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पहले अनाथ भाई – बहन को दिया सहारा, अब पढ़ाई का भी जिम्‍मेदारी ली चतुर्वेदी परिवार ने ( देवीलाल गुप्‍त की रिपोर्ट )

  • एकमात्र सहारा बने बाबा की मौत के बाद उनके गांव पहुंचे डॉ उदय प्रताप चतुर्वेदी ने उठाया था ब्रहृमभोज का पूरा खर्च
  • अब उनके भाई राकेश चतुर्वेदी के एसआर इण्‍टरनेशनल एकेडमी में निशुल्‍क पठन पाठन करेंगे अनाथ भाई और बहन

संतकबीरनगर, न्‍यूज केबीएन ।

बाबा की मौत के बाद अनाथ हो चुके महुली थानाक्षेत्र के तरयापार गांव के भाई – बहन के बाबा के ब्रह्मभोज की जिम्‍मेदारी निभाने वाले चतुर्वेदी परिवार ने अब उनके पढ़ाई का खर्च भी उठाने का फैसला किया है। बड़े भाई डॉ उदय प्रताप चतुर्वेदी ने जहां परिवार की दीन हीन दशा को देखते हुए ब्रह्मभोज का पूरा खर्च उठाया, वहीं अब उनके छोटे भाई व एसआर इण्‍टरनेशनल एकेडमी के निदेशक राकेश चतुर्वेदी अब उनके जीवन भर पढ़ाई का पूरा खर्च भी उठाएंगे। जनपद में सेवा के लिए पिछले कई दशकों से विख्‍यात चतुर्वेदी परिवार के कार्यों की सभी सराहना कर रहे हैं।

बच्‍चों को एसआर इण्‍टरनेशनल एकेडमी में दाखिला दिलया डॉ उदय पताप चतुर्वेदी ने, साथ में उनके छोटे भाई राकेश चतुर्वेदी

महुली क्षेत्र के ग्राम तरयापार गांव निवासी दो मासूम भाई बहन हर्षिता व आयुष ने अपने माता पिता के बाद गत 30 अप्रैल को आखिरी सहारे वृद्ध दादा को खो दिया । इसके बाद जिला मुख्‍यालय पर स्थित सूर्या इण्‍टरनेशनल एकेडमी के निदेशक डॉ उदय प्रताप चतुर्वेदी ने उनके ब्रह्मभोज का पूरा खर्च उठाया। परिवार को आर्थिक सहायता दी । साथ ही आगे भी हर संभव सहायता देने का आश्‍वासन भी दिया। ब्रह्मभोज बीतने के बाद सूर्या इण्टर नेशनल एकेडमी के निदेशक डॉ उदय प्रताप चतुर्वेदी के निर्देशन में  एसआर इण्टरनेशनल एकेडमी, नाथनगर के निदेशक तथा बालीवाल संघ के जिलाध्‍यक्ष राकेश चतुर्वेदी ने दोनों अनाथ भाई बहनो को अपने संस्थान मे प्रवेश दिलाया। इस दौरान सहायक प्रबन्धक मनोज कुमार पाण्डेय, शिक्षक हरिश्चंद्र यादव, बलराम यादव, कृष्णा मिश्रा, रत्नेश मिश्रा, आदि लोग मौजूद रहे।

दोनो भाई बहनों की कहानी कम दर्दनाक नहीं

महुली क्षेत्र के तरयापार गांव निवासी स्वर्गीय राम मिलन पाण्डेय पुत्र स्वर्गीय राम दरश पांडेय का एक भरा पुरा परिवार था। जिसमें राममिलन पाण्डेय की पत्नी आद्रावती देवी के साथ बेटे नितिन , बहू नूतन, पोती हर्षिता व पोते आयुष से घर भरा हुआ था। कालचक्र के कारण छ वर्ष पूर्व उनके बेटे आयुष के प्रसव के दौरान उनकी बहू नूतन की मौत हो गई थी। इस दु:ख से परिवार उबर ही रहा था कि करीब डेढ़ बर्ष पूर्व बेटे नितिन की धनघटा थाना क्षेत्र के रूपिन  के पास मार्ग दुर्घटना में मौत हो गई थी। जिसके कारण मासूम हर्षिता और आयुष के परवरिश की जिम्मेदारी राममिलन पाण्डेय के सर आ गई थी। गत 30 अप्रैल को दिल का दौरा पड़ने से राममिलन पाण्डेय का निधन हो जाने से दोनों बच्‍चों के सामने कोई सहारा नहीं बचा। दादी आद्रावती देवी का धैर्य भी जबाव देने लगा । इसके बाद सूर्या इण्‍टरनेशनल एकेडमी के निदेशक डॉ उदय प्रताप चतुर्वेदी ने उनके बाबा के ब्रह्मभोज का खर्च उठाने के साथ ही 20 हजार रुपए नकद भी दिया। साथ ही और भी सहायता देने का आश्‍वासन किया था। ब्रहमभोज के बाद डॉ उदय प्रताप चतुर्वेदी के छोटे भाई व एसआर इण्‍टरनेशनल एकेडमी के निदेशक राकेश चतुर्वेदी ने दोनों मासूमों हर्षिता को तीसरी कक्षा और आयुष पाण्डेय को दूसरी कक्षा मे प्रवेश दिलाया। तरयापार के ग्राम प्रधान यादवेश यादव उर्फ झाले यादव ने तरयापार ग्राम पंचायत की तरफ से इस मानवीय पहल के लिए दोनों भाइयों को धन्यवाद दिया।

बच्‍चों से आत्‍मीय लगाव दिखाते हुए डॉ उदय प्रताप चतुर्वेदी ने परखे उनके शैक्षिक गुण

 

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