की कुल 28.4 फीसदी ही लड़कियां ही स्कूल जा पाती हैं। साथ ही 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की 25.9 फीसदी महिलाएं खून की कमी से जूझ रही हैं।

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