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उपन्‍यासकार वेद प्रकाश शर्मा का निधन

मेरठ. मशहूर उपन्यासकार वेदप्रकाश शर्मा का मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित आवास पर निधन हो गया। वे 62 साल के थे। वे लंबे समय से कैंसर से बीमार थे। शन‍िवार को उनका अंति‍म संस्कार होगा। आमिर खान ने उनसे एक फिल्म के लिए स्क्रिप्ट लिखने की रिक्वेस्ट की थी और वे उस पर काम कर रहे थे।
कुल 176 उपन्यास लिखे थे…
वेदप्रकाश ने 176 नॉवेल लिखे। उन्होंने करीब आधा दर्जन फिल्मों की स्क्रिप्ट ल‍िखी थी। उनके नॉवेल ‘कैदी नंबर 100’ की 2,50,000 कॉपियां छपीं थी। 1985 में उन्होंने अपना अपना पब्लिकेशन तुलसी पॉकेट बुक्स शुरू किया था। सबसे ज्यादा लोकप्रियता उन्हें 1993 में ‘वर्दी वाला गुंडा’ से मिली। बताया जा रहा है कि इस उपन्यास कि 8 करोड़ से ज्यादा प्रतियां बिक चुकी हैं। मेरठ आए आमिर खान की जब शर्मा से मुलाकात हुई थी, तो उन्होंने एक फिल्म के लिए स्क्रिप्ट लिखने की रिक्वेस्ट की थी और वे उस पर काम कर रहे थे।
‘लल्लू’ पर बनी फिल्म सबसे बड़ा खिलाड़ी
वेदप्रकाश शर्मा ने कई फिल्मों के लिए कहानियां लिखीं।उनके उपन्यास ‘लल्लू’ पर फिल्म ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’ बनी।फिल्म इंटरनेशनल खिलाड़ी की कहानी भी वेदप्रकाश ने ही लिखी थी।शर्मा के उपन्यास छोटे पर्दे पर सीरियल के रूप में भी सामने आए।
कौन थे वेदप्रकाश शर्मा?
6 जून 1955 को बिहरा (बुलंदशहर) में पैदा हुए शर्मा ने एनएएस बीए और एलएलबी किया। उनके उपन्यास पर बनी पहली फिल्म बहू की आवाज (1985) थी। उनका पहला नॉवेल दहकता शहर 1973 में आया था। शर्मा की पसंदीदा लेखकों-रचनाओं में मुंशी प्रेमचंद और उनकी नशा, पूस की रात, गोदान, दो बैलों की कथा थीं। उनके परिवार में पत्नी मधु, तीन विवाहित बेटियां, एक बेटा और बहू हैं।

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