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कोरोना को लेकर स्‍वास्‍थ्‍य महकमा अलर्ट पर, बनाया गया आइसोलेशन वार्ड (रिपोर्ट- देवीलाल गुप्त)

कोरोना को लेकर स्‍वास्‍थ्‍य महकमा अलर्ट पर, बनाया गया आइसोलेशन वार्ड

–    सीएमओ ने ली चिकित्‍सा इकाइयों के प्रमुखों की बैठक, हुआ संवेदीकरण
–    चीन से आने वाले लोगों को निगरानी में रखे जाने के दिए गए दिशा निर्देश

न्यूज़ केबीएन, संतकबीरनगर : चीन में कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर जिले का स्‍वास्‍थ्‍य महकमा अलर्ट पर है। इसे लेकर जिला चिकित्‍सालय में आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। मुख्‍य चिकित्‍साधिकारी डॉ हरगोविन्‍द सिंह ने जिले के सभी चिकित्‍सा इकाइयों के प्रमुखों की बैठक ली। इस दौरान इस संक्रामक रोग को लेकर चिकित्‍सकों का संवेदीकरण किया गया, साथ ही चीन से आने वाले लोगों को निगरानी में रखे जाने के निर्देश दिए गए।

चिकित्‍साधिकारियों का संवेदीकरण करते हुए सीएमओ डॉ हरगोविन्‍द सिंह ने कहा कि नोवल कोरोना वायरस 2019 चाइना की निगरानी के आवश्‍यक उपाय कर लिए गए हैं। इस वायरस के मनुष्‍य में संक्रमण से मनुष्‍यों में फ्लू जैसे लक्षणों के प्रकट होने की संभावनाएं व्‍यक्‍त की गई हैं। संयुक्‍त जिला चिकित्‍सालय में स्‍वाइन फ्लू / कोरोना वायरस के आईसोलेशन वार्ड तैयार कर लिया गया है। समस्‍त बचाव के उपकरण, पीपीई ( परसनल प्रोटेक्टिव इक्‍यूपमेण्‍ट किट , एन – 95 मास्‍क, ट्रिपल लेयर मास्‍क व कैप्‍सूल की प्रचुर मात्रा समस्‍त चिकित्‍सा इकाइयों में उपलब्‍ध है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ ए के सिन्‍हा के नेतृत्‍व में रैपिड रिस्‍पांस टीम का गठन कर लिया गया है जो लक्षणों के आधार पर रोग की निगरानी व निरोधात्‍मक कार्यवाही करेगी। वर्तमान में चीन राष्‍ट्र से वापस आये हुए व्‍यक्तियों में कोरोना वायरस के लक्षण पाए जाने पर उन्‍हें सम्भावित मांना जाएगा।

संवेदीकरण के दौरान जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह, प्रभारी जिला स्‍वास्‍थ्‍य शिक्षाधिकारी डॉ वेद प्रकाश यादव, इपिडेमियोलाजिस्‍ट डॉ मुबारक अली, मुख्‍य चिकित्‍सा अधीक्षक संयुक्‍त जिला चिकित्‍सालय डॉ वाईपी सिंह के साथ ही जिले के समस्‍त चिकित्‍सालयों के अधीक्षक व प्रभारी चिकित्‍साधिकारी उपस्थित रहे।

रैपिड रिस्‍पांस टीम का गठन
सीएमओ डॉ हरगोविन्‍द सिंह ने कोरोना वायरस को लेकर एक रैपिड रिस्‍पांस टीम का गठन किया है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ ए के सिन्‍हा इस टीम के प्रमुख होंगे। टीम में एसीएमओ वेक्‍टर वार्न डॉ वी पी पाण्‍डेय, पैथालॉजिस्‍ट डॉ रामानन्‍द, फिजीशियन डॉ एस डी ओझा, विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के सर्विलांस मेडिकल आफिसर व डॉ मुबारक अली, एपीडेमियोलाजिस्‍ट ( महामारी रोग विशेषज्ञ ) शामिल हैं।

नहीं है दवा, लक्षण के आधार पर इलाज
एपीडेमियोलाजिस्‍ट डॉ मुबारक अली ने बताया कि कोरोना की कोइ दवा नहीं है। बीमार आदमी के शरीर के अन्‍दर व्‍याप्‍त लक्षणों के आधार पर ही इलाज किया जाता है। मसलन अगर संक्रमित व्‍यक्त्‍िा को बुखार है तो बुखार का, सर्दी हे तो सर्दी की दवा दी जाती है।  अलग से इसकी कोई भी दवा नहीं है।

संक्रमण के खतरे को कम करने के उपाय
इसके बारे में एसीएमओ वेक्‍टर बार्न डॉ वीपी पाण्‍डेय ने बताया कि सक्रमण के खतरे को कम रने के लिए अपने हाथ साबुन और पानी या अल्‍कोहल युक्‍त हैण्‍ड रब से धुलें। खांसते और छींकते हुए अपने नाक और मुंह को टिश्‍यूपेपर या मुड़ी हुई कुहनी से ढंके। जिन्‍हें सर्दी या फ्लू के लक्षण हों, उनसे करीबी सम्‍पर्क बनाने से बचें। मीट और अण्‍डे को अच्‍छे से पकाएं। जंगली और खेतों में रहने वाले जन्‍तुओ यथा मुर्गी, सूअर और चमगादड़ों आदि के साथ असुरक्षित सम्‍पर्क न बनाएं ।                              क्‍या होता है आइसोलेसन वार्ड
आइसोलेन वार्ड इसमें संक्रमित मरीजों को रखा जाता है। इस वार्ड में केवल चिकित्‍सक और पैरामेडिकल स्‍टाफ ही जा सकते हैं। ये पूरी तरह से अलग होता है तथा चिकित्‍सक व पैरामेडिकल स्‍टाफ भी इसमें पूरे सुरक्षा उपकरणों के साथ ही जाते हैं।

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