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प्राण प्रतिष्‍ठा कार्यक्रम में पहुंचे डॉ उदय चतुर्वेदी ने हनुमान जी को बताया ‘संकटमोचन’ ( देवीलाल गुप्‍त की रिपोर्ट )

– डुमरी में स्थित मन्दिर में हुई श्री राम भक्‍त हनुमान जी के मूर्ति की प्राण प्रतिष्‍ठा

– राक्षसों का नाश करके समाज में समरसता फैलाई थी वीर हनुमान ने

संतकबीरनगर, न्‍यूज केबीएन ।

सामाजिक समरसता स्‍थापित करने के साथ ही धार्मिक और सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्‍सा सूर्या इण्‍टरनेशनल सीनियर सेकेण्‍डरी एकेडमी के निदेशक डॉ उदय प्रताप चतुर्वेदी ने हरिहरपुर के डुमरी गांव में स्थित पवनसुत मन्दिर में संकटमोचन श्री हनुमान जी के मूर्ति की प्राण प्रतिष्‍ठा में विशेष भक्‍त के रुप में शामिल हुए।

डुमरी स्थित श्री हनुमान जी के मन्दिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्‍ठा के अवसर पर पहुंचे डॉ उदय प्रताप चतुर्वेदी व अन्‍य

इस दौरान डॉ उदय प्रताप चतुर्वेदी ने कहा कि श्री हनुमान जी सभी के दुखों को हरने वाले तथा संकटमोचन हैं। उनके पदचिन्‍हों पर चलकर ही समाज को विभिन्‍न संकटों से बचाया जा सकता है। भगवान श्रीराम के अनन्‍य भक्‍त श्री हनुमान जी ने त्रेतायुग मे बुराईयों, निर्बलों के उत्पीड़न और राक्षसी प्रवृत्ति के समूल को नष्ट करके धर्म और शास्त्र की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया था। आज समाज मे बढ रही इन्हीं प्रवृत्तियों को दूर करने के लिए उनके भक्तों उनके ही पदचिन्हों पर चलने की शपथ लेनी होगी। पूजा और श्रद्धा अपने आराध्य के सत्कर्मों को खुद के भीतर आत्मसात् करने का माध्यम होती है। खुद को तपा कर वीर हनुमान से प्रेरणा लेकर ही हम उनके प्रति अपनी आस्था का प्रमाण प्रस्तुत कर सकते हैं। डा चतुर्वेदी ने आज के परिवेश मे फैली बुराईयों को राक्षसी प्रवृत्ति का द्योतक बताते हुए मौजूद जन मानस से इसके खिलाफ वीर हनुमान के विचारों के साथ चल कर समाज को नई दिशा देने की अपील किया। इससे पहले वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बजरंगबली की प्रतिमा स्थापित करके प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को संपन्न किया गया। इस दौरान बसपा नेता नित्यानंद यादव, प्रबंधक परमात्मा पाण्डेय, कपिलदेव यादव उस्ताद, बलराम यादव, रविन्द्र यादव सहित खजुहा, डुमरी, नैनाझाला आदि गांवों के सैकडों ग्रामीण मौजूद रहे।

मूर्ति प्राण प्रतिष्‍ठा स्‍थल पर जाते हुए डॉ उदय प्रताप चतुर्वेदी तथा अन्‍य लोग

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