Breaking News

सीबीएसई 12 वीं का जिला टापर भी SURYA एकेडमी का तुषार था BLOOMING का सूर्यांश नहीं

  • एकेडमी के 95.2 प्रतिशत अंक प्राप्‍त करने वाले सूर्यांश शुक्‍ला का 97 प्रतिशत अंक बताकर घोषित कर दिया जिला टापर

  • SURYA के तुषार पाण्‍डेय को 96 प्रतिशत अंक, एकेडमी प्रबन्‍धन ने निकाली सूची , तो पूरा मामला आया सामने

संतकबीरनगर, न्‍यूज केबीएन ।

सीबीएसई बोर्ड की 12 वीं के संतकबीरनगर जनपद के टापरों को लेकर नया खुलासा हुआ है। मीडिया संस्‍थानों में  जिला मुख्‍यालय पर स्थित ब्‍लूमिंग बड्स सीनियर सेकेण्‍डरी एकेडमी के जिस छात्र सूर्यांश शुक्‍ला को 97 प्रतिशत अंक पाकर जिला टापर बताया गया था, उसे मात्र 95.2 प्रतिशत ही अंक प्राप्‍त हुए थे। सूर्या इण्‍टरनेशनल सीनियर सेकेण्‍डरी के 96 प्रतिशत अंक प्राप्‍त करने वाले तुषार पाण्‍डेय का कहीं कोई स्‍थान हीं नहीं था।

विगत 13 जुलाई को सीबीएसई बोर्ड ने 12 वीं का रिजल्‍ट घोषित किया । इसमें जिले के विभिन्‍न स्‍कूलों के छात्र छात्राओं ने बेहतर अंकों से परीक्षा उत्‍तीर्ण की। सीबीएसई से जुड़े हुए सभी शिक्षण संस्‍थानों ने भी अपनी विज्ञप्ति जारी की और खुद के छात्र छात्राओं के रिजल्‍ट जारी किए। मीडिया संस्‍थानों को ब्‍लूमिंग बड्स एकेडमी से जो सूची जारी की गई थी उसमें सूर्यांश शुक्‍ला को 95.2 प्रतिशत अंक मिले थे, उसके अंक 97 प्रतिशत बताए गए थे। जिस अमन चौरसिया को 95.6 प्रतिशत अंक मिले थे उसका अंक 96 प्रतिशत बताया गया। जिस कुमकुम सिंह को 94.8 प्रतिशत अंक मिले थे उसको 95 प्रतिशत लिखा गया। जिस अदिती मौर्या को 94.2 प्रतिशत अंक मिले थे उसको 95 प्रतिशत बताया गया था। शालिनी निषाद को 94.6 प्रतिशत अंक मिले थे उसे 95 प्रतिशत बताया गया। शुभम राय को 92.8 प्रतिशत अंक मिले थे लेकर 93 प्रतिशत बताया गया। इसी तरह से अन्‍य छात्राओं के अंक भी बताए गए थे। यही विभिन्‍न समाचार माध्‍यमों के जरिए प्रसारित भी हो गया। 14 जुलाई को प्रकाशन के बाद सूर्या इण्‍टरनेशनल एकेडमी के प्रबन्‍ध तन्‍त्र ने देखा कि उनके छात्र – छात्राओं की प्रतिभा के कहीं दर्शन भी नहीं हो रहे थे। जबकि उनके छात्रों ने मेहनत भी की थी और यह भी बताया था कि उनके ही एकेडमी से टापर मिलेंगे। इसके बाद प्रबन्‍ध तन्‍त्र ने जब एकेडमी के प्रधानाचार्य से इस बारे में बात की तो उन्‍होने कहा कि हमारे शिक्षकों को भी इस बात पर काफी आश्‍चर्य हो रहा है। हमें बच्‍चों की मेहनत पर पूरा विश्‍वास है। अभी इस बात की उधेड़ बुन चल रही थी कि प्रधानाचार्य ने कहा कि ब्‍लूमिंग बड्स एकेडमी का पूरा रिजल्‍ट ही डाउनलोड कर लेते हैं। उनके पास सभी के रोल नम्‍बर भी थे, क्‍योंकि सेण्‍टर उन्‍ही के यहां आया हुआ था। रोल नम्‍बर के हिसाब से जब टापर सूर्यांश शुक्‍ला का रिजल्‍ट निकाला गया तो देखा कि उसे 97 प्रतिशत अंक नहीं बल्कि 95.2 प्रतिशत अंक प्राप्‍त हुए है। इसी तरह से अन्‍य छात्रों का आनलाइन रिजल्‍ट निकाला गया तो सारी सच्‍चाई ही सामने आ गई और इस झूठ का खुलासा हुआ।

इस सम्‍बन्‍ध में मीडिया के लोगों को जब जानकारी हुई तो उन्‍होने एकेडमी के प्रबन्‍ध तन्‍त्र को आड़े हाथों लिया तथा उन्‍हें खरी खोटी भी जमकर सुनाई। इस बात के लिए प्रतिरोध भी किया कि आखिर उनको क्‍यों भ्रम में रखकर ऐसा काम कराया गया। मीडिया के सवालों से बचने के लिए ब्‍लूमिंग बड्स एकेडमी का प्रबन्‍ध तन्‍त्र ने इस जिम्‍मेदारी से यह कहकर पल्‍ला झाड़ लिया कि यह मानवीय भूल और लिपिकीय त्रुटि है, लेकिन सूर्या एकेडमी के शिक्षकगण यह कह रहे हैं कि यह जानबूझकर सूर्या एकेडमी के मेधावी छात्रों का मनोबल तोड़ने के लिए ऐसा किया गया है।

काले और लाल घेरे में ब्‍लूमिंग बड्स के द्वारा जारी की गई विज्ञप्ति जिसमें यह साफ देखा जा सकता है कि ह्वाइटनर लगाकर सारी सूचनाएं फिर से भरी गई हैं ।

फिलहाल जो भी हो लेकिन मीडिया को गलत जानकारी देकर ब्‍लूमिंग बड्स के प्रबन्‍धन के द्वारा किया गया यह कृत्‍य कतई शोभनीय नहीं है। संस्‍थानों के बीच प्रतिस्‍पर्धा होना बहुत ही आवश्‍यक है, लेकिन यह प्रतिस्‍पर्धा पूरी तरह से स्‍वच्‍छ और स्‍वस्‍थ होनी चाहिए। इस तरह के कृत्‍य से जहां खुद की गरिमा प्रभावित होती है, वहीं छात्र छात्राओं और उनके अभिभावकों के साथ भी धोखाधड़ी ही होती है।

 

इण्‍टरनेट का बहाना बनाकर बच रहे ब्‍लूमिंग के प्रधानाचार्य

इस बात का जब खुलासा हुआ और ब्‍लूमिंग बड्स प्रबन्‍धन तक यह जानकारी पहुंची तो वहां के प्रधानाचार्य अजय भारद्वाज ने अपना बयान जारी किया और कहा कि 13 जुलाई को जिस समय रिजल्‍ट घोषित किया गया था, उस समय सीबीएसई के सर्वर में प्राब्‍लम आ गई थी। इसलिए बच्‍चों से पूछा गया तो उन्‍होने जो बताया वहीं एकेडमी के कर्मचारियों ने लिखकर जारी कर दिया। लेकिन सवाल यह उठता है कि जो बात कन्‍फर्म नहीं है उसे कैसे लिखा जा सकता है। प्रबन्‍धन आखिर इन सवालों से क्‍यों बच रहा है।

वीडियों में देखिए क्‍या स्‍पष्‍टीकरण दे रहे हैं ब्‍लूमिंग बड्स एकेडमी के प्रधानाचार्य……..

अब भी ये प्रश्‍न हैं अनुत्‍तरित

क्‍या ब्‍लूमिंग प्रबन्‍धन ने अभिभावकों को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए अपने छात्रों के अंक बढ़ाकर उनको टापर बना दिया था।

क्‍या ब्‍लूमिंग प्रबन्‍धन की यह मानवीय भूल थी, अगर मानवीय भूल थी तो पुराने अंकों पर ह्वार्इटनर लगाकर नम्‍बर क्‍यों बढ़ाए गए।

मीडिया के लोगों को विश्‍वास में लेकर इस तरह का भ्रम आखिर क्‍यों फैलाया गया, मीडिया का विश्‍वास चूर चूर क्‍यों कर दिया गया।

क्‍या इस तरह के कृत्‍य से भ्रामक प्रचार नहीं होगा और उन छात्र छात्राओं के भविष्‍य के साथ खिलवाड़ नहीं होगा जो मेहनत में विश्‍वास करते हैं।

मीडिया के उपर जब लोग उंगली उठाएंगे तो आखिर इसके लिए जिम्‍मेदार कौन होगा, मीडिया संस्‍थान या फिर एकेडमी का प्रबन्‍धन ।

क्‍या यह कार्य जानबूझकर किया गया, या फिर किसी मिलीभगत का नतीजा है , इसका जबाव आखिर कौन देगा, जिसने लिखा या जिसने विज्ञप्ति जारी की।

 

-----
लिंक शेयर करें