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गुजरात के गदहाें का प्रचार न करें अमिताभ बच्‍चन: अखिलेश यादव

लखनऊ. अखिलेश यादव ने गुजरात टूरिज्म को प्रमोट करते अमिताभ बच्चन के एक टीवी कमर्शियल के बहाने नरेंद्र मोदी पर चुटकी ली। सोमवार को रायबरेली के ऊंचाहार में एक रैली में उन्होंने कहा, ”एक गधे का विज्ञापन आता है। मैं इस सदी के सबसे बड़े महानायक (अमिताभ) से कहूंगा कि आप गुजरात के गधों का प्रचार मत कीजिए। जिन्होंने ऐड देखा होगा वो जानते होंगे। कभी गधों का भी प्रचार होता है क्या? गधों का भी विज्ञापन आने लगेगा तो क्या होगा?” बता दें, अमिताभ गुजरात टूरिज्म के एम्बेस्डर हैं। इसके लेटेस्ट ऐड में अमिताभ बच्चन अहमदाबाद के नजदीक मौजूद वाइल्ड एेस पार्क को प्रमोट करते नजर आते हैं। इस वाइल्ड पार्क में 4500 गधे हैं।
गुजरात टूरिज्म के ऐड में क्या कहते हैं अमिताभ…

करीब एक मिनट के ऐड में अमिताभ को यह कहते हुए सुना जा सकता है, ”अगली बार कोई आपको गधा कहे तो बिल्कुल बुरा मत मानिएगा, बल्कि उसे थैंक यू कहिएगा। मैं बताता हूं क्यों? गुजरात का सरताज, इंडियन वाइल्ड ऐस। ये जनाब पूरी दुनिया में सिर्फ यहीं मिलेंगे। अहमदाबाद से डेढ़ घंटे दूर। गुजरात की वाइल्ड एस सेन्चुरी। महीनों हो गए इन्हें नहाए हुए, लेकिन दिखते हैं एकदम नीट एंड क्लीन। ये वो शहर वाला गधा नहीं है जो सड़क पर खड़ा कोई बात सोचता रहता है। इनके पास खड़े होने और सोचने की फुर्सत कहां। 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से भागते हैं ये भाई साहब। बड़ा हैंडसम जानवर हैं। सर्वगुण सपन्न। ऐसा गधा जो सारे गधों का नाम रोशन कर रहा है। ऐसे 4500 हैं यहां और खूब फल-फूल रहे हैं गुजरात के आंगन में। तो याद रहे गधा कोई गाली नहीं, तारीफ की थाली है।”

मोदी कसम खाकर बताएं काशी में बिजली आती है या नहीं : अखिलेश
अखिलेश ने कहा, “मोदी कहते हैं कि गंगा मैया ने मुझे गोद लिया है। उन्हें कसम खाकर बताना चाहिए कि काशी में 24 घंटे बिजली आती है या नहीं। बीजेपी के बुजुर्ग विधायक श्यामराव देव चौधरी के धरने के बाद हमने बनारस में 24 घंटे बिजली दी। प्रशासन के लोगों ने कहा था कि चौधरीजी का कुछ कीजिए, वो काफी बुजुर्ग हैं। कई बार मोदीजी की मन की बात सुन ली। वे काम की बात कब करेंगे। “समाजवादियों ने बहुत काम किया है। आने वाले समय में और काम करेंगे। बता दें कि मोदी ने रविवार को यूपी में रैली में कहा था कि यूपी में बिजली नहीं आती।
बब्बर शेरों के इटावा लाए जाने पर मोदी ने किया था कमेंट
पिछले साल नरेंद्र मोदी ने अखिलेश यादव पर कमेंट करते हुए कहा था, ”यूपी में जो शेरों को ले जाते हैं, वो भी हमारे गुजरात से हैं। उनको भी यूपी के सीएम सही से रख नहीं पा रहे हैं। उनसे गुजरात के दो शेर नहीं संभल रहे हैं, वो प्रदेश को क्या संभाल पाएंगे? इसके जवाब में अखिलेश यादव ने कहा था, ”हमने गुजरात के इन शेरों के लिए अमेरिका से अच्छे एक्सपर्ट डॉक्टर्स की टीम को बुलाया है। हमें मालूम है कि शेरों को कैसे रखा जाता है। गौरतलब है कि गुजरात से लाए गए शेरों की तबियत खराब होने पर अखिलेश यादव ने अमेर‍िका से डॉक्टर्स की टीम को बुलाया था। मुलायम स‍िंह ने भी नरेंद्र मोदी से मांग करते हुए कहा था कि हमें एक जोड़ी शेर और दीजिए। 2012 में गुजरात सरकार ने इटावा लॉयन सफारी के लिए तीन शेर (1 नर और 2 मादा) दिए थे। इसके पहले गुजरात से लाए गए शेर विष्णु और शेरनी लक्ष्मी की यहां मौत हो चुकी थी। इसके अलावा बीते दिनों एक और शेरनी के पांच शावक भी जन्म के बाद एक-एक कर इटावा लॉयन सफारी में मर गए थे।
एक्सपर्ट बोले- अखिलेश की पर्सनैलिटी से मैच नहीं खाते ऐसे कमेंट्स
पॉलिटिकल एक्सपर्ट श्रीधर अग्निहोत्री ने कहा, ”इस तरह की बातें सीएम की कुर्सी पर बैठे व्यक्ति को नहीं शोभा देतीं। जैसी पर्सनैलिटी अखिलेश यादव की रही है, उससे ये बातें मैच नहीं खाती हैं। हो सकता है कि अखिलेश इसे चुनाव में एक हथियार की तरह इस्तेमाल करें, लेकिन ये बातें उन पर भारी पड़ जाएंगे। अखिलेश यादव को इससे नुकसान ही होगा। वे पूरी तरह से हताश दिखाई दे रहे हैं। इससे पहले आजम खान इस तरह की बातें करते रहे हैं, लेकिन उनकी बातों का असर बहुत ज्यादा नहीं होता है।”
अखिलेश की पॉजिटिव बातों को लोग सुनते हैं
सीनियर जर्नलिस्ट और पॉलिटिकल एक्सपर्ट राजेश शुक्ला ने कहा, ”इस तरह के बयान से अखिलेश यादव को बचना चाहिए। अगर वे पॉजिटिव बातें करते हैं तो लोग उन्हें सीरियसली सुनते हैं। इसकी वजह है कि उनकी इमेज पब्लिक में एक पोलाइट नेता की है। ऐसी बयानबाजी करके वे अपनी साफ सुथरी इमेज को ही खराब कर रहे हैं। अभी तक उनका स्टैंड पब्लिक में ठीक है, इसीलिए मुकाबला त्रिकोणीय दिख रहा है। इसके पहले 19 फरवरी को सपा नेता राजेंद्र चौधरी ने पीएम मोदी को आतंकवादी कहा था। ऐसे में इस तरह की बातों से अखिलेश की पार्टी में हताशा दिखाई पड़ रही है।”

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