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कोरोना काल में जिले में हुए 4907 संस्थागत प्रसव  ( देवीलाल गुप्‍त की रिपोर्ट )

–    सेमरियांवा ब्‍लॉक क्षेत्र में सबसे अधिक 834 प्रसव हुए
–    प्रसव के लिए सीएचसी, पीएचसी, जिला अस्‍पताल व स्‍वास्‍थ्‍य उपकेन्‍द्रों का लाभार्थियों ने किया चुनाव

संतकबीरनगर, 28 जुलाई 2020 ।

कोरोना काल में जिले में ओपीडी तो बन्‍द रही, लेकिन अन्‍य आवश्यक सेवाएं कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए जारी रहीं। इस दौरान जनपद में कुल 4907 संस्थागत प्रसव हुए। ओपीडी की बन्‍दी के तीन महीने अप्रैल, मई और जून में प्रसव का कार्य पूरी तन्‍मयता से किया। कोविड काल में सेमरियांवा क्षेत्र में सबसे अधिक प्रसव हुए।

एसीएमओ आरसीएच डॉ. मोहन झा ने बताया कि कोविड 19 के इस दौर में जिले की स्‍वास्‍थ्‍य इकाईयों में तकरीबन 3 माह तक ओपीडी बन्‍द रही। लेकिन इस बीच सीएचसी खलीलाबाद तथा समय – समय पर हाट स्‍पाट एरिया के अन्‍तर्गत आने वाले उपकेन्‍द्रों को छोड़कर हर प्रसव केन्‍द्र पर संस्थागत प्रसव की सुविधा लाभार्थियों को दी जाती रही । सभी एएनएम और अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों ने कोविड-19 प्रोटोकाल को मेण्‍टेन करते हुए यह कार्य किया है। खलीलाबाद मेन सेण्‍टर की एएनएम सोनम बताती हैं कि चूंकि अधिकतर अस्‍पताल बन्‍द चल रहे थे। इसलिए स्‍वास्‍थ्‍य उपकेन्‍द्रों पर आने वाली महिलाओं का प्रसव को हम लोगों ने चुनौती के रुप में लिया और गर्भवती महिलाओं के संस्‍थागत प्रसव पर जोर दिया।

जिले में अच्छी प्रगति रही

जिला कार्यक्रम प्रबन्‍धक ( डीपीएम ) विनीत श्रीवास्‍तव बताते हैं कि वर्ष 2020 में कोविड काल के दौरान अप्रैल, मई व जून में कुल 4907 प्रसव हुए हैं। यह एक अच्‍छी उपलब्धि कही जाएगी। कण्‍टेनमेण्‍ट जोन तथा हाट स्‍पाट एरिया में स्थित स्‍वास्‍थ्‍य इकाईयां भी बन्‍द रहीं। उस लिहाज से यह एक बेहतर उपलब्धि कहीं जाएगी। पिछले वर्ष 2019 में इन तीन महीनों में प्रसव 5060 हुए थे। उस दौरान स्थितियों सामान्‍य थी। कोई भी प्रसव इकाई बन्‍द नहीं थी ।

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