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इकलौते बेटे की मौत के गम से टूट चुके रामभरत को डॉ उदय चतुर्वेदी ने दिया सहारा (देवीलाल गुप्‍त की रिपोर्ट)

  • सहारा पाकर पूरे परिवार की आखों में भर आए आंसू, ग्रामीणों ने की सराहना
  • 15 हजार नकद तथा, आटा, चावल, आलू, खाद्य तेल तथा अन्‍य सामान दिया

संतकबीरनगर, न्‍यूज केबीएन।

इकलौते बेटे की मौत के गम से टूट चुके मझौवा गांव के निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग रामभरत को सूर्या इण्‍टरनेशनल एकेडमी के निदेशक तथा जिले के गरीबों मजलूमों की सेवा के लिए समर्पित डॉ उदय प्रताप चतुर्वेदी ने उनके घर पहुंचकर सहारा दिया। उन्‍होने परिवार के लिए राशन, तेल, आलू आदि के साथ ही ब्रह्मभोज के लिए 15 हजार रुपए की आर्थिक मदद की। साथ ही जरुरत पड़ने पर और भी सहायता देने का आश्‍वासन दिया। डॉ उदय प्रताप चतुर्वेदी की सहृदयता देखकर परिवार के लोगों के आखों में आसू आ गए, वहीं मझौवा के साथ ही आसपास के गावों के ग्रामीणों ने पहुंचकर उनके इस नेक कार्य की सराहना की।

बुजुर्ग रामभरत के परिवार को सहायता देते हुए डॉ उदय प्रताप चतुर्वेदी

नाथनगर ब्‍लाक क्षेत्र में स्थित मझौवा गांव के निवासी रामभरत के 42 वर्षीय इकलौते पुत्र की मौत के बाद उनके उपर गमों का पहाड़ आ पड़ा। उनके जिम्‍मे बेटे की विकलांग पत्‍नी प्रेमलता, 7 वर्षीया बेटी आंचल, 12 वर्षीय पुत्र रोहित और 8 वर्षीय पुत्र अंकुश के साथ ही खुद की बुजुर्ग पत्नी की भी जिम्‍मेदारी एक साथ आ पड़ी। रामाज्ञा हरिहरपुर नगर पंचायत में जाकर मजदूरी कर रहा था कि मिट्टी के टीले के नीचे दबने से उसकी मौत हो गई। परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्‍य की मौत के बाद परिवार के लोगों के सामने उसके ब्रह्मभोज के साथ ही साथ कठिनाइयों के अनेक पहाड़ एक साथ टूट पड़े। इस बात की जानकारी जब डॉ उदय प्रताप चतुर्वेदी को हुई तो वे तुरन्‍त ही अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। वहां जाकर उन्‍होने परिवार के सदस्‍यों को 15 हजार रुपए नकद तथा 1 क्विंटल आटा, चावल, 1 क्विंटल आलू, चीनी, सरसो का तेल, रिफाइन तेल, मसाले तथा अन्‍य सामान दिया। साथ ही आगे भी सहायता करने का आश्‍वासन दिया। परिवार के बच्‍चों से पूछा कि पढ़ते हैं कि नहीं, तो परिवार के सभी बच्‍चों ने बताया कि वे नहीं पढ़ते हैं। इसके बाद उन्‍होने कहा कि पढ़ो और जो भी खर्च होगा उसकी व्‍यवस्‍था की जाएगी। उनके मौके पर पहुंचने की सूचना पाकर आसपास के ग्रामीण भी वहां पहुंच गए थे। उनके पहुंचने की जानकारी पाकर मौके पर भारी भीड़ एकत्रित हो गई थी। लोगों ने उनके इस कार्य की सराहना की।

पीडि़तों की सेवा सभी का धर्म – डॉ उदय प्रताप चतुर्वेदी

इस दौरान डॉ उदय प्रताप चतुर्वेदी ने कहा कि पीडि़तों की सेवा करना हम सभी लोगों का धर्म होना चाहिए। सभी लोगों को इस बात के लिए हमेशा तत्‍पर रहने की जरुरत है। विपत्ति किसी के भी उपर आ सकती है। इसलिए जरुरी है कि सभी लोग विपत्तियों से लड़ने में पीडि़तों की सहायता करें। जिले में या क्षेत्र में किसी के उपर कोई विपत्ति आती है तो हम हर समय तैयार रहेंगे।

सहायता प्रदान करते हुए टीम के अन्‍य सदस्‍य

टीम के लोगों ने भी दी परिवार को सहायता

कार्यक्रम के दौरान लोगों की आखों में आंसू आ गए। इस दौरान उन्‍होने भी यथा संभव परिवार के लोगों को आर्थिक सहयोग किया। उनकी टीम में युवा समाजसेवी दानिश खान, अरशद खान मयंक सिंह, अंकित पाल, गोलू वर्मा, आनन्‍द ओझा, आलोक उपाध्याय, बलराम यादव, सुभाष तिवारी के साथ ही अन्‍य लोग शामिल थे।

खेतों में होकर पहुंचे पीडि़त के घर

पीडित रामभरत के घर को जाने वाला रास्‍ता संकरा तथा लंबा था। लोग उन्‍हें उस रास्‍ते लेकर जा रहे थे। लेकिन अपने मन के राजा और जमीनी स्‍तर पर आकर लोगों की मदद करने वाले डॉ उदय चतुर्वेदी अपने जूतों और कपड़ों की परवाह किए बगैर खेतों में ही उतर गए। इसके बाद टीम के सभी सदस्‍य भी खेतों के ही रास्‍ते पीडि़त के घर पहुंचे।

 

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