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अनाथ हर्षिता और आयुष के लिए ‘नाथ’ बने डॉ उदय चतुर्वेदी, दी 20 हजार की आर्थिक सहायता ( देवीलाल गुप्‍त की रिपोर्ट )

  • कई बोरा चावल, दाल, आटा, आलू , सब्‍जी व फल आदि पहुंचाया उनके घर
  • तरयापार की 11 साल की हर्षिता व 6 साल के आयुष के दादा की हुई थी मौत
  • मां बाप की मौत पर दादा ही थे बच्‍चों के एकमात्र सहारा, दादी के कन्‍धों पर जिम्‍मेदारी

संतकबीरनगर, न्‍यूज केबीएन ।

तीन दिन पूर्व दादा की मौत के बाद अनाथ हुई महुली थानाक्षेत्र के तरयापार गांव की 11 वर्षीया हर्षिता व 6 साल के आयुष के लिए सूर्या इण्‍टरनेशनल एकेडमी के निदेशक डॉ उदय प्रताप चतुर्वेदी एक बड़ा सहारा बने। डॉ चतुर्वेदी ने उनके घर पहुंचकर 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता के साथ ही कई बोरा राशन और गृहस्‍थी के सामान आदि दिए। साथ ही बच्‍चों की दादी और परिजनों को यह आश्‍वासन दिया कि उनके ब्रह्मभोज के खर्च में जो भी कमी होगी, उसको वे पूरा करेंगे।

महुली क्षेत्र के तरयापारर गांव में अनाथ बच्‍चों को आर्थिक सहायता देते हुए डॉ उदय प्रताप चतुर्वेदी

जिले के महुली थानाक्षेत्र के तरयापार गांव के पाण्‍डेय टोला की निवासी 11 वर्षीया हर्षिता व 6 वर्षीय आयुष के इकलौते सहारा एकमात्र 65 वर्षीय दादा राममिलन पाण्‍डेय की दो दिन पूर्व शुक्रवार को हृदयाघात से मौत हो गई। जबकि 6 वर्ष पूर्व हर्षिता की मां नूतन पाण्‍डेय की उस समय मौत हो गई जब उन्‍होने आयुष को जन्‍म दिया। इसके बाद उनके पिता नितिन उनके सहारा बने। लेकिन डेढ़ साल पूर्व एक मार्ग दुर्घटना में पिता नितिन पाण्‍डेय की भी मौत हो गई। दुखों के सागर में डूबते उतराते बच्‍चों का सहारा इसके बाद उनके दादा राममिलन बने। राममिलन की गत 1 मई को अचानक हृदयाघात से मौत हो गई। सारी जिम्‍मेदारी उनकी बीमार 60 वर्षीया दादी इन्‍द्रावती पाण्‍डेय के उपर दो बच्‍चों की जिम्‍मेदारी आ गई। समाचार पत्र में छपी इस खबर के बारे में जानकारी मिलते ही मानवता की सेवा के लिए निरन्‍तर तत्‍पर रहने वाले सूर्या इण्‍टरनेशनल एकेडमी के निदेशक डॉ उदय प्रताप चतुर्वेदी को हुई तो वे विकल हो गए। उन्‍होंने तुरन्‍त ही वहां के ग्राम प्रधान यादवेन्‍द्र यादव तथा समाचार को प्रकाशित करने वाले यशवन्‍त यादव से कहा कि वे बच्‍चों को सहायता देने के लिए आ रहे हैं। जिला मुख्‍यालय से वे तरयापार गांव पहुंच गए। वहां पर उन्‍होने मासूमों के सिर पर हाथ फेरते हुए तात्कालिक रूप से 20 हजार रूपये की आर्थिक मदद किया। साथ ही कई बोरा चावल, दाल, आटा, आलू , सब्‍जी व फल आदि भी दिया। डा चतुर्वेदी ने बच्चों को भविष्य मे हर संभव मदद का भी भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि इन मासूम बच्चों को किसी भी तरह की समस्या हुई तो वे उन समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। बाद मे डा चतुर्वेदी ने ग्राम प्रधान यादवेश यादव उर्फ झाले यादव पर इन बच्चों की नियमित देख रेख करने की जिम्मेदारी भी दी । डा चतुर्वेदी द्वारा इन मासूमों की मदद मे आगे आने पर तरयापार के साथ ही क्षेत्र के लोगों ने भी उन्हें धन्यवाद दिया। इस दौरान डा चतुर्वेदी के साथ उनकी एकेडमी के वरिष्‍ठ शिक्षक नितेश द्विवेदी, व्यवस्थापक बलराम यादव, चन्‍द्रेश्‍वर सिंह उर्फ गोलू, सुभाष तिवारी, अंकित पाल,  ग्राम प्रधान यादवेश यादव उर्फ झाले यादव, भाजपा के महुली मण्डल अध्यक्ष राजीव गुप्ता, एचआरपीजी कालेज छात्र संघ अध्यक्ष सौरभ सिंह , रविन्द्र यादव, आनन्‍द ओझा, मसलहुद्दीन, सुखई आदि लोग मौजूद रहे।

बच्‍ची हर्षिता से भावनात्‍मक वार्तालाप करते हुए डॉ उदय प्रताप चतुर्वेदी

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