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गोला चौकी प्रभारी प्रतिभा सिंह की सक्रियता से सुसाइड नोट लिखकर निकली छात्रा मिली, परिजनों को किया सुपुर्द (रिपोर्ट- देवीलाल गुप्त)

गोला चौकी प्रभारी प्रतिभा सिंह की सक्रियता से सुसाइड नोट लिखकर निकली छात्रा मिली, परिजनों को किया सुपुर्द

– एसआई प्रतिभा सिंह ने ट्रेन से कटकर आत्महत्या करने जा रही छात्रा को समझा-बुझाकर मनाया, छात्रा गोलाबाजार से हुई बरामद

न्यूज़ केबीएन, संतकबीरनगर : हमेशा अपने सराहनीय कार्यो की बदौलत चर्चा में रहनी वाली तेज तर्रार गोला चौकी प्रभारी प्रतिभा सिंह ने एक छात्रा को आत्महत्या करने से बचा लिया, जिसकी सराहना पुलिस अधिकारी समेत अन्य लोगों ने की है। प्रतिभा सिंह ने ख़लीलाबाद शहर से छात्रा को पकड़कर परिजनों को सौंप दिया है।

जाने क्या है पूरा मामला
परीक्षा की तैयारी में सुस्ती बरतने पर परिजनों की डॉट बोल से क्षुब्ध इंटरमीडिएट की एक किशोरी परीक्षार्थी ने शनिवार को परीक्षा कक्ष में मेज पर सुसाइट नोट रखकर आधे घंटे बाद ही बाहर निकल गई। परीक्षार्थी के अचानक कक्ष से लापता होने पर और सुसाइट नोट मिलने से परीक्षा केंद्र पर हडकंप मच गया। केंद्र व्यवस्थापक और पीड़ित परिजनों की ओर से पुलिस को सूचना दी गई। शनिवार की शाम पॉली में उसकी इंटरमीडिएट जीव विज्ञान की परीक्षा थी। किशोरी परीक्षा केंद्र पर डेढ़ बजे पहुंची और मेज पर सुसाइट नोट रख कर दो बजे ही बाहर निकल गई। कक्ष निरीक्षक ने सुसाइट नोट मिलने पर और परीक्षार्थी के लापता होने की सूचना केंद्र व्यवस्थापक को दिया। उसके बाद लोगों ने पीड़ित परिजनों के साथ ही 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी।

गोला चौकी इंचार्ज प्रतिभा सिंह की सक्रियता से पकड़ी गई छात्रा
सक्रियता के चलते तेज तर्रार महिला पुलिस गोला चौकी इंचार्ज प्रतिभा सिंह ने खलीलाबाद शहर से किशोरी को पकड़ा। पुलिस परीक्षार्थी से पूछताछ करने में जुटी हुई थी। गोला बाजार चौकी इंचार्ज प्रतिभा सिंह ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी इंटरमीडिएट की परीक्षार्थी है। कांटे क्षेत्र में स्थित एक परीक्षा केंद्र पर वह परीक्षा दे रही है।

सुसाइड नोट में क्या लिखा है…….
परीक्षार्थी अपने सुसाइट नोट में लिखी है कि ”आप लोगो को बहुत परेशान किए है और इस बार बहुत ज्यादा, मुझे भी खुद से नफरत हो रही है। इसलिए मैं आप लोगो से दूर जा रही हूं। हमेशा- हमेशा के लिए। भगवान के पास मरने, आप लोग भी यहीं चाहते थे। मुझे खोजने की भी कोशिश मत करिएगा। मैं ऐसी जगह जाकर मरूंगी कि मेरी लाश तक नहीं मिलेगी। आप लोग आराम से हंसी-खुशी रहिएगा।’ अलविदा

क्या कहतीं हैं चौकी इंचार्ज
चौकी प्रभारी ने बताया कि वह ठीक से पढ़ाई लिखाई नहीं करती थी। इसी वजह से परिजन उसे डॉटते रहते थे। आजिज आकर वह ट्रेन से कट कर मरना चाहती थी। परीक्षार्थी को काफी समझाया गया। पीड़ित परिजनों को बुला कर उसे सौंप दिया जाएगा

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